Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

गोरखपुर के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर अनुज हैं

एक मरीज ने उनकी खोपड़ी खोल दिया

दरअसल संत कबीर नगर से एक व्यक्ति जो पुलिस विभाग से सस्पेंड था वह अपनी पत्नी के पेट के इलाज के लिए उनके पास आया

और वह व्यक्ति अपनी पत्नी के बीमारी के लिए इतनी छुट्टियां लेता था और कई बार ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रह पाता था क्योंकि उसकी पोस्टिंग बलिया में थी तो वह बेचारा नौकरी से सस्पेंड हो गया था

डॉक्टर साहब ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करना होगा और डॉक्टर साहब ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मेरे ही अस्पताल में होगा

फिर मरीज ने कहा कितना चार्ज लगेगा ?

तो डॉक्टर साहब ने पैसा बताया फिर मरीज ने कहा कि आप ज्यादा मांग रहे हैं हमारे संत कबीर नगर में सस्ते में हो जाएगा तो मैं जाता हूं और संत कबीर नगर में अल्ट्रासाउंड करवा कर आपको दिखा दूंगा

फिर डॉक्टर साहब ने उसकी फाइल फेंक दी बदतमीजी किया और गालियां दे दी फिर फिर कहा सुनी हुई

फिर डॉक्टर ने बाउंसर बुलाकर उसकी पत्नी और बच्चों के सामने उसकी पिटाई करवा दी सीसीटीवी फुटेज भी है जिसमें डॉक्टर के इशारे पर अस्पताल के कई बाउंसर नर्स और दूसरे स्टाफ उसे अकेले व्यक्ति को बुरी तरह से पीट रहे हैं और उसकी बीमार पत्नी और बच्चे चिल्ला रहे हैं

वह सस्पेंडेड सिपाही घर गया अपमान से रात भर सो नहीं सका

और यह कड़वी सच्चाई है कि किसी भी व्यक्ति को आप अगर अकेले में पीट देंगे तो वह ज्यादा अपमानित महसूस नहीं करेगा लेकिन उसके छोटे बच्चों और पत्नी के सामने पीटेंगे तो वह बहुत ही ज्यादा अपमानित महसूस करेगा

फिर अगले दिन वह एक थैली में बड़ा सा हथोड़ा लेकर गया और डॉक्टर साहब की केबिन में जाकर डॉक्टर साहब की खोपड़ी पर कई हथोड़ा दे मारा

पुलिस ने उसे गंभीर केस में गिरफ्तार कर लिया है

मैं योगी जी से यही निवेदन करूंगा कि आप उस व्यक्ति की मनोस्थिति को भी समझिए की क्या सारी गलती सिर्फ उसे मरीज के पति की है जो अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास गया और डॉक्टर ने उसे बाउंसर से पिटवा दिया पत्नी और बच्चों के सामने उसे पीटा गया

रही बात गोरखपुर के डॉक्टरों की तो गोरखपुर में कोई भी डॉक्टर सही नहीं है सब पैसे के लुटेरे हैं सबको सिर्फ पैसा चाहिए कोई भी यह नहीं देखा कि मरीज की हालत क्या है

किसी भी डॉक्टर  के अंदर मानवता नहीं है

और सबसे महत्वपूर्ण बात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की गाइडलाइन यह कहती है कि कोई भी डॉक्टर किसी खास जगह से कोई भी रिपोर्ट करवाने के लिए मरीज को बाध्य  नहीं कर सकता

तो उसे डॉक्टर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन वह डॉक्टर अपने प्रभाव के दम पर अपने पैसे के नशे में चूर था

घर पर बीमार पत्नी और छोटे बच्चे हैं और बेचारा व्यक्ति गंभीर धाराओं में जेल में चला गया

और सुना है कि उसकी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई

मैं आप लोगों पर छोड़ता हूं आप विचार करिए की असली दोषी असली मुजरिम कौन है ?

यह डॉक्टर या वह व्यक्ति ?
✍️

जितेंद्र सिंह

Unknown's avatar

Author:

Buy, sell, exchange old books 8369123935

Leave a comment