क्या आप जानते है? की
जब 1958 में ही #चीन के पास परमाणु बम आ गया था usa के राजदूत ने #नेहरू से पूछा था कि आप #परमाणु_बम कितने वक्त में बना सकते है तब #भाभा ने कहा था 1 साल में
तो उस वक्त USA ने ऑफर किया था कि 1 साल ज्यादा है, आप चाहे तो चीन को काउंटर करने के लिए हम आपको बम दे सकते है क्योंकि हम नही चाहते कि रूस के बाद एक ओर #कम्युनिष्ट कंट्री के पास बम हो।
तब #जवाहरेलाल ने मना कर दिया था कि हम चीन के साथ कोल्ड वॉर में नही जाना चाहते और 1960 में चीन ने #तिब्बत पर कब्जा कर लिया और तब नेहरू ने 3000 टन #चावल #चीनी_सेना को दिया था रसद के रूपमें जो उन्होंने संसद में स्वीकार भी किया था।
ओर इसके दो साल बाद चीन ने भारत पर हमला कर दिया था । (ये सब usa की govt doc आर्काइव में है जो अब पब्लिक डोमेनमें है)
सोचिए
अगर भारत के पास 1960 में ही न्यूक्लियर बम बनाने की कैपेसिटी थी तो फिर अपना न्यूक्लियर टेस्ट करने के लिए भारत को अगले दो दशक क्यो लगे ?