जम्मू-कश्मीर में 25 किताबों पर बैन: सरकार ने बताया “ग़लत नैरेटिव और आतंक की महिमा का प्रचार”
जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को एक आदेश जारी करते हुए 25 पुस्तकों के प्रकाशन को जब्त (forfeited) घोषित कर दिया है। इनमें प्रसिद्ध लेखकों जैसे मौलाना मौदूदी, अरुंधति रॉय, ए.जी. नूरानी, डेविड देवदास और विक्टोरिया शोफील्ड की किताबें शामिल हैं।
गृह विभाग के मुताबिक, यह साहित्य “ग़लत ऐतिहासिक तथ्यों, अलगाववाद और आतंक के महिमामंडन” को बढ़ावा देता है, जिससे युवाओं में कट्टरता और भारत विरोधी भावनाएं पनप रही हैं।
सरकार ने दावा किया है कि जांच और खुफिया सूचनाओं के अनुसार, यह सामग्री युवाओं को हिंसा और आतंकवाद की ओर मोड़ने का अहम जरिया बन रही है। इसमें सुरक्षा बलों की छवि धूमिल करने, धार्मिक कट्टरता बढ़ाने और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने जैसी बातें सामने आई हैं।
इस फैसले को भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 98 के तहत लागू किया गया है। संबंधित पुस्तकों को जब्त करने का आदेश दिया गया है।
प्रतिबंधित पुस्तकों में शामिल हैं:
📘 Al Jihadul fil Islam – मौलाना मौदूदी
📘 Azadi – अरुंधति रॉय
📘 The Kashmir Dispute (1947–2012) – ए.जी. नूरानी
📘 Kashmir in Conflict – विक्टोरिया शोफील्ड
📘 In Search of a Future: The Story of Kashmir – डेविड देवदास
📘 Independent Kashmir – क्रिस्टोफर स्नेडन
…और अन्य 19 किताबें
सरकार का कहना है:
“ऐसे साहित्य के लगातार प्रचार से युवाओं में आतंकवाद को नायकत्व के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा है।”
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