दिल्ली हाई कोर्ट के जिस घर के पास 35 करोड रुपए और करीब 2 किलो सोना मिला है उन्होंने कई विवादित फैसले दिए हैं
दिल्ली दंगों में बबलू के हत्या के आरोपी 11 मुसलमानो को उन्होंने सबूत होने के बावजूद निर्दोष बरी कर दिया जबकि निचली अदालत में सबको दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा दिया था
और सभी 11 मुसलमानो के खिलाफ पर्याप्त सुबूत थे लेकिन जज साहब ने करोड़ों रुपए लेकर उन दंगाई 11 मुसलमानो को रिहा कर दिया था
इसके अलावा निचली कोर्ट और लोकायुक्त कोर्ट दोनों ने हेमंत सोरेन के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे तब इसी जज ने लोकायुक्त और निचली अदालत की फैसले को पलटते हुए हेमत सोरेन के खिलाफ सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दिया था
और कहा था कि हेमंत सोरेन के खिलाफ सीबीआई जांच नहीं हो सकती आपको क्या लगता है हेमंत सोरेन के मामले में यूं ही फैसला हो गया होगा
एक जज के घर करोड़ो पैसा मिला मगर उसे सजा देने के बावजूद एक हाई कोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया
मतलब कि जैसे कॉलेजियम यह चाहता है कि अब यह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जाकर वहां भ्रष्टाचार करें
हो सकता है कि जज साहब के पास कोलोसियम के सदस्यों की काली कमाई का पूरा हिसाब किताब होगा इसीलिए कॉलेजियम इस भ्रष्टाचारी जज से डर रहा है

