Posted in हिन्दू पतन

इसराइल की कुछ रोचक जानकारी……


इसराइल की कुछ रोचक जानकारी……
इजराइल का कुल क्षेत्रफल इतना है कि दो इजराइल मिल कर भी उतर प्रदेश जितना नहीं हो सकते. इजराइल की कुल जनसंख्या लगभग 25-30 लाख है, चारो तरफ से कट्टर इस्लामिक मुस्लिम देशो से घिरा हुआ है……
एक बार तो 7 देशो ने मिलकर अकेले इजराइल पर हमला किया था…..
अब जरा इजराइल की सेन्य और विदेश नित्ति भी जान लीजिये. इजराइल कभी किसी देश या संघटन को यह नहीं कहता कि हमारे देश में आंतकवादी घटनाये या हमला मत कीजिये…..
बल्कि इजराइल कहता है अगर किसी ने हमारे देश के एक नागरिक को मारा तो हम उस देश में घुस कर के उसके 100 नागरिकों को मार देंगे. हाल ही में फिलिस्तीन ने यहगलती की तो इजराइल ने फिलिस्तीन के 5 स्कुलों पर बमबारी कर दी……
अगर आप इजराइल के दुश्मन होतो आपका इस दुनिया में कही भी जिन्दा रह पाना मुश्किल ही नहीं, नामुनकिन है. इजराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी “मोसाद” आपको और आपके परिवार को हर पल मरने के लिए मजबूर कर देगी और अंत में आपको और आपके परिवार को आपके के ही घर में बम से उड़ा दिया जायेगा……
युद्ध में इजराइल का कोई मुकाबला नहीं है. जैसे हमने बताया एक बार चार देश एक साथ मिलकर कोशिश कर चुके हैं. लेकिन उन्हें मुंह की खानी पड़ी और बचा- कूचा विवादित क्षेत्र भी इजराइल ने हथिया लिया था…..
हमें इजराइल बनने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, संकल्प और नेर्तत्व करने की भारी क्षमता और बड़े फेसले लेने की ताकत चाहिए। और यही कारण है की दुनिया भर के ज्यादातर मुसलमान इसराइल से नफरत करते हैं. क्योंकि वह उनकी आतंकवादी हरकतों को बर्दाश्त ना करके हर बारी उनकी ईंट से ईंट बजा डालता है……
ऐसा हम कब सिखेंगे??…..

इसराइल की कुछ रोचक जानकारी......
इजराइल का कुल क्षेत्रफल इतना है कि दो इजराइल मिल कर भी उतर प्रदेश जितना नहीं हो सकते. इजराइल की कुल जनसंख्या लगभग 25-30 लाख है, चारो तरफ से कट्टर इस्लामिक मुस्लिम देशो से घिरा हुआ है......
एक बार तो 7 देशो ने मिलकर अकेले इजराइल पर हमला किया था.....
अब जरा इजराइल की सेन्य और विदेश नित्ति भी जान लीजिये. इजराइल कभी किसी देश या संघटन को यह नहीं कहता कि हमारे देश में आंतकवादी घटनाये या हमला मत कीजिये.....
बल्कि इजराइल कहता है अगर किसी ने हमारे देश के एक नागरिक को मारा तो हम उस देश में घुस कर के उसके 100 नागरिकों को मार देंगे. हाल ही में फिलिस्तीन ने यहगलती की तो इजराइल ने फिलिस्तीन के 5 स्कुलों पर बमबारी कर दी......
अगर आप इजराइल के दुश्मन होतो आपका इस दुनिया में कही भी जिन्दा रह पाना मुश्किल ही नहीं, नामुनकिन है. इजराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी "मोसाद" आपको और आपके परिवार को हर पल मरने के लिए मजबूर कर देगी और अंत में आपको और आपके परिवार को आपके के ही घर में बम से उड़ा दिया जायेगा......
युद्ध में इजराइल का कोई मुकाबला नहीं है. जैसे हमने बताया एक बार चार देश एक साथ मिलकर कोशिश कर चुके हैं. लेकिन उन्हें मुंह की खानी पड़ी और बचा- कूचा विवादित क्षेत्र भी इजराइल ने हथिया लिया था.....
हमें इजराइल बनने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, संकल्प और नेर्तत्व करने की भारी क्षमता और बड़े फेसले लेने की ताकत चाहिए। और यही कारण है की दुनिया भर के ज्यादातर मुसलमान इसराइल से नफरत करते हैं. क्योंकि वह उनकी आतंकवादी हरकतों को बर्दाश्त ना करके हर बारी उनकी ईंट से ईंट बजा डालता है......
ऐसा हम कब सिखेंगे??.....
 
