“मैंने उसे मार डाला, माँ…” — एक गाँव की सिहरन भरी सच्चाई
अगस्त 1993 की एक सुबह, न्यूयॉर्क के छोटे से गाँव सावोना में चार साल का एक मासूम बच्चा, डेरिक रोबी, अपने घर से कुछ ही दूरी पर मृत पाया गया। जैसे ही यह ख़बर फैली, पूरे गाँव में मातम छा गया। डेरिक सभी का प्यारा था — लोग उसे “गाँव का अनौपचारिक मेयर” कहते थे, क्योंकि वो अपनी छोटी साइकिल पर बैठकर हर आने-जाने वाले को मुस्कुराकर हाथ हिलाया करता था।
जब यह जघन्य हत्या सामने आई, तो सभी को यही लगा कि जरूर कोई बाहरी व्यक्ति, कोई अजनबी जो उस दिन गाँव से गुज़रा होगा, उसने इस वारदात को अंजाम दिया होगा। एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। पुलिस हर सुराग खंगाल रही थी। लेकिन जो सच सामने आया, उसने पूरे गाँव की रूह को हिला दिया।
एरिक स्मिथ — एक तेरह साल का लड़का, जो डेरिक के ही पड़ोस में रहता था। गहरे लाल बाल, मोटे चश्मे और एक शांत, थोड़ा अजीब-सा स्वभाव। एरिक के परिवार की एक जानकार, मार्लीन हेस्केल, ने गौर किया कि कुछ तो गड़बड़ है। एरिक अचानक डीएनए टेस्टिंग के बारे में सवाल करने लगा था। उसने पूछा था — “अगर कोई बच्चा किसी की हत्या कर दे तो क्या होता है?”
ये सवाल उसके मासूम चेहरे पर नहीं जंचते थे। मार्लीन को शक हुआ कि शायद एरिक ने कुछ देखा है — शायद हत्यारे ने उसे चुप रहने की धमकी दी हो।
वो एरिक की माँ के पास पहुँची और उसे सब बताया। दोनों मिलकर एरिक को पुलिस स्टेशन ले गईं, ताकि वो सच्चाई बता सके। लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि जो सच बाहर आएगा, वो उनकी कल्पना से भी परे होगा।
इंटरव्यू के दौरान, एरिक अचानक अपनी माँ की ओर मुड़ा, उसकी आँखों में आँसू थे, और उसने धीमे से कहा —
“माफ कर दो माँ… माफ कर दो… मैंने उस छोटे बच्चे को मार डाला।”
यह सुनते ही कमरे में सन्नाटा छा गया। माँ की आंखें फटी की फटी रह गईं। उन्हें लगा था कि उनका बेटा किसी डर के साये में है — लेकिन ये सच्चाई…?
एक मासूम की जान गई थी। और दूसरा मासूम — अपराधी बन चुका था। सावोना गाँव आज भी उस घटना को नहीं भुला पाया है। क्योंकि वहाँ एक बच्चा मरा नहीं था — बल्कि दो जिंदगियाँ टूट गई थीं।
