मेरे बचपन की बात है
पापा मुझे और मेरे छोटे भाई को लूना पर बैठाकर आइसक्रीम खिलाने मार्केट ले जाया करते ।
भाई बीच में बैठता और मैं पीछे ।
एक बार हमें आइसक्रीम खिलाने के बाद पापा लूना में पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप ले गए ।
फिर भाई तो लूना पर बैठ गया पर इससे पहले कि मैं बैठ पाता, पापा आगे बढ़ गए ।
मैं पेट्रोल पंप पर ही रुका रहा उनके वापस आने के इंतज़ार में ।
कुछ दूर जाने के बाद पापा ने एक दुकान पर लूना रोकी और मुझे न पाकर भाई से पूछा,
“भैय्या कहां है ?”
तो भाई ने जवाब दिया,
“भैय्या तो पेट्रोल पंप पर ही रह गया ।“
वैसे मैं बहुत संजीदा किस्म की प्रजाति का प्राणी हूं, फिर भी ऐसी घटनाएं मेरे साथ होती रहती हैं . . . 🫣