Posted in हिन्दू पतन

चीन सरकार की ओर से चीन


चीन सरकार की ओर से चीन
की सेना को लाखों विवादास्पद नक्शे बांटे गए हैं। बताया जा रहा है कि इन नक्शों में अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया है। खबर है कि इन
नक्शों को 30 साल बाद अपडेट किया गया है और इसका मकसद अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को पुख्ता करना है।
पीएलए डेली की खबर के अनुसार सेना की सभी प्रमुख इकाइयों को नए और सटीक नक्शे मिलेंगे। इसमें कहा गया कि पीएलए की सात थल सेना कमानों में से एक लानझोउ सैन्य कमान ने अपने सैनिकों के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक नक्शों को अपडेट किया है।
वैसे तो सरकारी मीडिया ने इन नक्शों को प्रकाशित नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें भारत के साथ लगने वाली सीमा के विवादित क्षेत्रों के साथ- साथ दक्षिण व पूर्व चीन सागर के कई क्षेत्रों में चीन द्वारा अपने बताए जाने वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। चीन के इन दावों का उसके पड़ोसी जोरदार विरोध करते रहे हैं। अरुणाचल को चीन का हिस्सा दिखाने वाले नक्शे के विवाद पर भारत का कहना है कि नक्शे खींच देने भर से यह सचाई नहीं बदल जाती कि अरुणाचल भारत
का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने 28 जून को कहा था, ‘अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। इस तथ्य को भारत ने उच्चतम लेकर हर स्तर तक चीनी अधिकारियों को विभिन्न अवसरों पर अवगत कराया है।’
इस नक्शे को जियोसेंट्रिक कोर्डिनेटेड सिस्टम का इस्तेमाल कर तैयार किया गया। इसमें किसी जगह को अक्षांश, देशांतर और उंचाई के आधार पर
पारिभाषित किया जाता है। लानझोउ सैन्य कमान के सर्वेक्षण केंद्र के निदेशक वांग
शियोमिंग ने बताया कि इस पद्धति का इस्तेमाल कई अन्य देशों की सेनाएं करती हैं। नए नक्शों का प्रकाशन पिछले साल से ही शुरू हो गया था। नक्शे हासिल करने
वाले सैनिकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जा रहे हैं।
लानझोउ सैन्य कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड के प्रमुख वैंग हुआशेंग ने कहा कि इन नक्शों से उनके सैनिकों का अभियान की योजना बनाने में समय बचेगा और उनकी मारक क्षमता और सटीक होगी।

चीन सरकार की ओर से चीन
की सेना को लाखों विवादास्पद नक्शे बांटे गए हैं। बताया जा रहा है कि इन नक्शों में अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया है। खबर है कि इन
नक्शों को 30 साल बाद अपडेट किया गया है और इसका मकसद अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को पुख्ता करना है।
पीएलए डेली की खबर के अनुसार सेना की सभी प्रमुख इकाइयों को नए और सटीक नक्शे मिलेंगे। इसमें कहा गया कि पीएलए की सात थल सेना कमानों में से एक लानझोउ सैन्य कमान ने अपने सैनिकों के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक नक्शों को अपडेट किया है।
वैसे तो सरकारी मीडिया ने इन नक्शों को प्रकाशित नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें भारत के साथ लगने वाली सीमा के विवादित क्षेत्रों के साथ- साथ दक्षिण व पूर्व चीन सागर के कई क्षेत्रों में चीन द्वारा अपने बताए जाने वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। चीन के इन दावों का उसके पड़ोसी जोरदार विरोध करते रहे हैं। अरुणाचल को चीन का हिस्सा दिखाने वाले नक्शे के विवाद पर भारत का कहना है कि नक्शे खींच देने भर से यह सचाई नहीं बदल जाती कि अरुणाचल भारत
का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने 28 जून को कहा था, 'अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। इस तथ्य को भारत ने उच्चतम लेकर हर स्तर तक चीनी अधिकारियों को विभिन्न अवसरों पर अवगत कराया है।'
इस नक्शे को जियोसेंट्रिक कोर्डिनेटेड सिस्टम का इस्तेमाल कर तैयार किया गया। इसमें किसी जगह को अक्षांश, देशांतर और उंचाई के आधार पर
पारिभाषित किया जाता है। लानझोउ सैन्य कमान के सर्वेक्षण केंद्र के निदेशक वांग
शियोमिंग ने बताया कि इस पद्धति का इस्तेमाल कई अन्य देशों की सेनाएं करती हैं। नए नक्शों का प्रकाशन पिछले साल से ही शुरू हो गया था। नक्शे हासिल करने
वाले सैनिकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जा रहे हैं।
लानझोउ सैन्य कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड के प्रमुख वैंग हुआशेंग ने कहा कि इन नक्शों से उनके सैनिकों का अभियान की योजना बनाने में समय बचेगा और उनकी मारक क्षमता और सटीक होगी।
Posted in Rajiv Dixit

