छावा मूवी आई है जिसमें औरंगजेब के किरदार को अच्छे से नहीं दिखाया गया
यहां मै डायरेक्टर की निंदा करना चाहता हूं और साथ में
हजरत औरंगजेब साहब के बारे में असली जानकारी लिखने की कोशिश करूंगा ताकि अब कभी इतने महान शख्सियत के ऊपर कोई मूवी बनाए तो याद रखे वो कितने महान थे
तो शुरू करते है हो सकता है ये दो पार्ट में लिखूं लेकिन जानकारी पूरी दूंगा 🙏
औरंगजेब के अब्बू थे शाहजहां अम्मी का नाम मुमताज महल था मुमताज इतनी खूबसूरत थी कि शाहजहां रोज उनके कमरे में जाते थे
मुमताज की खूबसूरती का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं शाहजहां का निकाह उनसे सन 1612 में हुआ था तब वो मात्र 14 साल की थी 15 साल की उम्र में वो अम्मी जान बन गई थी
मतलब 1613 में पहली बार अम्मी बनी तब से 1631 तक हर साल एक बच्चा देती थी
क्योंकि जब वो 1631 में जन्नत गई तो उनकी उम्र 38 की थी और 14 की उम्र में निकाह मतलब 38-14=24
वो अद्भुत महिला थी 24 साल में 14 बच्चों को पैदा की उनकी अंतिम बेटी जिस वर्ष पैदा हुई उसी वर्ष उनको जन्नत जाना पड़ा
उनके बच्चे नाम और जन्म तिथि
मुमताज महल के 14 बच्चों के नाम इस प्रकार हैं:
1. हुस्न-आरा बेगम (1613)
2. परवेज मिर्जा (1614)
3. जहाँआरा बेगम (1614)
4. शाहजहाँ बख्त (1616)
5. दारा शिकोह (1617)
6 . औरंगजेब (1618)
7. शाह शुजा (1619)
8. रोशनआरा बेगम (1619)
9. गुलरुख बेगम (1621)
10 शहजादी सुरैया बेगम (1621)
11. शहजादी गुलबदन बेगम (1622)
12. मुराद बख्श (1624)
13. शहजादी फारूकसीसा (1625)
फिर 4 साल बच्चे नहीं हुए क्योंकि वो बीमार हो गई थी जैसे ही ठीक हुई फिर से प्रेग्नेंट हो गई
जब 14 बच्चा गौहर आरा बेगम 1631 में पैदा हुई तो इसी साल वो अल्लाह को प्यारी हो गई
वरना और बच्चे देती 🔥
14 बच्चों में से 6 बचपन में ही जन्नत चले गए 8 बच गए
जिनका नाम
बेटियाँ:
1. जहाँआरा बेगम
2. गौहरआरा बेगम
3. शाहजादी फारूकसिसा
4. शाहजादी गुलरुख बेगम
बेटे:
1. दारा शिकोह
2. शाह शुजा
3. औरंगजेब
4. मुराद बख्श
शाहजहां की दो बेटियां बिल्कुल अपनी अम्मी मुमताज के जैसे दिखती थी जहां आरा बेगम और गौहर आरा बेगम शाहजहां ने इन दोनों का निकाह किसी से नहीं होने दिया और अपने पास रख लिया 🔥
कुछ इतिहास कार का मानना है वो उनके साथ सोता भी था
प्रमुख इतिहासकारों के नाम जिनका मानना था
फ्रांसिस ग्लेडविन
विंसेट स्मिथ
जदूनाथ सरकार
रामचंद्र गुप्ता
जहां आरा इतनी ज्यादा खूबसूरत थी कि कुछ इतिहास कर उसका नाम दारा शिकोह के साथ भी जोड़ते थे क्योंकि वो ज्यादा समय उसके साथ बिताती थी
जब शाहजहां ने दारा शिकोह को अगला बादशाह चुना तो औरंगजेब से बर्दाश्त नहीं हुआ और बोला जो मुझे पसंद है वो सब इसे मिल जा रहा है
और वो इनके खिलाफ बगावत कर दिया इस बीच औरंगजेब अपने भाइयों से चार जंगे लड़ा
औरंगजेब ने अपने भाइयों के खिलाफ कई जंगें लड़ीं, जिनमें से कुछ प्रमुख जंगें इस प्रकार हैं:
1. *शाहजहाँ के उत्तराधिकार की जंग (1657) औरंगजेब ने अपने भाइयों दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श के खिलाफ जंग लड़ी। और जीता
2. *समूगढ़ की जंग (1658)*: औरंगजेब ने अपने भाई दारा शिकोह के खिलाफ समूगढ़ में जंग लड़ी। इस जंग में औरंगजेब विजयी हुआ।
3. *देवराई की जंग (1659)*: औरंगजेब ने अपने भाई शाह शुजा के खिलाफ देवराई में जंग लड़ी। इस जंग में औरंगजेब विजयी हुआ।
4. *खजवाह की जंग (1659)*: औरंगजेब ने अपने भाई दारा शिकोह के खिलाफ खजवाह में जंग लड़ी और जीता उसके बाद उसने अपने सगे भाई को बंदी बना लिया
1658 की जंग जीतने के बाद उसने अपनी दोनों बहन जहां आरा गौहर आरा बेगम के साथ अब्बू शाहजहां को पकड़कर बनाकर बंदी बना लिया
जब वो दारा शिकोह को जंग में हराकर बंदी बना लिया तो अपने भाई का sir को का*टकर अब्बू को कैद में पेश किया
उसके कुछ समय बाद गौहर हार मान कर उसकी सारी शर्त मान ली और औरंगजेब ने उसे अपने पास रख लिया
उसके कुछ समय बाद जहां आरा भी टूट गई उसे भी औरंगजेब ने रख लिया
पार्ट 2 बहुत जल्द आयेगा