Posted in हिन्दू पतन

जिन्ना नमाज नहीं पढ़ता था, रोजे नहीं रखता था और दबाकर सूअर खाता था लेकिन मजाल है कि किसी मुस्लिम ने उसकी आलोचना की हो या उसके पाकिस्तानी इरादों पर शक किया हो।

ओवैसी ने भगवा साफा बांधा, जय महाराष्ट्र बोला लेकिन मजाल है कि किसी मुस्लिम ने एक शब्द उसके खिलाफ बोला हो क्योंकि वे उसके रजाकार इतिहास और भारत के विखंडनवादी इरादों के बारे में आश्वस्त हैं।

इधर रोंदू हिंदुओं का एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो खुद को बड़ा स्मार्ट और अतिबुद्धिमान समझता है। निहायत नाकारा और मानसिक रूप से कुंठित यह वर्ग उस बच्चे की तरह व्यवहार करता है जो घर में तो शेर होता है लेकिन गली में किसी आवारा गलीच बच्चे से पिटकर चला आता है और घर पर आकर रो रोकर अपने बाप पर दवाब डालता है कि वह चलकर उस आवारा बच्चे को पीटे।

कभी यहूदी भी हिंदुओं की तरह थे, एकदम रोंदू, सभ्य, सुशिक्षित, पैसे पर मरने वाले। पिटने पर बुक्का फाड़कर रो देने वाले। सरकारों की ओर मुंह ताकने वाले।

लेकिन फिर नियति ने उन्हें मिलवाया  कैप्टन ऑर्ड विनगेट से  जिसने उन्हें पिटने की जगह पीटने का सबक सिखाया और वे कमजोर रोंदू यहूदी ‘इजरायल’ बन गये।

हमें भी नियति से एक कैप्टन ऑर्ड विनगेट मिला है पर हम इतने बड़े वाले हैं कि उससे ही कह रहे हैं कि ‘शिकार करना नही  सीखना बल्कि तू ही हमारे लिये शिकार करके ला।’

लेकिन हमारा विनगेट भी जिद्दी है कि बेटा शिकार तो तुम्हें खुदै करना पड़ेगा और मैं तुम्हें सिखाकर रहूँगा।

वही वीर आह्वान फिर गूंज रहा है—#उत्तिष्ठ_भारत

Unknown's avatar

Author:

Buy, sell, exchange old books 8369123935

Leave a comment