Posted in Rajiv Dixit

सौन्दर्य प्रतियोगिताओं का असर

सौन्दर्य प्रतियोगिताओं का असर ---
_______________________________-
मित्रो दस साल पहले भारत से कई विश्व सुंदरियां बनी इसके पीछे विदेशी कंपनियों की सोची समझी साजिश थी .

- कई प्रसाधन बनाने वाली कम्पनियां भारत में अपना मार्केट खोज रही थी . पर यहाँ अधिकतर महिलाएं ज़्यादा प्रसाधन का इस्तेमाल नहीं करती थी . इसलिए उन्होंने भारत से सुंदरियों को जीता कर लड़कियों के मन में ग्लेमर की चाह उत्पन्न की.
-
 मिसेज़ इंडिया जैसी प्रतियोगिताओं से बड़ी उम्र की महिलाओं को भी टारगेट किया गया .
- इन सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के बाद लडकियां सपने देखने लगी की वे भी मिस इंडिया , फिर मिस वर्ल्ड, फिर हीरोइन, फिर बहुत धनी बन सकती है .

- इसके लिए वे अपने आपको स्लिम करने के चक्कर में फिटनेस सेंटर में जाने लगी जहां क्रेश डाइटिंग , लाइपोसक्शन , गोलियां , प्लास्टिक सर्जरी जैसे महंगे और अनैसर्गिक तरीकेबताये जाते .

- सौन्दर्य प्रसाधन इस्तेमाल करना आम हो गया 

.- ब्यूटी पार्लर जाना आम हो गया .

- इस तरह हर महिला सौन्दर्य प्रसाधनों , ब्यूटी पार्लर , फिटनेस सेंटर आदि पर हर महीने हज़ारो रुपये खर्च करने लगी .

- पर सबसे ज़्यादा बुरा असर उन महिलाओं पर पड़ा जोइन मोड़ेल्स की तरह दिखने के लिए अपनी भूख को मार कुपोषण का शिकार हो गई .

- इसलिए आज देश में दो तरह के कुपोषण है 

- एक गरीबों का जो मुश्किल से एक वक्त की रोटी जुटा पाते है और दुसरा संपन्न वर्ग का जो जंक फ़ूड खाकर और डाइटिंग कर कुपोषण का शिकार हो रहाहै . 

- यहाँ तक की नई नई माँ बनी हुई बहनों को भी वजन कम करने की चिंता सताने लगती है . जब की यह वो समय है जब वजन की चिंता न कर पोषक खाना खाने पर , आराम पर ध्यान देना कर माँ का हक है . ये समय ज़िन्दगी में एक या दो बार आता है और इस समय स्वास्थ्य की देख भाल आगे की पूरी ज़िन्दगी को प्रभावित करती है . यह समय मातृत्व का आनंद लेने का है ना की कोई नुमाइश की चीज़ बनाने का . 

- ताज़ा उदाहरण है ऐश्वर्या राय . वह माँ बनाने की गरिमा और आनंद कोजी ही नहीं पाई . मीडिया ने उनके बढ़ते वजन पर ऐसे ताने कसे की वो अपने बच्ची की देखभाल और नए मातृत्व का आनंद लेना छोड़ वजन कम करने में जुट गई होंगी .

- अब जब इन कंपनियों का मार्केट भारत में स्थापित हो चुका है तो कोई विश्व सुंदरी भारत से नहीं बनेगी . अब इनकी दुसरे देशों पर नज़र है .! या कभी इनको लगे की मंदी आने लगी है तो दुबारा किसी को भारत मे से चुन ले !! क्यूंकि चीन के बाद भारत 121 करोड़ की आबादी वाला दुनिया का सबसे बढ़ा market है !!

__________________________

तो मित्रो ये सब कार्य बहुत ही गहरी साजिश बना कर अंजाम दिया जाता है ! जिसमे हमारा मीडिया विदेशी कंपनियो के साथ मिलकर बहुत  रोल अदा करता है ! 

मित्रो एक तरफ मीडिया देश मे बढ़ रहे बलात्कार पर छाती पीटता है ! और दूसरी तरफ खुद भी अश्लीलता को बढ़ावा देता है ! वो चाहे india today की मैगजीन के कवर हो ! या ये विदेशी  times of india अखबार ! ये times of india आप उठा लीजिये ! रोज times of india मे आपको पहले पेज पर या दूसरे पेज पर किसी ना किसी लड़की की आधे नंगी या लगभग पूरी नंगी तस्वीर मिलेगी ! जब की उसका खबर से कोई लेना देना नहीं ! जानबूझ कर आधी नंगी लड़कियों की तस्वीर छापना ही इनकी पत्रकारिता रह गया है !!

