*बाज ही क्यों ?* 🐔🐔🐔
गुरु गोबिन्द सिंह जी जो भी करते थे उसके पीछे कौम के लिये कोई सन्देश जरूर होता था | इसके पीछे भी था :
1- बाज को कभी गुलाम नहीं रख सकते या तो वो पिंजरा तोड देगा या मर जायगा लेकिन गुलाम नहीं रहेगा।
2- बाज कभी किसी दूसरे का किया हुआ शिकार नहीं खाता।
3- बाज बहुत ऊपर उडता है लेकिन इतना ऊपर उडने के बाद भी उसकी नजर हमेशा जमीन पर ही होती है।
4- बाज अपनी सारी जिंदगी (लगभग 100 साल की) कभी अपने पास आलस्य नहीं आने देता।
5- बाज कभी अपना घर या घोंसला नही बनाता | 18वीं सदी में सिक्ख भी ऐसा ही करते थे।
6- बाज दूसरे पंछियो के समान हवा के साथ नहीं उडता बल्कि हवा के विपरीत दिशा में उडता है।
*गुरु साहिब की सोच को शत शत प्रणाम।*