राजीव भाई


अगर आप मेमोरी कार्ड, वीडियो ऑडियो डीवीडी, पुस्तके खरीदना चाहते हो तो मुझे कॉल कर सकते है :- 09928064941, 09782705883

Total Books, AUDIOS And VIDEOS Price(कीमत) :- 1100/-

मित्रो वैसे तो राजीव भाई ने जीवन भर भारत मे अलग अलग स्थानो पर घूम -घूम कर 5000 से ज्यादा व्याख्यान दिये हैं ! लेकिन अबतक पूरे Internet पर मात्र 45 audio व्याख्यान (Lectures) ही उपलब्ध थे ! हम लोगो की टीम ने पिछले 3 साल से लगातार परिश्रम कर अलग अलग लोगो से संपर्क बनाकर बहुत से नये व्याख्यान खोजे है जिनकी अबतक कुल संख्या 154 हो गई है ! अगर घंटो मे बात की जाए तो कुल 330 घंटे के व्याख्यान है ये सारे व्याख्यान (Lectures) हमने

http://www.rajivdixitmp3.com
पर upload कर दिये है और भी नये व्याख्यान खोजने का काम जारी है जैसे जैसे और नये व्याख्यान मिलते जाएंगे हम इसी site पर upload करते रहेंगे ! आप चाहें तो website से सीधा download कर सकते हैं ! और किसी कारण download करने मे असमर्थ हैं तो हमने 2 dvd का एक set बनाया है और इन 2 dvd मे सारे 154 व्याख्यान डाल दिये है  जो आप खरीद सकते हैं हम राजीव भाई के नाम पर धंधा करने वालों की भांति 1- 1 लैक्चर को एक cd मे नहीं बेच रहे हमने 154 lectures को सीधा 2 dvd मे ही डाल दिया है जो  हमने कुल 154 व्याख्यान डाले है उनकी सूची नीचे दी गई है !
DVD Part (1)
____________________
1) आपके स्वास्थ्य संबन्धित समस्याएं ! (18 Lectures)
2) भारत की आजादी या धोखा ? (18 Lectures )
3) देश मे हो रही गौ ह्त्या !! ( 5 Lectures )
4) गोबर,गौ मूत्र से देशी खेती खुशहाल किसान !! ( 8 Lectures )
5) WTO समझौता भारत को गुलाम बनाने की साजिश ( 7 Lectures )
6) गलोबलाईशन और अँग्रेजी नीतियों के कारण खत्म होते
स्वदेशी उद्योग,आर्थिक गुलामी मे ढसता भारत ! (20 Lectures)

 

DVD Part -2
____________________
7) भारत और यूरोप की सभ्यता,संस्कृति मे अंतर ( 12 Lectures )
8) कार्गिल युद्ध और कश्मीर की समस्या ( 2 Lectures )
9) भारत स्वाभिमान आंदोलन के दौरान दिये गए व्याख्यान (44 Lectures)
10) राम कथा मे भारत की स्मस्याओ का समाधान ( 3 Lectures )
11) कार्यकर्ताओ के लिए व्याख्यान ( 5 Lectures )
12) अन्य मुख्य व्याख्यान (12 Lectures )
_______________________________________________
कुल 18+18+5+8+7+20+12+2+44+3+5+12+= 154 व्याख्यान ! (330 घंटे )

 

इन दो dvd के एक set की कीमत मात्र 40 रूपये है और इसके अतिरिक्त भेजने का खर्चा कूरियर चार्ज 55 रूपये हैं
कुल कीमत  40+55= 95 रूपये मे (154 व्याख्यान 330 घंटे) !!

 

जबकि राजीव भाई के नाम पर धंधा करने वाले 1 लैक्चर को पहले एक CD मे डालेंगे फिर उसको कोई नाम देंगे और फिर एक लैक्चर 20 रूपये मे बेचेंगे ! ऐसे वो केवल 10 लैक्चर को 10 CD डाल कर 20 रूपये प्रति CD के हिसाब से 200 रूपये का set बेचते है  ! इसके बाद फिर आपको कहेंगे भारत स्वाभिमान वाले लैक्चर की CD set 350 रूपये का अलग से है ! तो आपके कुल 200 +350 =550 रूपये खर्च हो जाएंगे और आपको 550 रूपये मे केवल 172 घंटे के व्याख्यान मिलेंगे !!
यहाँ हम  मात्र 95 रूपये मे बीच मे ही कूरियर चार्ज सहित 2 dvd का set देते है जिसमे 154 व्याख्यान 330 घंटे के है ! क्योंकि हमारा लक्ष्य राजीव भाई की आवाज को हर भारतीय तक पहुंचाना है उनके नाम पर धंधा करना नहीं है !!

