बहुत समय पहले एक वीडियो में एक सज्जन ने यह कथा सुनाई थी:
आकाश में एक विमान डगमगा रहा था। उसमें सवार सभी यात्री भयभीत थे। तभी एक यात्री ने अपनी माला निकाली और उच्च स्वर में जप करने लगा:
“हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।”
सहयात्रियों ने कहा, “विमान तो गिर रहा है, इस जोर-जोर से जप करने का क्या लाभ?”
उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, “इससे विमान नहीं गिरेगा।”
यात्रियों ने आश्चर्य से पूछा, “यह कैसे संभव है?”
तब उस सज्जन ने मुस्कराते हुए कहा, “मैं भगवान के पवित्र नाम का जप कर रहा हूँ। यदि जप करते-करते मेरा अंत हो गया, तो मुझे सीधे भगवद्धाम में प्रवेश प्राप्त होगा। किंतु मेरे कर्म ऐसे नहीं हैं कि मैं भगवद्धाम में प्रवेश के योग्य होऊँ। इसलिए भगवान इस विमान को गिरने नहीं देंगे।”
यह सुनकर सभी यात्री चकित रह गए।