Posted in हिन्दू पतन

शर्मनिरपेक्षों के बहरे कान तो सुन नहीं पाते थे,


शर्मनिरपेक्षों के बहरे कान तो सुन नहीं पाते थे, उम्मीद है मोदी सरकार सुनेगी इन्हे –

हिन्दू मंदिरों के विध्वंस के
शिलालेखी प्रमाण ———-
केशव राय का महान मंदिर, मथुरा में बीर सिंह देव बुंदेला द्वारा जहांगीर
के समय से पहले बनवाया गया था, उस
समय इसकी लागत ३३ लाख रूपए
आयी थी, ये उस समय देश का सबसे शानदार मंदिरों में से एक था तथा स्थापत्य कला में भी ये मंदिर
बहुत महत्वपूर्ण था इसे भगवान कृष्ण
कि जन्मभूमि पर बनाया गया था, इसके
दर्शन हेतु विदेशो से भी लोग आया करते
थे, बहुत कम लोगों को पता है,
शाहजहां का बेटा दारा शिकोह,
औरंगजेब के बिलकुल उलट था,
उसकी दिलचस्पी हिन्दू धर्म में थी,
उसने उपनिषदों का अनुवाद
भी करवाया था, उसने मूर्ति के सामने
नक्काशीदार पत्थरों की रेलिंग
लगवायी थी, जिसके उस पार खड़े होकर
भक्त दर्शन करते थे! जिसे औरंगजेब ने
अक्टूबर १६६६ को हटा दिया था!

दारा शिकोह की हत्या करने के बाद
औरंगजेब ने ये पूरा मंदिर रमजान के
महीने में ११ फ़रवरी सन १६७०
को रमजान के महीने में तोड़ दिया था,
इसकी स्थापत्य कला और
विशालता का अंदाजा इसी बात से
लगाया जा सकता है की इसे पूरी तरह
से तोड़ने में ३ दिन लगे थे! (११
फ़रवरी सन १६७० तक)

अभी जो वर्तमान केशव देव मंदिर आप
देखते है, उसे महामना मदन मोहन
मालवीय ने अथक प्रयासों से पुनः बनवाया था, ये मंदिर १९६५ में बनकर पूरा हुआ!

ये तो सिर्फ एक छोटा सा उदाहरण
था, मुगलों द्वारा मंदिरों के विध्वंस
और उनके मलबों के नीचे दफन निर्दोषों की चीख-पुकारों की लिस्ट
काफी लम्बी है, शर्मनिरपेक्षों के बहरे
कान ना सुन पाएंगे इन्हे मित्रगण… न सुन पाएंगे.. 

¤हरि: ॐ¤
जय महाकाल..!!!

शर्मनिरपेक्षों के बहरे कान तो सुन नहीं पाते थे, उम्मीद है मोदी सरकार सुनेगी इन्हे -

हिन्दू मंदिरों के विध्वंस के
शिलालेखी प्रमाण ----------
केशव राय का महान मंदिर, मथुरा में बीर सिंह देव बुंदेला द्वारा जहांगीर
के समय से पहले बनवाया गया था, उस
समय इसकी लागत ३३ लाख रूपए
आयी थी, ये उस समय देश का सबसे शानदार मंदिरों में से एक था तथा स्थापत्य कला में भी ये मंदिर
बहुत महत्वपूर्ण था इसे भगवान कृष्ण
कि जन्मभूमि पर बनाया गया था, इसके
दर्शन हेतु विदेशो से भी लोग आया करते
थे, बहुत कम लोगों को पता है,
शाहजहां का बेटा दारा शिकोह,
औरंगजेब के बिलकुल उलट था,
उसकी दिलचस्पी हिन्दू धर्म में थी,
उसने उपनिषदों का अनुवाद
भी करवाया था, उसने मूर्ति के सामने
नक्काशीदार पत्थरों की रेलिंग
लगवायी थी, जिसके उस पार खड़े होकर
भक्त दर्शन करते थे! जिसे औरंगजेब ने
अक्टूबर १६६६ को हटा दिया था!

दारा शिकोह की हत्या करने के बाद
औरंगजेब ने ये पूरा मंदिर रमजान के
महीने में ११ फ़रवरी सन १६७०
को रमजान के महीने में तोड़ दिया था,
इसकी स्थापत्य कला और
विशालता का अंदाजा इसी बात से
लगाया जा सकता है की इसे पूरी तरह
से तोड़ने में ३ दिन लगे थे! (११
फ़रवरी सन १६७० तक)

अभी जो वर्तमान केशव देव मंदिर आप
देखते है, उसे महामना मदन मोहन
मालवीय ने अथक प्रयासों से पुनः बनवाया था, ये मंदिर १९६५ में बनकर पूरा हुआ!

ये तो सिर्फ एक छोटा सा उदाहरण
था, मुगलों द्वारा मंदिरों के विध्वंस
और उनके मलबों के नीचे दफन निर्दोषों की चीख-पुकारों की लिस्ट
काफी लम्बी है, शर्मनिरपेक्षों के बहरे
कान ना सुन पाएंगे इन्हे मित्रगण... न सुन पाएंगे.. :(

¤हरि: ॐ¤
जय महाकाल..!!!
Posted in गौ माता - Gau maata

Gau maa


1) देसी गाय का गोमय रस सेवन करने से मलेरीया, खाज, सर्पदंश यह बिमारीयों में आराम मिलता है I
2) हैजा यह बिमारी होनेपर देसी गाय का गोबर यह रामबाण उपाय है I
3) वीदयूत करंट लगनेपर देसी गाय का गोबर का लेप लगाये आराम मिलेगा I
4) चक्कर आनेपर देसी गाय के गोमूत्र में शहद मिलाकर पीयें आराम मिलेगा I
5) दिन में से 2 बार सबेरे – शाम देसी गाय का गोमूत्र सेवन करने से शरीर में की अतीरीक्त चरबी कम होती है I
www.krishnapriyagoshala.org

Krishnapriya Goshala's photo.
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