कांग्रेस मणिपुर मणिपुर क्यों चिल्ला रही थी समझिए…???
क्यों की आज मणिपुर है कल पूरे देश में होना है
👇 इन दस्तावेजों के मुताबिक कुकी #शरणार्थियों को जून 1968 में #कांग्रेस ने #मणिपुर में बसाया था।
#मैतेईस(हिंदुओ) ने उन्हें स्वीकार किया और खुले दिल और बांहों से उनका स्वागत किया।
अब वे ‘शरणार्थी’ ( ईसाई और मुस्लिम) मैतेई(हिंदुओ) लोगों के गांवों को जला रहे हैं और अपना एक अलग राज्य चाहते हैं।
जल्द ही वे अलग देश की मांग करेंगे.
जब मूलनिवासी मैतई ने विरोध प्रकट किया तो
उल्टा उन्हे हिंसक बताएजाने लगा और शरणार्थी अपना पुराना विक्टिम कार्ड खेलने लगी जैसा आमतौर पर मुस्लिम ईसाई करते ही हैं
और इस काम को कांग्रेस ने खूब प्रचारित किया मैंतईं को ठीक वैसे ही हिंसक बताए जाने लगा जैसा राहुल गांधी ने सदन में हिंदुओं को हिंसक बताया था
जबकि एक भी हिंदू हिंसक प्रवृत्ति में नहीं है उल्टा हिंदू पीड़ित है
हिंसा जो कर रहे हैं उनका तो नाम भी नहीं बताते यह लोग
कांग्रेस ने यही खेल उत्तर पूर्व के सभी राज्यो में खेला था
आज जहा जहा रोहिंगा बंग्लादेशियो को आप पाल रहे हो जनसंख्या बढ़ने पर
कल वो आपके ही मकान पर कब्जा करेगे ठीक वैसे जेसी कल कश्मीर में और आज मणिपुर में कर रहे है….
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हिंदू तो है ही दिमागी पोपला वो भी बिना पूरा जाने मणिपुर मणिपुर चिल्ला रहा है
कांग्रेस को तो सत्ता के लिए देश जलाना और अराजकता फैलाना है फिर चाहे पंजाब हो केरल हो बंगाल हो या पूर्वोत्तर के राज्य….
ये जो बिहार में SIR यानी फर्जी मतदाता को रोकने के कार्यक्रम है कांग्रेस उसके खिलाफ सुप्रीमकोर्ट तक पहुंच गई
समझिए कांग्रेस मुस्लिमो की आबादी बढ़ा कर पूरे देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती है ताकि सालों तक राज कर सके
ऐसा ही सपना इंदिरा ने देखा था
बंग्लादेशियों को शरणार्थी बता कर पूरे देश में बसने दिया था
ओर आज इसका पोता देख रहा है

