Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

एक सच्ची घटना
बात 1990 के आसपास की है
उन दिनों राम जन्मभूमि का बड़ा शोर था
मुल्लायम ने चुनौती दे रखी थी
मेरे होते बाबरी ढांचे पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता

मैं बनारस पढ़ता था
ट्रेन से कहीं जा रहा था
बिहार और युप्पी की ट्रेनों में खूब राजनीतिक चर्चाएं होती हैं
चर्चा शुरू थी
मैं भी सम्मिलित हो गया

किसी ने मुसलमानों के बारे में एक बात कह दी
ये बहुत कट्टर होते हैं
इनको किसी को जान से मारने काटने में कोई
झिझक नहीं होती

उसी ट्रेन में संघ के एक वयोवृद्ध प्रचारक जी भी बैठे थे
वे बड़े मृदुभाषी और आराम से रुक रुक कर बोलने वाले व्यक्ति थे
शुरू में वे चुप रहे पर धीरे धीरे चर्चा में सम्मिलित हो गए

मियों के कट्टर होने की बात पर वे मुस्कुराने लगे
और जो बताया उसे आज 30 साल बाद भी नहीं भूल सका

उन्होंने कहा कि यह झूठ है
अर्धसत्य है कि मिएं कट्टर होते हैं
सच यह है कि ये अंदर से बहुत बड़े कायर होते हैं

ये समूह में जमा हो सकते हैं
सियारों की तरह हुआं हुआँ कर सकते हैं
पर जैसे ही इनको लगता है
अब तो मार पड़ेगी
या गोली चलेगी
ये भाग खड़े होते हैं

दंगों में अक्सर देखा गया है
हिन्दू का एक लड़का बीस मुसलमानों पर भारी पड़ता है
अगर मरने मारने पर उतर जाय

इसका कारण केवल इनका मांसाहार है
कभी भी मांसाहारी जीव साहसी हो नहीं सकते

शेर हो ..बाघ हो ..बिल्ली हो.. तेंदुआ कुत्ता..
कोई भी मांसाहारी जीव हो
वह घात लगाकर पीछे से छिपकर ..
चोरी से हमला करता है

वह सामने से लड़कर जीत नहीं सकता
उसे पता होता है

आमने सामने के युद्ध में जंगल में
एक शाकाहारी भैंसा हो
एक गैंडा हो
वह भी बाघ पर भारी पड़ता है

हाथी तो शुद्ध शाकाहारी है
वह बाघ से बिल्कुल नहीं डरता
आमने सामने का युद्ध बाघ हाथी से कभी नहीं करना चाहता
वह भाग जाता है

मिएं भी आमने सामने की चुनौती स्वीकार नहीं करते
ये बहुत बड़े भगोड़े होते हैं

इतिहास उठा कर देख लीजिए
पूरे विश्व में
इन्होंने एक भी युद्ध सामने लड़कर नहीं जीता है

इन्होंने हर युद्ध कुछ दिनों के लिए छल से कपट से जीते
फिर कुछ दिनों बाद सीधे युद्ध में भाग खड़े हुए

इसलिए आप भी ये सोच दिल से निकाल दीजिए
ये कट्टर होते हैं
ये वो होते हैं ..
ये वैसे हैं

युद्ध टालिए
संघर्ष से बचिए
पर जब इनके बीच घिर गए
तो पूरी ताकत से एक लाठी …एक पत्थर लेकर भी …
हिन्दू का एक लड़का
अड़ गया ..
तो बीसों भाग खड़े हुए हैं
ऐसी अनेक घटनाएं बता देंगे

और उन्हीं प्रचारक जी की बात याद रही
दो बार घिर गया था
अकेले भिड़ना पड़ गया
और सचमुच वे खरहों की तरह भाग खड़े हुए

इसलिए वीर बनिए
साहसी होना वीर होना खून में होता है
और हिन्दू विश्व की सबसे वीर प्रजाति है
यही सनातन सत्य है
जो सदियों से लगातार युध्द कर रही है
पर हार नहीं मानती

जै राम जी की..!!

(मदन मोहन तिवारी)

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