राष्ट्रपति बनने के पहले जेलेन्सकी जोकर यानी लबार थे
ये आदमी यूक्रेन का राष्ट्रपति है।
इसने बाईडेन प्रशासन के बहकावे में आकर NATO का सदस्य बनने के लिए अपने समृद्ध देश को रूस जैसी महाशक्ति के आगे युद्ध में झोंक दिया।
बाईडेन हार गए और अब ट्रम्प ने साफ़ कर दिया है कि हम यूक्रेन को NATO में नहीं लेंगे।
फ़िलहाल रूस और अमेरिका यूक्रेन के भाग्य का फ़ैसला करने के लिए मीटिंग कर रहे है जिसमे यूक्रेन ही शामिल नहीं है।
एक जोकर लबार को सत्ता के आस पास सभी नहीं फटकने देना चाहिए, सत्ता चलाना बेहद परिपक्वता का काम होता है।
भारत में भी एक जोकर लबार एक राज्य का मुख्यमंत्री बना है और उसने अपने राज्य को किस तरह से बर्बाद कर दिया आप लोग देख ही रहे हैं
और भारत में एक और जोकर लबार भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहता है
और हाँ, चाणक्य ने एक बार कहा था कि एक विदेशी महिला से जन्मा बालक कभी देशभक्त नहीं हो सकता।
पूरी दुनिया में सब आज जेलेन्सकी की मूर्खता पर हंस रहे हैं आखिर जेलेन्सकी नाटो में शामिल होने की जीद क्यों किये थे ?
वह भी तब जब नाटो ने उन्हें शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई
नतीजा यह हुआ 30% यूक्रेन रूस के कब्जे में है क्रीमिया पहले से ही रूस के कब्जे में था और बचा हुआ यूक्रेन खंडहर बन गया
इसीलिए मूर्ख और जोकर को कभी भी राष्ट्र प्रमुख नहीं चुनना चाहिए राहुल गांधी भारत में इसके उदाहरण है
पंजाब में भगवंत मान भी कभी जोकर हुआ करते थे।