आप भुगतान (payment) दो तरीके से कर सकते हैं या तो नीचे लिखे बैंक अकाउंट मे 95 रूपये जमा करवा दें ! अगर आप सीधा CASH जमा करवा रहे है तो 145  रूपये जमा करवाये क्यूंकि 50  रूपये bank intercity charges काट लेता है !पहले बैंक मात्र 10 रूपये intercity charges काट रहा था  लेकिन अब 14 मार्च के बाद से  intercity charges बैंक ने सीधा 50 रूपये कर दिया है !! इसलिए आप  net banking से करवाये तो ज्यादा अच्छा रहेगा क्योंकि आपके 95 ही रूपये लगेंगे !!

 

Combo DVD

 

Price(कीमत)

  1. DVD Audio Price(कीमत) :- 120/-
  2. Memory Card Price(कीमत) :- 445/-
  3. Only Health Books Price(कीमत) :- 250/-
  4. Only Health Books, AUDIOS And VIDEOS Price(कीमत) :- 550/-
  5. Total Books Price(कीमत) :- 650/-
  6. Total Videos Price(कीमत) :- 600/-
  7. Total Books, AUDIOS And VIDEOS Price(कीमत) :- 1100/-
Posted in जीवन चरित्र

मंगल पाण्डेय


भारत की आजादी की पहली लड़ाई अर्थात् 1857 के विद्रोह की शुरुआत मंगल पाण्डेय से हुई जब गाय व सुअर कि चर्बी लगे कारतूस लेने से मना करने पर उन्होंने विरोध जताया।

‘भारतीय इतिहास’ में 29 मार्च, 1857 का दिन अंग्रेजों के लिए दुर्भाग्य के दिन के रूप में उदित हुआ। पाँचवी कंपनी की चौंतीसवीं रेजीमेंट का 1446 नं. का सिपाही वीरवर मंगल पांडे अंग्रेज़ों के लिए प्रलय-सूर्य के समान निकला। बैरकपुर की संचलन भूमि में प्रलयवीर मंगल पांडे का रणघोष गूँज उठा-

“बंधुओ! उठो! उठो! तुम अब भी किस चिंता में निमग्न हो? उठो, तुम्हें अपने पावन धर्म की सौगंध! चलो, स्वातंत्र्य लक्ष्मी की पावन अर्चना हेतु इन अत्याचारी शत्रुओं पर तत्काल प्रहार करो।”

मंगल पांडे के बदले हुए तेवर देखकर अंग्रेज़ सारजेंट मेजर ह्यूसन उसने पथ को अवरुद्ध करने के लिए आगे बढ़ा। मंगल पांडे को खड़ा रहने का आदेश दिया। लेकिन मंगल पांडे ने उसपर गोली चला दी | 1857 की क्रांति का बिगुल बज चूका था | ह्यसन को धराशायी हुआ देख लेफ्टिनेंट बॉब वने गोली चलायी लेकिन मंगल पाण्डेय बच गए | बॉब ने मंगल पांडे पर प्रहार करने के लिए तलवार तानी ही थी कि मंगल पांडे की तलवार का भरपूर हाथ उस पर ऐसा पड़ा कि बॉब का कंधा और तलवार वाला हाथ जड़ से कटकर अलग जा गिरा। एक बलि मंगल पांडे की बंदूक ले चुकी थी और दूसरी उसकी तलवार ने ले ली।

अपने आदमियों को गिरते हुए देख कर्नल व्हीलर मंगल पांडे की ओर बढ़ा; पर सभी क्रुद्ध भारतीय सिंह गर्जना कर उठे-

“खबरदार, जो कोई आगे बढ़ा! आज हम तुम्हारे अपवित्र हाथों को ब्राह्मण की पवित्र देह का स्पर्श नहीं करने देंगे।”

कर्नल व्हीलर जैसा आया था वैसा ही लौट गया। इस सारे कांड की सूचना अपने जनरल को देकर, अंग्रेज़ी सेना को बटोरकर ले आना उसने अपना धर्म समझा। जंग-ए-आज़ादी के पहले सेनानी मंगल पांडे ने 1857 में ऐसी चिंगारी भड़काई, जिससे दिल्ली से लेकर लंदन तक की ब्रिटिश हुकूमत हिल गई।

वीर मंगल पांडे ने अपने कर्तव्य की पूर्ति कर दी थी। शत्रु के रक्त से भारत भूमि का तर्पण किया था। मातृभूमि की स्वाधीनता जैसे महत कार्य के लिए अपनी रक्तांजलि देना भी अपना पावन कर्तव्य समझा। मंगल पांडे ने अपनी बंदूक अपनी छाती से अड़ाकर गोली छोड़ दी। गोली छाती में सीधी न जाती हुई पसली की तरफ फिसल गई और घायल मंगल पांडे अंग्रेज़ी सेना द्वारा बंदी बना लिये गये।

