आचार्य पं किशन सरवरिया झांसी
======================
दिनांक 27 मार्च 2021 की मेरी पोस्ट
————————————————–
#इंदिरा_गांधी_के_बनाये_नियम
**************************
इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ा था।
धर्मनिरपेक्षता यानी कि सरकार और कानून धार्मिक आधार पर किसी के भी साथ भेदभाव नहीं कर सकते।
सभी धर्मों को एक समान माना जाएगा।
सभी धर्म के लोगों को एक जैसे ही अधिकार प्राप्त होंगे।
तो आइए आज इस धर्मनिरपेक्षता की सच्चाई को जान लिया जाए-
#शादी_शगुन : केवल मुस्लिम लड़कियों की शादी पर 51,000 रु
#नई_उड़ान : UPSC & PSC की परीक्षाओं के लिए हर मुस्लिम की एक लाख की मदद
#सीखो_और_कमाओ : हर मुस्लिम प्रतिभागी को 25,000
#नई_मंजिल : हर मुस्लिम प्रतिभागी को 56,500
#नई_रोशनी : मुस्लिम महिलाओं में नेतृत्व क्षमता के लिए 2,25,000
#हमारी_धरोहर_योजना : मुस्लिम प्रतिभागी को 3,32,000 प्रति वर्ष
अल्पसंख्यक पिछड़ों को बीस लाख तक के रियायती ऋण
#उस्ताद_योजना : हर अल्पसंख्यक अध्येता को नौ लाख बारह हजार रू
#नया_सवेरा : मुस्लिम प्रतिभागी को कोचिंग के लिए भोजन आवास के साथ 1,00,000
#मौलाना_आजाद_फेलोशिप : मुस्लिम प्रतिभागी को 28,000 प्रतिमाह व मकान भत्ता
#मैट्रिक_पूर्व_छात्रवृत्ति_योजना कक्षा 6 से 10 तक : मुस्लिम प्रतिभागी को 12,000 रू प्रतिवर्ष
#मैट्रिकोत्तर_छात्रवृत्ति_योजना : 11वीं और 12वीं 45,800 प्रतिवर्ष
#मैट्रिक_सह_साधन_आधारित #योजना : 30,000 प्रतिवर्ष
#पढ़ो_परदेश : विदेश में पढ़ने के लिए अल्पसंख्यकों को सहायता
#हज_हाउस_योजना
#गरीब_नवाज़_योजना
#मदरसा_अनुदान
#इस्लामिक_स्टडीज_को_सिविल #सेवा
में शामिल करने से ज्यादा मुसलमानों को IAS, IPS, IFS बनाया गया है जिनके सहयोग से भारत बहुत जल्दी मुस्लिम राष्ट्र बन जाएगा
और #गजवा_ए_हिंद का षड़यंत्र साकार होगा।
हिंदुओं को दूसरी शादी पर जेल की सजा और मुस्लिमो को चार निकाह की छूट, ताकि वह जल्दी जल्दी आबादी बढ़ाकर वोट बैंक बनकर देश की सत्ता पर काबिज हो जाएं और संविधान को हटाकर शरियत कानून लागु करवा सकें।
और मजहब के नाम पर पाकिस्तान और बांग्लादेश देने के बावजूद भी मुस्लिमों को दामाद बनाकर भारत में रोक लिया, ताकि मुल्ले बोल सके हमारा भी खून शामिल है इस मिट्टी मे.
#दूसरी_बात
अब मुझे कहा जायेगा,इस तरह की लेख लिखने वाले सच्चे भारतीय नहीं हैं, उन्हें धर्म का ज्ञान नहीं है, संविधान की समझ नहीं है।
संघी हैं, देशद्रोही है।
हकीकत तो यह है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जरिए ज़कात की ख़ैरात खा-खाकर कांग्रेसी सूअरों की चेतना नष्ट हो गयी है और ये लोग पैदा ही सनातनधर्म के विनाश को हुए हैं।
🚩साभार—
सनातन धर्म सर्वोपरि