और ये ही times of india है जो भारत की संस्कृति का नाश करने पर तुला है !!
इसी ने आज से 10 -15 वर्ष पूर्व miss india, miss femina आदि शुरू किए ! जो अब मिस वर्ड ,मिस यूनिवर्स पता नहीं ना जाने क्या क्या बन गया है !!

आज हमने इनके खिलाफ आवाज नहीं उठाई ,इनका बहिष्कार नहीं ! तो कल ये हमारी बची कूची संस्कृति को भी निकग  जाएगा !!

MUST CLICK 

LINK - https://www.youtube.com/watch?v=wI7foiSejO8

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सौन्दर्य प्रतियोगिताओं का असर —
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मित्रो दस साल पहले भारत से कई विश्व सुंदरियां बनी इसके पीछे विदेशी कंपनियों की सोची समझी साजिश थी .

– कई प्रसाधन बनाने वाली कम्पनियां भारत में अपना मार्केट खोज रही थी . पर यहाँ अधिकतर महिलाएं ज़्यादा प्रसाधन का इस्तेमाल नहीं करती थी . इसलिए उन्होंने भारत से सुंदरियों को जीता कर लड़कियों के मन में ग्लेमर की चाह उत्पन्न की.

मिसेज़ इंडिया जैसी प्रतियोगिताओं से बड़ी उम्र की महिलाओं को भी टारगेट किया गया .
– इन सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के बाद लडकियां सपने देखने लगी की वे भी मिस इंडिया , फिर मिस वर्ल्ड, फिर हीरोइन, फिर बहुत धनी बन सकती है .

– इसके लिए वे अपने आपको स्लिम करने के चक्कर में फिटनेस सेंटर में जाने लगी जहां क्रेश डाइटिंग , लाइपोसक्शन , गोलियां , प्लास्टिक सर्जरी जैसे महंगे और अनैसर्गिक तरीकेबताये जाते .

– सौन्दर्य प्रसाधन इस्तेमाल करना आम हो गया

.- ब्यूटी पार्लर जाना आम हो गया .

– इस तरह हर महिला सौन्दर्य प्रसाधनों , ब्यूटी पार्लर , फिटनेस सेंटर आदि पर हर महीने हज़ारो रुपये खर्च करने लगी .

– पर सबसे ज़्यादा बुरा असर उन महिलाओं पर पड़ा जोइन मोड़ेल्स की तरह दिखने के लिए अपनी भूख को मार कुपोषण का शिकार हो गई .

– इसलिए आज देश में दो तरह के कुपोषण है

– एक गरीबों का जो मुश्किल से एक वक्त की रोटी जुटा पाते है और दुसरा संपन्न वर्ग का जो जंक फ़ूड खाकर और डाइटिंग कर कुपोषण का शिकार हो रहाहै .

– यहाँ तक की नई नई माँ बनी हुई बहनों को भी वजन कम करने की चिंता सताने लगती है . जब की यह वो समय है जब वजन की चिंता न कर पोषक खाना खाने पर , आराम पर ध्यान देना कर माँ का हक है . ये समय ज़िन्दगी में एक या दो बार आता है और इस समय स्वास्थ्य की देख भाल आगे की पूरी ज़िन्दगी को प्रभावित करती है . यह समय मातृत्व का आनंद लेने का है ना की कोई नुमाइश की चीज़ बनाने का .

– ताज़ा उदाहरण है ऐश्वर्या राय . वह माँ बनाने की गरिमा और आनंद कोजी ही नहीं पाई . मीडिया ने उनके बढ़ते वजन पर ऐसे ताने कसे की वो अपने बच्ची की देखभाल और नए मातृत्व का आनंद लेना छोड़ वजन कम करने में जुट गई होंगी .

– अब जब इन कंपनियों का मार्केट भारत में स्थापित हो चुका है तो कोई विश्व सुंदरी भारत से नहीं बनेगी . अब इनकी दुसरे देशों पर नज़र है .! या कभी इनको लगे की मंदी आने लगी है तो दुबारा किसी को भारत मे से चुन ले !! क्यूंकि चीन के बाद भारत 121 करोड़ की आबादी वाला दुनिया का सबसे बढ़ा market है !!