फ़ौजी अदालत ने न्याय का नाटक रचा और फैसला सुना दिया गया। 8 अप्रैल का दिन मंगल पांडे की फाँसी के लिए निश्चित किया गया। बैरकपुर के जल्लादों ने मंगल पांडे के पवित्र ख़ून से अपने हाथ रँगने से इनकार कर दिया। तब कलकत्ता से चार जल्लाद बुलाए गए। 8 अप्रैल, 1857 के सूर्य ने उदित होकर मंगल पांडे के बलिदान का समाचार संसार में प्रसारित कर दिया। भारत के एक वीर पुत्र ने आज़ादी के यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दे दी।

भारत की आजादी की पहली लड़ाई अर्थात् 1857 के विद्रोह की शुरुआत मंगल पाण्डेय से हुई जब गाय व सुअर कि चर्बी लगे कारतूस लेने से मना करने पर उन्होंने विरोध जताया। 

'भारतीय इतिहास' में 29 मार्च, 1857 का दिन अंग्रेजों के लिए दुर्भाग्य के दिन के रूप में उदित हुआ। पाँचवी कंपनी की चौंतीसवीं रेजीमेंट का 1446 नं. का सिपाही वीरवर मंगल पांडे अंग्रेज़ों के लिए प्रलय-सूर्य के समान निकला। बैरकपुर की संचलन भूमि में प्रलयवीर मंगल पांडे का रणघोष गूँज उठा-

"बंधुओ! उठो! उठो! तुम अब भी किस चिंता में निमग्न हो? उठो, तुम्हें अपने पावन धर्म की सौगंध! चलो, स्वातंत्र्य लक्ष्मी की पावन अर्चना हेतु इन अत्याचारी शत्रुओं पर तत्काल प्रहार करो।"

मंगल पांडे के बदले हुए तेवर देखकर अंग्रेज़ सारजेंट मेजर ह्यूसन उसने पथ को अवरुद्ध करने के लिए आगे बढ़ा। मंगल पांडे को खड़ा रहने का आदेश दिया। लेकिन मंगल पांडे ने उसपर गोली चला दी | 1857 की क्रांति का बिगुल बज चूका था | ह्यसन को धराशायी हुआ देख लेफ्टिनेंट बॉब वने गोली चलायी लेकिन मंगल पाण्डेय बच गए | बॉब ने मंगल पांडे पर प्रहार करने के लिए तलवार तानी ही थी कि मंगल पांडे की तलवार का भरपूर हाथ उस पर ऐसा पड़ा कि बॉब का कंधा और तलवार वाला हाथ जड़ से कटकर अलग जा गिरा। एक बलि मंगल पांडे की बंदूक ले चुकी थी और दूसरी उसकी तलवार ने ले ली।

अपने आदमियों को गिरते हुए देख कर्नल व्हीलर मंगल पांडे की ओर बढ़ा; पर सभी क्रुद्ध भारतीय सिंह गर्जना कर उठे-

"खबरदार, जो कोई आगे बढ़ा! आज हम तुम्हारे अपवित्र हाथों को ब्राह्मण की पवित्र देह का स्पर्श नहीं करने देंगे।"

कर्नल व्हीलर जैसा आया था वैसा ही लौट गया। इस सारे कांड की सूचना अपने जनरल को देकर, अंग्रेज़ी सेना को बटोरकर ले आना उसने अपना धर्म समझा। जंग-ए-आज़ादी के पहले सेनानी मंगल पांडे ने 1857 में ऐसी चिंगारी भड़काई, जिससे दिल्ली से लेकर लंदन तक की ब्रिटिश हुकूमत हिल गई। 

वीर मंगल पांडे ने अपने कर्तव्य की पूर्ति कर दी थी। शत्रु के रक्त से भारत भूमि का तर्पण किया था। मातृभूमि की स्वाधीनता जैसे महत कार्य के लिए अपनी रक्तांजलि देना भी अपना पावन कर्तव्य समझा। मंगल पांडे ने अपनी बंदूक अपनी छाती से अड़ाकर गोली छोड़ दी। गोली छाती में सीधी न जाती हुई पसली की तरफ फिसल गई और घायल मंगल पांडे अंग्रेज़ी सेना द्वारा बंदी बना लिये गये।

फ़ौजी अदालत ने न्याय का नाटक रचा और फैसला सुना दिया गया। 8 अप्रैल का दिन मंगल पांडे की फाँसी के लिए निश्चित किया गया। बैरकपुर के जल्लादों ने मंगल पांडे के पवित्र ख़ून से अपने हाथ रँगने से इनकार कर दिया। तब कलकत्ता से चार जल्लाद बुलाए गए। 8 अप्रैल, 1857 के सूर्य ने उदित होकर मंगल पांडे के बलिदान का समाचार संसार में प्रसारित कर दिया। भारत के एक वीर पुत्र ने आज़ादी के यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दे दी।
Posted in PM Narendra Modi

A very shocking incident took place


 
A very shocking incident took place yesterday when a Malaysian Airlines flight MH17 was shot down over Ukraine. However, the incident gets shrouded in thick conspiracy once we know that Modi's flight from Frankfurt was barely an hour behind the ill fated plane on the exact same route!

