सच में बाज नहीं आयेंगे ये चमचे…
राजदीप सरदेसाई ने पहले खबर चलाई फिर उस खबर को एक बार बार फिर चमचागिरी के रिकॉर्ड तोड़ते हुए खुद ट्वीट करते हुए लिखा कि, “Good News Story: राहुल गांधी ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के लिए पक्का घर चुपचाप बनवा रहे हैं। ‘चुपचाप’ शब्द पर ज़ोर देना ज़रूरी है!”
लेकिन चमचागिरी के नशे में धुत्त राजदिपिया यह भूल गया कि, दशरथ मांझी का देहांत 18 साल पहले 2007 में हो चुका है।
दूसरी बात यह कि, चमचागिरी के नशे में धुत्त राजदिपिया यह भी भूल गया कि, उसकी चमचागिरी कांग्रेस की करतूतों ही याद दिलाएगी, क्योंकि बरसों तक तत्कालीन सरकार के समक्ष गिड़गिड़ाने के बाद जब कोई हाल नहीं निकला तो 1960 में दशरथ मांझी ने छेनी हथौड़ा उठाए और 22 साल खपा के 1982 तक एक पहाड़ को काट कर 55 किमी लंबा रास्ता 15 किमी लंबा कर डाला। इन 22 सालों और उससे पहले के 13 सालों के दौरान देश और बिहार में कांग्रेस की ही सरकारें राज करती थीं। 2007 में दशरथ मांझी के देहांत के बाद भी 7 साल तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
लेकिन आज बिहार के चुनाव में मूर्ख अधेड़ द्वारा की जा रही इस राजनीतिक नौटंकी का महिमामंडन करने में यह कहते हुए जुट गया कि, “‘चुपचाप’ शब्द पर ज़ोर दिया जाए” जबकि खुद ही नगाड़ा पीट रहा है। सच में बाज नहीं आयेंगे ये चमचे।