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तो मित्रो ये सब कार्य बहुत ही गहरी साजिश बना कर अंजाम दिया जाता है ! जिसमे हमारा मीडिया विदेशी कंपनियो के साथ मिलकर बहुत रोल अदा करता है !

मित्रो एक तरफ मीडिया देश मे बढ़ रहे बलात्कार पर छाती पीटता है ! और दूसरी तरफ खुद भी अश्लीलता को बढ़ावा देता है ! वो चाहे india today की मैगजीन के कवर हो ! या ये विदेशी times of india अखबार ! ये times of india आप उठा लीजिये ! रोज times of india मे आपको पहले पेज पर या दूसरे पेज पर किसी ना किसी लड़की की आधे नंगी या लगभग पूरी नंगी तस्वीर मिलेगी ! जब की उसका खबर से कोई लेना देना नहीं ! जानबूझ कर आधी नंगी लड़कियों की तस्वीर छापना ही इनकी पत्रकारिता रह गया है !!

और ये ही times of india है जो भारत की संस्कृति का नाश करने पर तुला है !!
इसी ने आज से 10 -15 वर्ष पूर्व miss india, miss femina आदि शुरू किए ! जो अब मिस वर्ड ,मिस यूनिवर्स पता नहीं ना जाने क्या क्या बन गया है !!

आज हमने इनके खिलाफ आवाज नहीं उठाई ,इनका बहिष्कार नहीं ! तो कल ये हमारी बची कूची संस्कृति को भी निकग जाएगा !!

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LINK – https://www.youtube.com/watch?v=wI7foiSejO8

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इस जहर को potentised कर के एक होम्योपैथिक anti-inflammatory दवाई बनती है

एक प्लांट होता है , Atropa Belladonna !जिसे deadly nightshade भी कहते है;
जो अत्यंत जहरीला होता है जिसे सबसे पहले रोमन सम्राट क्लौडिउस की पत्नी ने
अपने पति को मारने के लिए इस्तेमाल किया था ,,, !
जैसे ही इसे किसी को दिया जाता है इस जहर से दिल की धड़कन एक दम बढ़ जाती है और
फिर उस व्यक्ति को ह्रदयघात(heart attack हो जाता है ) और शरीर बैंगनी रंग का
हो जाता है ;
इस जहर को potentised कर के एक होम्योपैथिक anti-inflammatory दवाई बनती है
जिसे कोई भी पढ़ा लिखा होमेओपैथ आसानी से रेकोमेंड नही करता ,,, सब्जी में
डालदो तो पता ही नहीं चलता ,,, 2-3 साल पहले ब्रिटेन में एक भारतीय मूल की
महिला ने अपने पति को इसी से मारा था ,,, जो अब जेल में है !!
भारत मे 1000 से ज्यादा कंपनिया इस पोधे को बेचती है !!
________________________________
राजीव भाई की मृत्यु के बाद भी उनका रंग लगभग इसी तरह का हो गया था !
आप फोटो मे देख सकते हैं ! शायद उनको भी इसी तरह का जहर दिया गया हो !
क्यूंकि पोस्टमार्ट्म नहीं किया गया था ! इसलिए उनकी मृत्यु का राज राज ही बन
कर रह गया !
जिन लोगो को लगता है ये फोटो नकली है तो वो यहाँ click कर विडियो देख सकते हैं
!!
http://www.youtube.com/watch?v=dJpyJeSMZaw
राजीव भाई की मौत से संबन्धित कुछ सवाल हैं उनका विडियो आप यहाँ click कर देख
सकते हैं !!
http://www.youtube.com/watch?v=gB7eEq5fnMQ
__________________________________
अक्सर राजीव भाई के चाहने वाले केवल ये ही बात करते हैं कि उनकी मृत्यु
के बाद उनका चेहरा काला पड़ गया था ! पर ये बात कोई नहीं करता कि उनके सिर को
काले रंग के पोलिथीन से क्यूँ ढका हुआ है ???