Modi's flight had taken off well before the incident and had the Ukrainians delayed their aggressive action, it could've been a different flight and a different story. His flight was rerouted only after MH17 was shot down with a surface to air missile. 

It's not a secret that India has many enemies both inside and outside.
The recent BRICS summit, although underplayed by our media, can prove to be a landmark in the international  geopolitics by challenging the hegemony of certain countries in the world economy. 
The OIC has also been miffed over India's supportive stance over Israel. Naming any particular state will not be prudent over a perceived conspiracy.  Why, even the anti-national lobbies inside our nation have strong connections with various hostile forces outside. people who've been left insecure about their future since the advent of BJP govt.
Reasons could be many.. known or lesser known and though Ukraine is not a hostile nation, the possibility of a sabotage against India can't be ruled out - must not be ruled out.

It's time our security agencies took a serious look over these troubled waters and ensure no such incident becomes an excuse of catastrophe for our nation.

A very shocking incident took place yesterday when a Malaysian Airlines flight MH17 was shot down over Ukraine. However, the incident gets shrouded in thick conspiracy once we know that Modi’s flight from Frankfurt was barely an hour behind the ill fated plane on the exact same route!

Modi’s flight had taken off well before the incident and had the Ukrainians delayed their aggressive action, it could’ve been a different flight and a different story. His flight was rerouted only after MH17 was shot down with a surface to air missile.

It’s not a secret that India has many enemies both inside and outside.
The recent BRICS summit, although underplayed by our media, can prove to be a landmark in the international geopolitics by challenging the hegemony of certain countries in the world economy. 
The OIC has also been miffed over India’s supportive stance over Israel. Naming any particular state will not be prudent over a perceived conspiracy. Why, even the anti-national lobbies inside our nation have strong connections with various hostile forces outside. people who’ve been left insecure about their future since the advent of BJP govt.
Reasons could be many.. known or lesser known and though Ukraine is not a hostile nation, the possibility of a sabotage against India can’t be ruled out – must not be ruled out.

It’s time our security agencies took a serious look over these troubled waters and ensure no such incident becomes an excuse of catastrophe for our nation.

 
Posted in AAP

Aaptards in communal action:


Aaptards in communal action:
1. Put posters inciting Muslims.
2. When arrested AAP volunteers for putting such posteers, Kejriwal tweets it is Amanutullah who has accepted the fact that he had put those posters and iclaims that why police is arresting “AAP people”
3. Interestingly Amanutullah himself is AAPtard See snaps of Amanutullah in AAP meeting and its leaders like Manish sisodia. Infact Manish Sisodia accepted he is an AAPtard 
‪#‎aaptardslogic‬ ??
Earlier incidences of AAP being communal
1. Ilyaz azmi PAC member of AAP meets Asif khan of congress to form government. but no he is not communal but other muslims are/.
1. Shazia ilmi asks muslims to become communal while voting and vote for aap in LS elections
2. Batla House encounter was termed as fake by yugpurush in which Police Cop sharma laid down his life fighting terrorists.
3. Kejriwal’s letter to muslims while campaigning in Delhi elections on which election commission later issued warning.
4.Yogender Yadav become “Salim” Yadav in Mewat
5. Sanjay Singh Chnages phone number to specially end with 786.
6. Changes topi language to Urdu specially for muslims in Varansi.
and many more

Aaptards in communal action:
1. Put posters inciting Muslims.
2. When arrested AAP volunteers for putting such posteers, Kejriwal tweets it is Amanutullah who has accepted the fact that he had put those posters and iclaims that why police is arresting "AAP people"
3. Interestingly Amanutullah himself is AAPtard  See snaps of Amanutullah in AAP meeting and its leaders like Manish sisodia. Infact Manish Sisodia accepted he is an AAPtard 
#aaptardslogic ??
Earlier incidences of AAP being communal
1. Ilyaz azmi PAC member of AAP meets Asif khan of congress to form government. but no he is not communal but other muslims are/.
1. Shazia ilmi asks muslims to become communal while voting and vote for aap in LS elections
2. Batla House encounter was termed as fake by yugpurush in which Police Cop sharma laid down his life fighting terrorists.
3. Kejriwal's letter to muslims while campaigning in Delhi elections on which election commission later issued warning.
4.Yogender Yadav become "Salim" Yadav in Mewat
5. Sanjay Singh Chnages phone number to specially end with 786.
6. Changes topi language to Urdu specially for muslims in Varansi.
and many more
 
Posted in जीवन चरित्र

आपका नेता कैसा हो? मैं कहना है…शाश्त्रीजी जैसा हो…


 
आपका नेता कैसा हो? मैं कहना है...शाश्त्रीजी जैसा हो....

