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Indira Gandhi Is Maimoona Beegum Shastri Murder Mitrokhin Archive


Ramani's blog

I have posted articles on the shenanigans of the Congress Party, starting from Motilal Nehru,their family tree,Corruption by the family,Bofors,Swiss accounts,Sonia Gandhi and Rahul Gandhi being paid by the KGB, not to speak about 2G scam.

Add LN Mishra’s Murder, Purulia Arms Drop Nagavala Case where the CBI investigating officer Raghavan was murdered.

Then Sanjay Gandhi Murder.

Sonia Gandhi with Indra Gandhi's Photo.jpg Sonia Gandhi with Indra Gandhi’s Photo.

Now the famous or infamous, depends on your perspective, Mitrokin archives have been made Public by the Russian Government.

Read a sample and follow the Links for detail.

Some patriot, some ma Durga! “Durga Courtesy Vajpayee)

“Pages from the Book ‘The Mitrokhin Archive II: The KGB and the World shows that Indira Gandhi alias Maimoona Beegum was on the payroll of KGB. The whole nation was on the payroll of KGB and even ISI. Indira was put in place by murdering Lal Bahadur…

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Posted in काश्मीर - Kashmir

Kasmir


Latest trick in the book by the terrorist group Lashkar-e-Tayaba; It’s asked its cadres to claim their age as below 18 years if they’re caught by our security personnel. Two benefits they hope to gain from this : 
1) Their young cadres can get involved in acute terrorist activities without the fear of a harsh punishment. Thus a larger number of ‘recruits’. 
2) If injured physically, they always have the leftist media to show it as atrocities by Indian security personnel on ‘little kids’. Just like they’re showcasing ‘atrocities’ on Gaza.

They can hope to do this because this country is full of communists who will jump to their defence at the drop of a hat. Why, they even signed mercy plea for Kasab and Afzal. Why would they hesitate to defend a ‘juvenile’ terrorist ?

Latest trick in the book by the terrorist group Lashkar-e-Tayaba; It's asked its cadres to claim their age as below 18 years if they're caught by our security personnel. Two benefits they hope to gain from this : 
1) Their young cadres can get involved in acute terrorist activities without the fear of a harsh punishment. Thus a larger number of 'recruits'. 
2) If injured physically, they always have the leftist media to show it as atrocities by Indian security personnel on 'little kids'. Just like they're showcasing 'atrocities' on Gaza.

They can hope to do this because this country is full of communists who will jump to their defence at the drop of a hat. Why, they even signed mercy plea for Kasab and Afzal. Why would they hesitate to defend a 'juvenile' terrorist ?
 
Posted in रामायण - Ramayan

अयोध्या बाबरी ढांचा


अयोध्या बाबरी ढांचा ध्वंस मामलाः जय भगवान गोयल समेत 6 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

अयोध्या के बाबरी विवादित ढांचा ध्वंस से जुड़े एक आपराधिक मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने भाजपा नेता Jai Bhagwan Goyal – जयभगवान गोयल, सांसद साक्षी महाराज, ब्रजभूषण शरण सिंह, पूर्व विधायक पवन पांडेय, सहित छह लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी।

विशेष न्यायाधीश शशिमौलि तिवारी की अदालत के समक्ष साक्ष्य देने के लिए एक अंग्रेजी दैनिक के फोटोग्राफर प्

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अयोध्या बाबरी ढांचा ध्वंस मामलाः जय भगवान गोयल समेत 6 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

अयोध्या के बाबरी विवादित ढांचा ध्वंस से जुड़े एक आपराधिक मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने भाजपा नेता Jai Bhagwan Goyal - जयभगवान गोयल, सांसद साक्षी महाराज, ब्रजभूषण शरण सिंह, पूर्व विधायक पवन पांडेय, सहित छह लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी। 

विशेष न्यायाधीश शशिमौलि तिवारी की अदालत के समक्ष साक्ष्य देने के लिए एक अंग्रेजी दैनिक के फोटोग्राफर प्रवीण जैन तथा रोहतक (हरियाणा) से आए विजेंद्र सिंह उपस्थित थे। कोर्ट ने जिन आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, उनकी ओर से यद्यपि हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन उनके अधिवक्ता के उपस्थित न होने के कारण अदालत ने हाजिरी माफी अर्जी को खारिज कर दिया। जिन दो अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश जारी किया गया है, उनमें अमरनाथ गोयल और रामचंद्र खत्री शामिल हैं।

||जय श्री राम||

NEWS LINKS:

http://epaper.jagran.com/ePaperArticle/15-jul-2014-edition-Delhi-City-page_1-20133-5824-4.html

http://zeenews.india.com/hindi/news/state/babri-demolition-case-non-bailable-warrants-against-2-bjp-mps/228049

http://abpnews.abplive.in/ind/2014/07/15/article362924.ece/Non-bailable-warrants-issued-against-BJP-MPs-in-Ayodhya#.U8TXAqh3hMM