एक प्लांट होता है , Atropa Belladonna !जिसे deadly nightshade भी कहते है;
जो अत्यंत जहरीला होता है जिसे सबसे पहले रोमन सम्राट क्लौडिउस की पत्नी ने
अपने पति को मारने के लिए इस्तेमाल किया था ,,, !
जैसे ही इसे किसी को दिया जाता है इस जहर से दिल की धड़कन एक दम बढ़ जाती है और
फिर उस व्यक्ति को ह्रदयघात(heart attack हो जाता है ) और शरीर बैंगनी रंग का
हो जाता है ;
इस जहर को potentised कर के एक होम्योपैथिक anti-inflammatory दवाई बनती है
जिसे कोई भी पढ़ा लिखा होमेओपैथ आसानी से रेकोमेंड नही करता ,,, सब्जी में
डालदो तो पता ही नहीं चलता ,,, 2-3 साल पहले ब्रिटेन में एक भारतीय मूल की
महिला ने अपने पति को इसी से मारा था ,,, जो अब जेल में है !!
भारत मे 1000 से ज्यादा कंपनिया इस पोधे को बेचती है !!
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राजीव भाई की मृत्यु के बाद भी उनका रंग लगभग इसी तरह का हो गया था !
आप फोटो मे देख सकते हैं ! शायद उनको भी इसी तरह का जहर दिया गया हो !
क्यूंकि पोस्टमार्ट्म नहीं किया गया था ! इसलिए उनकी मृत्यु का राज राज ही बन
कर रह गया !
जिन लोगो को लगता है ये फोटो नकली है तो वो यहाँ click कर विडियो देख सकते हैं
!!
http://www.youtube.com/watch?v=dJpyJeSMZaw
राजीव भाई की मौत से संबन्धित कुछ सवाल हैं उनका विडियो आप यहाँ click कर देख
सकते हैं !!
http://www.youtube.com/watch?v=gB7eEq5fnMQ
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अक्सर राजीव भाई के चाहने वाले केवल ये ही बात करते हैं कि उनकी मृत्यु
के बाद उनका चेहरा काला पड़ गया था ! पर ये बात कोई नहीं करता कि उनके सिर को
काले रंग के पोलिथीन से क्यूँ ढका हुआ है ???
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अंग्रेजोने देश में ३० विश्वविद्यालय खोले थे देश को गुलाम बनाने केलिए

अंग्रेजोने देश में ३० विश्वविद्यालय खोले थे देश को गुलाम बनाने केलिए !अंग्रेजो के गुलामोने आजादी के बाद ७०० से ज्यादा विष्व विद्यालय खोले है इनमे कितने भारतीय भाषा में शिक्षा प्रदान कर रहे है ?दुनिया के उन्नत ५०० विष्व विद्यालय में भारत का कोई वि वि नहीं है क्यों की विदेशी भाषा में शिक्षा देने वाले वि वि को पागल खाने माना जाता है !दुनिया के सभी उन्नत वि वि अपनी देश के भाषा में शिक्षा प्रदान करते है !भारत के हर आदमी का सालाना आय १३०० डालर है वो विक्सित देशो में ४०००० डालर से भी ज्यादा है जहा शिक्षा मातृभाषा में है !दुनिया के 33% गरीब भारत मे रेहते है !दुनिया के 37% अशिक्षित ओर 60% शोचालय इस्तेमाल न करनेवाले भारत मे पायेजाते है !फिर भी हमारे अंग्रेज़ी शिक्षा पानेवाले बेवकूफ भारत एक सुपर पॉवर बनने का सपना दिखा रहे है !असलियत ए है के विदेशी भाषा पर निर्भर देश हमेशा गरीब ही रेहते है वो कभीभि विकसित देश नही बनते !दुनिया के सभी विकसित देश अपनी भाषा मे सीकते है इसीलिये वो विकसित देश है !अंग्रेज़ी नही होता तो भारत भी एक विकसित देश बनचुका होता ! आम आदमी को ग़ुलामी मे रखने के मकसद से ही ग़ुलामी की शिक्षा को अघे बढ़ायागया ! गोरे अंग्रेज चलेगये और काले अंग्रेज आगये देश पर हुकूमत करने केलिए आम आदमी तो गुलामी में ही है ! इस देश मे काम करने केलिये फिरगियोंकि भाषा बोलना पड़ता है !
कांग्रेस्स ने आजादी के बाद भी अंग्रेज़ी शिक्षा को आगे बड़ाते हुवे भारत को एक ब्रिटिश कॉलोनी के रूप मे बरकरार रखा इसीलिये भारत दुनिया मे सबसे गरीब देश बांके रेहगया