1. जब इंदिरा शाश्त्रीजी के घर (प्रधान मंत्री आवास ) पर पहुची तो कहा कि यह तो चपरासी का घर लग रहा है, इतनी सादगी थी हमारे शास्त्रीजी में...

2.जब 1965 मे पाकिस्तान से युद्ध हुआ था तो शासत्री जी ने भारतीय सेना का मनोबल इतना बड़ा दिया था की भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को गाजर मूली की तरह काटती चली गयी थी और पाकिस्तान का बहुत बड़ा हिस्सा जीत लिय
ा था ।

3.जब भारत पाकिस्तान का युद्ध चल रहा तो अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कहाथा की भारत युद्ध खत्मकर दे नहीं तो अमेरिकाभारत को खाने के लिए गेहू देना बंद कर देगातो इसके जवाब मे शास्त्री जी ने कहाकीहम स्वाभिमान से भूखे रहना पसंद करेंगे किसी के सामने भीख मांगने की जगह । और शास्त्री जी देशवासियों से निवेदन किया की जब तक अनाज की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक सब लोग सोमवार का व्रत रखना चालू कर दे और खाना कम खाया करे ।

4.जब शास्त्री जी तस्केंत समझोते के लिए जा रहे थे तो उनकी पत्नी के कहा की अब तो इस पुरानी फटी धोती कीजगह नई धोती खरीद लीजिये तो शास्त्री जी ने कहा इस देश मे अभी भी ऐसे बहुत से किसान है जो फटी हुई धोती पहनते है इसलिए मै अच्छे कपडे कैसे पहन सकता हु क्योकि मै उन गरीबो का ही नेता हूँ अमीरों का नहीं और फिरशास्त्री जी उनकी फटी पुरानी धोती को अपने हाथ से सिलकर तस्केंत समझोते के लिए गए ।

5. जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था तो शास्त्री जी ने देशवासियों से कहा की युद्ध मे बहुत रूपये खर्च हो सकते है इसलिएसभी लोग अपने फालतू केखर्च कम कर देऔर जितना हो सके सेना को धन राशि देकर सहयोगकरें । और खर्च कम करने वाली बात शास्त्री जी ने उनके खुद के दैनिक जीवन मे भी उतारी । उन्होने उनके घर के सारे काम करने वाले नौकरो को हटा दिया था और वो खुद ही उनके कपड़े धोते थे, और खुद ही उनके घर की साफ सफाई और झाड़ू पोंछा करते थे ।

6. शास्त्री जी दिखन?े मे जरूर छोटे थे पर वो सच मे बहुत बहादुर और स्वाभिमानी थे ।

7. जब शास्त्री जी की मृत्यु हुई तो कुछ नीचलोगों ने उन पर इल्ज़ाम लगाया की शास्त्री जी भ्रस्टाचारी थे पर जांच होने के बाद पता चला की शास्त्री जी केबैंक के खाते मे मात्र365/- रूपये थे । इससे पता चलता है की शास्त्री जी कितने ईमानदार थे ।

8. शास्त्री जी अभी तक के एक मात्र ऐसे प्रधान मंत्री रहे हैं जिनहोने देश के बजट मे से 25 प्रतिशत सेना के ऊपर खर्च करनेका फैसला लिया था । शास्त्री जी हमेशा कहते थे की देश का जवान और देश का किसान देश के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं इसलिए इन्हे कोई भी तकलीफ नहीं होना चाहिए और फिर शास्त्री जी ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया ।

9.जब शास्त्रीजि तस्केंत गए थे तो उन्हे जहर देकर मार दिया गया था और देश मे झूठी खबर फैला दी गयी थी की शास्त्री जी की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई । और सरकार ने इस बात पर आज तक पर्दा डाल रखा है ।

10 शास्त्री जी जातिवाद के खिलाफ थे इसलिए उन्होने उनके नाम के आगे श्रीवास्तव लिखना बंद कर दिया था ।

हम धन्य हैं की हमारी भूमि पर ऐसे स्वाभिमानी और देश भक्त इंसान ने जन्म लिया । यह बहुत गौरव की बात है की हमे शास्त्री जी जैसे प्रधान मंत्री मिले ।
जय जवान जय किसान !

आपका नेता कैसा हो? मैं कहना है…शाश्त्रीजी जैसा हो….

