सुल्तान महमूद गज़नवी के पास कोई शख्स ककड़ी लेकर हाज़िर हुआ🥱
सुल्तान ने ककड़ी कबूल फरमाई और पेश करने वाले को ईनाम दिया–😃
फिर अपने हाथ से ककड़ी की एक फाँक काटकर अपने चहेते गुलाम अयाज़ को दी
अयाज़ मज़े लेकर वो ककड़ी खा गया,
फिर सुल्तान ने दूसरी फाँक काटी और खुद खाने लगा वो इतनी कड़वी थी कि ज़बान पर रखना मुश्किल था🥱
सुल्तान ने हैरत से अयाज़ की तरफ देखा और फरमाया:-
अयाज़,इतनी कड़वी ककड़ी तू कैसे खा गया कि तेरे चेहरे पर कड़वाहट का ज़रा भी असर न हुआ–? 🥱
अयाज़ ने कहा:-ककड़ी वाकई बहुत कड़वी थी,मुँह में डाली तो अक्ल ने कहा कि थूक दे,मगर दिल ने कहा:-
अयाज़ खबरदार!ये वही हाथ है जिनसे रोज़ाना अच्छी अच्छी और मीठी चीजें खाता रहा है,अगर एक दिन कड़वी चीज़ मिल गई तो क्या थूक देगा, इसलिए खा गया—-😃
यही मुसलमान की शान होनी चाहिए कि जिस अल्लाह ने इन्सान पर बहुत सारे एहसान फरमाये,अगर कभी उसकी तरफ से कोई मुसीबत आ जाये तो सब्र के साथ उसे कबूल कर लेना चाहिए
इस कहानी के माध्यम से अयाज़ गां…डे कहना चाह रहा है कि अरब में ककड़ी की खेती क्या मेरे अब्बू गजनवी ने की थी जो कहानी इतनी मज़े से पढ़ लिए हो।
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