भारती सिंह ने ये किस्सा सुनाया ।
विषय था ,
मोदी जी के आने के बाद सरकार के काम करने के तरीके में किस तरह का बदलाव आया है ।
भारती CISF में उच्च पद पे नौकरी में रही हैं और लखनऊ , दिल्ली , जोधपुर और जम्मू Airport की security इंचार्ज रही हैं ।
उन्होंने Prime Minister के तौर पे अटल जी का ज़माना भी देखा है और मनमोहन सिंह का भी । और अब मोदी जी का देख रही हैं ।
उस जमाने में जब अटल जी लखनऊ के सांसद थे तो PM होते जब लखनऊ आते तो Airport पे उतरते। पूरा protocol होता।
पूरा सरकारी अमला …….. लाव लश्कर …….. तामझाम ………. इसके लिए catering की व्यवस्था वही airport का ही एक caterer करता था ।
उन दिनों वहाँ लखनऊ में अटल जी की एक visit पे caterer का बिल बन जाता था एक से डेढ़ लाख रु तक का ।
Congress के जमाने में यदि सोनिया जी या PM आते तो बिल 10 लाख के ऊपर चला जाता था ।
मोदी जब से PM बने हैं , 4 या 5 बार कश्मीर दौरा कर आये हैं ।
जम्मू श्रीनगर कटरा और लेह लद्दाख आते जाते रहते हैं । एक बार जम्मू उतरे थे, Caterer का बिल बना सिर्फ 3500 रु । वो भी CISF और Air India ने pay किया क्योंकि उनके स्टाफ के लिए चाय नाश्ता आया था कैंटीन से ।
मोदी जब भी ऐसी किसी visit पे जाते हैं तो transit में चाय अपने पैसे से पीते हैं ।
उनके साथ उनके अमले में जो लोग होते हैं वो भी चाय नाश्ता अपने पैसे से करते हैं ।
इसके बदले उन्हें on duty travel का TA , DA मिलता है ।
भारती बताती हैं कि CISF में 22 साल नौकरी करने के दौरान उन्होंने PM के विदेश दौरों की तैयारियों को खुद देखा है । PM का जहाज जब लोड होता था, विदेश दौरों के लिए तो उसपे क्या क्या लादा जाता था
वो पूरा खोल के लिखने लायक नहीं ।
Private News channels के पत्रकारों की फ़ौज जाती थी PM के साथ । और क्या ऐश अय्याशी होती थी ।
अब सिर्फ दूरदर्शन के 3 या 4 आदमी
जाते हैं ।
पहले कुछ PM के दौरों में दारू की नदियां नहीं बहती थी ।
वर्तमान में सभी कर्मचारी अपने travelling allowance में से ही खर्चा करते हैं …
साभार-शुभेन्दु शेखर