1. जब इंदिरा शाश्त्रीजी के घर (प्रधान मंत्री आवास ) पर पहुची तो कहा कि यह तो चपरासी का घर लग रहा है, इतनी सादगी थी हमारे शास्त्रीजी में…

2.जब 1965 मे पाकिस्तान से युद्ध हुआ था तो शासत्री जी ने भारतीय सेना का मनोबल इतना बड़ा दिया था की भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को गाजर मूली की तरह काटती चली गयी थी और पाकिस्तान का बहुत बड़ा हिस्सा जीत लिय
ा था ।

3.जब भारत पाकिस्तान का युद्ध चल रहा तो अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कहाथा की भारत युद्ध खत्मकर दे नहीं तो अमेरिकाभारत को खाने के लिए गेहू देना बंद कर देगातो इसके जवाब मे शास्त्री जी ने कहाकीहम स्वाभिमान से भूखे रहना पसंद करेंगे किसी के सामने भीख मांगने की जगह । और शास्त्री जी देशवासियों से निवेदन किया की जब तक अनाज की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक सब लोग सोमवार का व्रत रखना चालू कर दे और खाना कम खाया करे ।

4.जब शास्त्री जी तस्केंत समझोते के लिए जा रहे थे तो उनकी पत्नी के कहा की अब तो इस पुरानी फटी धोती कीजगह नई धोती खरीद लीजिये तो शास्त्री जी ने कहा इस देश मे अभी भी ऐसे बहुत से किसान है जो फटी हुई धोती पहनते है इसलिए मै अच्छे कपडे कैसे पहन सकता हु क्योकि मै उन गरीबो का ही नेता हूँ अमीरों का नहीं और फिरशास्त्री जी उनकी फटी पुरानी धोती को अपने हाथ से सिलकर तस्केंत समझोते के लिए गए ।

5. जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था तो शास्त्री जी ने देशवासियों से कहा की युद्ध मे बहुत रूपये खर्च हो सकते है इसलिएसभी लोग अपने फालतू केखर्च कम कर देऔर जितना हो सके सेना को धन राशि देकर सहयोगकरें । और खर्च कम करने वाली बात शास्त्री जी ने उनके खुद के दैनिक जीवन मे भी उतारी । उन्होने उनके घर के सारे काम करने वाले नौकरो को हटा दिया था और वो खुद ही उनके कपड़े धोते थे, और खुद ही उनके घर की साफ सफाई और झाड़ू पोंछा करते थे ।

6. शास्त्री जी दिखन?े मे जरूर छोटे थे पर वो सच मे बहुत बहादुर और स्वाभिमानी थे ।

7. जब शास्त्री जी की मृत्यु हुई तो कुछ नीचलोगों ने उन पर इल्ज़ाम लगाया की शास्त्री जी भ्रस्टाचारी थे पर जांच होने के बाद पता चला की शास्त्री जी केबैंक के खाते मे मात्र365/- रूपये थे । इससे पता चलता है की शास्त्री जी कितने ईमानदार थे ।

8. शास्त्री जी अभी तक के एक मात्र ऐसे प्रधान मंत्री रहे हैं जिनहोने देश के बजट मे से 25 प्रतिशत सेना के ऊपर खर्च करनेका फैसला लिया था । शास्त्री जी हमेशा कहते थे की देश का जवान और देश का किसान देश के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं इसलिए इन्हे कोई भी तकलीफ नहीं होना चाहिए और फिर शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया ।

9.जब शास्त्रीजि तस्केंत गए थे तो उन्हे जहर देकर मार दिया गया था और देश मे झूठी खबर फैला दी गयी थी की शास्त्री जी की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई । और सरकार ने इस बात पर आज तक पर्दा डाल रखा है ।

10 शास्त्री जी जातिवाद के खिलाफ थे इसलिए उन्होने उनके नाम के आगे श्रीवास्तव लिखना बंद कर दिया था ।

हम धन्य हैं की हमारी भूमि पर ऐसे स्वाभिमानी और देश भक्त इंसान ने जन्म लिया । यह बहुत गौरव की बात है की हमे शास्त्री जी जैसे प्रधान मंत्री मिले ।
जय जवान जय किसान !

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Ayodhya Princess Korean Queen


Ramani's blog

That Hinduism , Sanatana Dharma was spread throughout the world, I have been posting articles on this, is evident who follows world history monuments and Archaeology.

I have published articles that Hinduism was in Germany,Greece,China, Central America, Africa, Italy,Russia,Middle east, Iran,Iraq, Burma,Fiji.

I shall be posting more on this issue.

One finds reference to Ayodhya in Korean Legends.

A princess is reported to have married a Korean King,noble.

She is venerated as Queen.

Heo Hwang-ok is a legendary queen that mentioned in Samguk Yusa, a 13th-century Korean chronicle. She was the wife of KingSuro of Geumgwan Gaya. The legend states that she arrived on a boat from a distant kingdom, and married the king in the year 48 CE. She was the first queen of Geumgwan Gaya, and is considered an ancestor by several Korean lineages.

The legend of Heo is found in Garakgukgi (or 

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