यह जो मुंबई में अटल सेतु बना है उसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा
1972 में इसका प्रस्ताव आया
1981 में जेआरडी टाटा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा कि अगर हम यह ब्रिज बनाते हैं तो बहुत सारे डीजल पेट्रोल का बचत होगा और समय की बचत होगी
1984 में प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रोजेक्ट को मंजूर किया लेकिन फाइल ठंडा बस्ती में डाल दी गई
2004 में प्रोजेक्ट फाइल निकाली गई
2008 में टेंडर निकला जिसे रिलायंस इन्फ्रा ने हासिल किया लेकिन बाद में एक कमीशन बाजी की वजह से कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया गया एक बार फिर यह फाइल ठंडा बस्ती में चली गई
2014 में नरेंद्र मोदी सत्ता में आए
2015 में प्रोजेक्ट फाइल निकाली गई
2016 में कॉन्ट्रैक्ट निकला पीएम मोदी ने प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया
2024 में मोदी जी ने उद्घाटन किया
सोचिए
