बरकतुल्लाह खान (Barkatullah Khan) राजस्थान का छठा मुख्यमंत्री था और राजस्थान का पहला और अब तक का एकमात्र मुस्लिम मुख्यमंत्री रहा, जिसने 9 जुलाई, 1971 से 11 अक्टूबर, 1973 (अपने निधन तक) तक पद संभाला था। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नेता था, और उसकी मृत्यु हार्ट अटैक से पद पर रहते हुए हुई थी, उसे प्यार से ‘प्यारे मियां’ भी कहते थे।
कहानी थोड़ी पुरानी है…
भारत आज़ाद नहीं हुआ था… तब लखनऊ में पढ़ाई लिखाई को राजस्थान से एक युवा आया…
पढ़ाई लिखाई जो थी सो थी पर लफं&गई फुल थी…
इनको रहने को आसरा दिया एक परिवार ने जिसमें एक ऊषा नाम की एक बच्ची भी थी
और ये महानुभाव थे ऊषा से उम्र में 15 साल बड़े…
पर ऊषा पर आशिक हो गए…
खैर परिवार ने पिंड छुड़ाया पर कुछ बिगाड़ न पाया…. काहे कि तब भी भारत के सबसे ताक़तवर परिवार के दामाद फ़िरोज़ मिया का चमचा था वो..
समय बीता…. आज़ाद भारत में कांग्रेस की सत्ता आयी और बड़े नामों के बीच इस व्यक्ति को भी आका के राजदार होने के सदके राजस्थान में मंत्री की कुर्सी मिली…
मंत्री बनने के बाद साहब ने तब 17 साल की उस लड़की से निकाह किया दबाव बना… और उसका धर्म परिवर्तन करवाया…
ये आज़ाद भारत का हाई प्रोफाइल लव ज°हा°द का मामला था…
आगे चलकर आका की राजदारी के सदके आका के मरने के बाद भी इसे राजस्थान का CM बनाया गया….
जहाँ पहला काम इसने वहाँ के राजपूत रजवाड़ों की पेंशन बंद करवाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने का किया…
आगे जिससे व्यापक विवाद हुआ… कुछ हिंसा भी!
बर्क़तुल्लाह उर्फ़ प्यारे खां जब 53 की उम्र में मरे उसकी बेग़म ऊषा मेहता उर्फ़ ऊषी खां महज़ 38 की थीं
ऊषा बर्कतुल्लाह पर कहा जाता है दौनो क्लासमेट थे….
पर सवाल है क़िस क्लास में खुद से 15 साल छोटी लड़की इनके साथ पढ़ी होगी
पैदायशी हरामजादे होते हैं ये सब। जिस थाली में खाए उसी में छेद करते हैं
ये वो हिन्दू नही समझेंगे जो अपने घर मे इन सूअर को अंदर ले जायेंगे
लेकिन कोई दलित समुदाय से आ गया तो समझो
धर्म भ्रष्ट
जिस दिन सनातनी एक हो गए
आधे भी
ये देश
सनातन का होगा
मै जाटव
या चमार जो भी बोलो
लेकिन देश पहले
गीता का उपदेश याद करो