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-hearing-of-ayodhya-issue-11474803.html

http://www.ndtv.com/article/india/non-bailable-warrants-against-bjp-lawmakers-in-ayodhya-demolition-558501
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1400 साल पहले यहूदियों


 
1400 साल पहले यहूदियों की धरती को हतिया लिया गया था आज यहूदी अपनी धरती वापस ले रहा है.....इजराइल अपने देश की जनता की सुरक्षा करना जानता है................ यहूदी धर्म का इतिहास करीब 4000 साल पुराना है । इस धर्म का इतिहास मिस्र के नील नदी से लेकर वर्तमान इराक़ के दजला-फुरात नदी के बीच आरंभ हुआ और आज का इसरायल एकमात्र यहूदी राष्ट्र है ।

यहूदी परम्परा के अनुसार, पहले यहूदी मिस्र के फराओं के अन्दर गुलाम होते थे । बाद में मूसा के नेतृत्व में वे इसरायल आ गए । ईसा के 1100 साल पहले जैकब के 12 संतानों के आधार पर अलग-अलग यहूदी कबीले बने । ये दो खेमों में बँट गए - एक, जो 10 कबीलों का बना था इसरायल कहलाया और दो, जो बाकी के दो कबीलों से बना था वो जुडाया कहलाया । 10 कबीलों वाले इसरायल का क्या हुआ इसका पता नहीं है । जुडाया पर बेबीलन का अधिकार हो गया । बाद में ईसापूर्व सन् 800 के आसपास यह असीरिया के अधीन चला गया । फ़ारस के हखामनी शासकों ने असीरियाइयों को ईसापूर्व 530 तक हरा दिया तो यह क्षेत्र फ़ारसी शासन में आ गया । इस समय जरदोश्त के धर्म का प्रभाव यहूदी धर्म पर पड़ा । यूनानी विजेता सिकन्दर ने जब दारा तृतीय को ईसापूर्व 330 में हराया तो यह यहूदी ग्रीक शासन में आ गए । सिकन्दर की मृत्यु के बाद सेल्यूकस के साम्राज्य और उसके बाद रोमन साम्राज्य के अधीन रहने के बाद ईसाइयत का उदय हुआ । इसके बाद यहूदियों को यातनाएं दी जान लगी । सातवीं सदी में इस्लाम के उदय तक उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा । उसके बाद तुर्क, मामलुक शासन के समय इनका पलायन इस क्षेत्र से आरंभ हुआ । बीसवीं सदी के आरंभ में कई यहूदी यूरोप से आकर आज के इसरायली क्षेत्रों में बसने लगे ।

1400 साल पहले यहूदियों की धरती को हतिया लिया गया था आज यहूदी अपनी धरती वापस ले रहा है…..इजराइल अपने देश की जनता की सुरक्षा करना जानता है……………. यहूदी धर्म का इतिहास करीब 4000 साल पुराना है । इस धर्म का इतिहास मिस्र के नील नदी से लेकर वर्तमान इराक़ के दजला-फुरात नदी के बीच आरंभ हुआ और आज का इसरायल एकमात्र यहूदी राष्ट्र है ।

यहूदी परम्परा के अनुसार, पहले यहूदी मिस्र के फराओं के अन्दर गुलाम होते थे । बाद में मूसा के नेतृत्व में वे इसरायल आ गए । ईसा के 1100 साल पहले जैकब के 12 संतानों के आधार पर अलग-अलग यहूदी कबीले बने । ये दो खेमों में बँट गए – एक, जो 10 कबीलों का बना था इसरायल कहलाया और दो, जो बाकी के दो कबीलों से बना था वो जुडाया कहलाया । 10 कबीलों वाले इसरायल का क्या हुआ इसका पता नहीं है । जुडाया पर बेबीलन का अधिकार हो गया । बाद में ईसापूर्व सन् 800 के आसपास यह असीरिया के अधीन चला गया । फ़ारस के हखामनी शासकों ने असीरियाइयों को ईसापूर्व 530 तक हरा दिया तो यह क्षेत्र फ़ारसी शासन में आ गया । इस समय जरदोश्त के धर्म का प्रभाव यहूदी धर्म पर पड़ा । यूनानी विजेता सिकन्दर ने जब दारा तृतीय को ईसापूर्व 330 में हराया तो यह यहूदी ग्रीक शासन में आ गए । सिकन्दर की मृत्यु के बाद सेल्यूकस के साम्राज्य और उसके बाद रोमन साम्राज्य के अधीन रहने के बाद ईसाइयत का उदय हुआ । इसके बाद यहूदियों को यातनाएं दी जान लगी । सातवीं सदी में इस्लाम के उदय तक उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा । उसके बाद तुर्क, मामलुक शासन के समय इनका पलायन इस क्षेत्र से आरंभ हुआ । बीसवीं सदी के आरंभ में कई यहूदी यूरोप से आकर आज के इसरायली क्षेत्रों में बसने लगे ।