इतनी करारी हार के बावज़ूद यह बत्तमीज़ महिला नहीं सुधरी है।
रुबिका लियाकत ने जब रोहिणी आचार्य पर सवाल पूछा, तब ये तुरन्त जसोदाबेन पर चली गयी।
अरे मूर्ख जसोदाबेन का जब विवाह हुआ था तब वह मात्र छठी पास थीं, उन्हें किसी ने छोड़ा नहीं है।
और जब मोदी जी जो विवाह के बन्धन में नहीं बँधना चाहते थे। क्योंकि पहले बहुत कम उम्र में ज़बरदस्ती विवाह हो जाता था, और मोदी जी का भी जब विवाह हुआ था तो उस समय उनकी अवस्था मात्र 15 वर्ष थी।
मोदी जी के परिवार वालों की प्रेरणा से ही उन्होंने अपनी पढ़ायी की और M. A. M.Ed किया और गवर्नमेन्ट इन्टर कॉलेज में टीचर से प्रिंसिपल तक गयीं। और शान से अपनी नौकरी करके रिटायर हुयीं। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उन्हें किसी से शिकायत है या उन्हें पीड़ा है।
लेकिन यह बत्तमीज़ महिला किस तरह की बात पर यह सीधे कहाँ ले जा रही है..?
और किस तरह की बत्तमीज़ी कर रही है।
और मैं चाहती हूँ कि तेजस्वी यादव इसे प्रवक्ता बना कर रखें क्योंकि तेजस्वी यादव का विनाश सर्वनाश यही महिला करेगी।
वैसे एक बार इसने कहा था कि यह बौद्ध सम्प्रदाय को मानती है तो फिर यह गौतम बुद्ध के बारे में क्या सोचती होगी..?
गौतम बुद्ध भी अपनी पत्नी यशोधरा और इकलौते बेटे जिसकी उम्र मात्र 2 वर्ष थी राहुल उसे छोड़कर घर से चले गये थे और तो क्या यह महिला कभी इस पर भी बात करेगी..?
और फिर यह मुलायम सिंह यादव के बारे में क्या सोचती होगी। जिन्होंने अपनी पहली पत्नी के ज़िन्दा रहते हुये, किन परिस्थितियों में एक महिला मालती गुप्ता से विवाह करना पड़ा। साधना गुप्ता का तलाक करवाया गया, और विवाह के कितने दिनों के बाद प्रतीक पैदा हुआ यह सब बातें हैं। मैं लिखना नहीं चाहती हूँ यह सब बातें निज़ी होतीं लेकिन अगर यह प्रवक्ता इस तरह की हरकत करेगी तो सारे खानदान के कुकर्म सामने आयेंगे…!
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बत्तमीज़ 👹👹