अंग्रेजोने देश में ३० विश्वविद्यालय खोले थे देश को गुलाम बनाने केलिए !अंग्रेजो के गुलामोने आजादी के बाद ७०० से ज्यादा विष्व विद्यालय खोले है इनमे कितने भारतीय भाषा में शिक्षा प्रदान कर रहे है ?दुनिया के उन्नत ५०० विष्व विद्यालय में भारत का कोई वि वि नहीं है क्यों की विदेशी भाषा में शिक्षा देने वाले वि वि को पागल खाने माना जाता है !दुनिया के सभी उन्नत वि वि अपनी देश के भाषा में शिक्षा प्रदान करते है !भारत के हर आदमी का सालाना आय १३०० डालर है वो विक्सित देशो में ४०००० डालर से भी ज्यादा है जहा शिक्षा मातृभाषा में है !दुनिया के 33% गरीब भारत मे रेहते है !दुनिया के 37% अशिक्षित ओर 60% शोचालय इस्तेमाल न करनेवाले भारत मे पायेजाते है !फिर भी हमारे अंग्रेज़ी शिक्षा पानेवाले बेवकूफ भारत एक सुपर पॉवर बनने का सपना दिखा रहे है !असलियत ए है के विदेशी भाषा पर निर्भर देश हमेशा गरीब ही रेहते है वो कभीभि विकसित देश नही बनते !दुनिया के सभी विकसित देश अपनी भाषा मे सीकते है इसीलिये वो विकसित देश है !अंग्रेज़ी नही होता तो भारत भी एक विकसित देश बनचुका होता ! आम आदमी को ग़ुलामी मे रखने के मकसद से ही ग़ुलामी की शिक्षा को अघे बढ़ायागया ! गोरे अंग्रेज चलेगये और काले अंग्रेज आगये देश पर हुकूमत करने केलिए आम आदमी तो गुलामी में ही है ! इस देश मे काम करने केलिये फिरगियोंकि भाषा बोलना पड़ता है !
कांग्रेस्स ने आजादी के बाद भी अंग्रेज़ी शिक्षा को आगे बड़ाते हुवे भारत को एक ब्रिटिश कॉलोनी के रूप मे बरकरार रखा इसीलिये भारत दुनिया मे सबसे गरीब देश बांके रेहगया
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बस अभी ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी का इस्तेमाल कीजिये, करवाइये और बढ़ाईये

भारतवर्ष में सभी जिहादी मुस्लिम फुदकते हैं-पाकिस्तान की मदद पर
पाकिस्तान फुदकता है -अमेरिका की मदद पर
अमेरिका फुदकता है- अपने बहुराष्ट्रीय कारोबार पर
बहुराष्ट्रीय कंपनियों फुदकतीं हैं- हमारे बाजार पर
हमारा बाजार यानि हम पर
अब बताइये पेप्सी, कोक, माउंटेन, स्पराईट, माजा, फेयर लवली, मैन्स एक्टिव, कोलगेट,…. पेप्सोडेंट जैसे हजारों विदेशी अमेरिकी यूरोपीय कंपनियों का सामान खरीदकर हमारे ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाले हम भारतीय
फिर रोते हैं कि लव जिहाद हो गया, आतंकवादी हमला हो गया, जवानों के सिर ले गये, अयोध्या में राममंदिर नहीं बन रहा, मदरसे मनमानी कर रहे, औवैसी कुत्ता है, भारत का इस्लामीकरण हो रहा है, पाकिस्तान युद्ध विराम तोड़ता है,हिंदू महिलाओं से बलात्कार, भुखमरी, बेरोजगारी, महंगाई, बेईमानी, भ्रष्टाचार,……… और ना जाने क्या क्या…….
अब बताइये खुद ही बबूल का बीज बोकर किसने आम खाया है?
अगर सत्य सनातन धर्म और भारतवर्ष की उन्नति के लिये लड़ाई लड़नी है तो उठाओ स्वदेशी का शस्त्र और काट डालो आफत को जड़ से
जब अमेरिका भारत के चरणों मे नाक रगड़ेगा तो कोई जिहादी भारत में नहीं बचेगा पाकिस्तान का समर्थन करने के लिये, और उस दिन मैं जाकिर नाईक, ओवैसी, जवाहरी,बुखारी और सहयोगियों को हिंदू धर्म की दीक्षा दिलवाकर इनको श्री राम मंदिर निर्माण में मजदूरी पर रखूंगा
तो अमेरिकी क्या करेंगे? वो मैं आप सब पर छोड़ता हूं आप उनसे चाहे जो काम ले लेना,

