Posted in खान्ग्रेस

1984 के भोपाल गैस कांड में हजारों मौतों के बाद यूनियन कार्बाइड के चेयरमैन वॉरेन एंडरसन को गिरफ्तार किया गया। लेकिन राजीव गांधी सरकार ने उन्हें कुछ घंटों में ही जमानत पर रिहा कर दिया और सुरक्षित अमेरिका भेज दिया। CIA की डिक्लासीफाइड रिपोर्ट पुष्टि करती है कि केंद्र सरकार ने एंडरसन को राजनीतिक कारणों से रिहा किया। मध्य प्रदेश के तत्कालीन CM अर्जुन सिंह ने बाद में खुलासा किया कि दिल्ली के आदेश पर ये किया गया। यह फैसला भोपाल के पीड़ितों के लिए ऐतिहासिक अन्याय बना रहा।मोहम्मद यूनुस और आदिल शहरयार का गांधी परिवार से गहरा रिश्तामोहम्मद यूनुस नेहरू के करीबी थे और इंदिरा के निजी सचिव रहे। सुषमा स्वराज ने 2015 में संसद में यूनुस का जिक्र किया था। यूनुस का बेटा आदिल शहरयार गांधी परिवार से बेहद करीबी था। 1981 में आदिल को अमेरिका में आगजनी और बमबारी के आरोप में 35 साल की सजा हुई। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि राजीव गांधी ने 1985 की अमेरिका यात्रा में आदिल के लिए बात की। आदिल-एंडरसन स्वैप डील के दावे तो अतिरंजित हैं, लेकिन दोनों घटनाओं का समय और संदर्भ संदिग्ध है।नटवर सिंह की किताब: बाबर की कब्र पर इंदिरा का दौरानटवर सिंह की “प्रोफाइल्स एंड लेटर्स” में 1968 अफगानिस्तान यात्रा का जिक्र है। इंदिरा ने बाबर की कब्र पर जाकर कहा, “आज मैंने अपने इतिहास को ताजा कर लिया।” यह उद्धरण सही है, हालांकि इसका मुगल वंश से सीधा संबंध जोड़ना अतिशयोक्ति है। फिर भी, प्रधानमंत्री के रूप में मुगल सम्राट की कब्र पर निजी श्रद्धा विवादास्पद रही।सच्चाई का कड़वा सचये प्रमाणित तथ्य नेहरू-गांधी परिवार की सत्ता के दुरुपयोग की कहानी कहते हैं। भोपाल के हजारों पीड़ित आज भी न्याय के लिए तरस रहे हैं। यूनुस और आदिल का नजदीकी संबंध परिवार के निजी जीवन पर सवाल उठाता है। बाबर कब्र का दौरा उनकी ऐतिहासिक पसंद को दर्शाता है। राजनीतिक परिवारों को इन काले अध्यायों का सामना करना होगा। सत्य हमेशा सामने आता है।