बस अभी ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी का इस्तेमाल कीजिये, करवाइये और बढ़ाईये

Posted in Rajiv Dixit

हारामी मीडिया गले फाड़ के चिल्लाते है ना क्या कभी मीडिया ने राजीव भाई की मृत्यु के बारे में क्यों नही बताया राजीव भाई की मृत्यु केसे हुई बिकाउ

हारामी मीडिया गले फाड़ के चिल्लाते है ना क्या कभी मीडिया ने राजीव भाई की मृत्यु के बारे में क्यों नही बताया राजीव भाई की मृत्यु केसे हुई बिकाउ मीडिया समाचार पत्र तो ऐसा साबित करता है जेसे कुद गैरकानूनी अपराध है तब अन्ना हजारी को तो मीडिया वाले महान व्यक्ति साबित कर दिया जो देश द्रोही है उनको तो आसमान दिखा दिया और राजीव भाई की मृत्यु हुई तब कहा मर गये थे बिकाउ मीडिया विदेशी कंम्पनीयों को बड़ावा दे रहे है मीडिया वाले भारत देश को लुटो तब कहा मर गया था बिकाउ मीडिया जो देश द्रोही थे उनको तो सच साबित कर दिया बिकाउ मीडिया जब दामीनी पर हुवा बलात्कार तब कहा मर गया था बिकाउ मीडिया जब बगदादी आया तो उनको बडे़ फर्दे मे ऐसा दिखाया जाता जेसे कोई विदवान हो मुर्ख मीडिया वन्दे मातरम्
स्वदेशी अपनाओं
स्वदेशी बनों

हारामी मीडिया गले फाड़ के चिल्लाते है ना क्या कभी मीडिया ने राजीव भाई की मृत्यु के बारे में क्यों नही बताया राजीव भाई की मृत्यु केसे हुई बिकाउ मीडिया समाचार पत्र तो ऐसा साबित करता है जेसे कुद गैरकानूनी अपराध है तब अन्ना हजारी को तो मीडिया वाले महान व्यक्ति साबित कर दिया जो देश द्रोही है उनको तो आसमान दिखा दिया और राजीव भाई की मृत्यु हुई तब कहा मर गये थे बिकाउ मीडिया विदेशी कंम्पनीयों को बड़ावा दे रहे है मीडिया वाले भारत देश को लुटो तब कहा मर गया था बिकाउ मीडिया जो देश द्रोही थे उनको तो सच साबित कर दिया बिकाउ मीडिया जब दामीनी पर हुवा बलात्कार तब कहा मर गया था बिकाउ मीडिया जब बगदादी आया तो उनको बडे़ फर्दे मे ऐसा दिखाया जाता जेसे कोई विदवान हो मुर्ख मीडिया वन्दे मातरम् 
स्वदेशी अपनाओं 
स्वदेशी बनों
Posted in P N Oak, Rajiv Dixit

Shape of original Indian flag used by Rana Pratap, Shivaji-is shape of map of India from Arab to Vietnam & Indonesia. Mountain chain from Iran to Manipur is flag-staff as Himalayas indicated by Kalidasa in Kumara-sambhava- अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा हिमालयो नाम नगाधिराजः। पूर्वापरौ तोयनिधीव ग्राह्यः स्थितः पृथिव्या इव मानदण्डः॥ (कुमारसम्भव १/१) Mainland Bharata is lower or base triangle. Upper triangle is Burma to Vietnam.

Posted in Nehru Family, Rajiv Dixit

अँग्रेजों का एक नियम था

 
 
अँग्रेजों का एक नियम था जो अँग्रेजों की जितनी चापलूसी करे,  जितने ज्यादा अँग्रेजों के तलवे चाटे अँग्रेज़ उसे उतना ऊँचा पद देते थे । यही नियम इन काले अँग्रेजों का है,  क्योंकि व्यवस्था तो वही अँग्रेजों के जमाने की ही चल रही है आज भी ।

अँग्रेजों का एक नियम था जो अँग्रेजों की जितनी चापलूसी करे, जितने ज्यादा अँग्रेजों के तलवे चाटे अँग्रेज़ उसे उतना ऊँचा पद देते थे । यही नियम इन काले अँग्रेजों का है, क्योंकि व्यवस्था तो वही अँग्रेजों के जमाने की ही चल रही है आज भी ।