पति एक दरगाह पर माथा टेककर घर लौटा… तो पत्नी ने बगैर नहाये घर में घुसने नहीं दिया।
बोली – जब अपने खुद के पिता को श्मशान में जलाकर आये थे, तब तो खूब रगड़ रगड़ के नहाये थे। अब किसी की लाश पर मत्था टेककर आ रहे हो, अब नहीं नहाओगे…?
पति – अरी बावरी, वो तो समाधि है।
पत्नी – समाधि उसको जलाया कब, जलावेगा तभी तो समाधि बनेगी। उसमें तो अभी लाश ही पड़ी है।
पति – अरे, वो तो देवता है।
पत्नी – तो तुम्हारे पिता क्या राक्षस थे…?
पति – अरे मुझे तो… फ्रेण्ड बम्दुल ले गया था। अगर नहीं जाऊँगा तो उसे बुरा नहीं लगेगा…?
पत्नी – तो उस बम्दुल को… सामने वाले हनुमान जी के मन्दिर में, मत्था टेकवाने ले आना, कल मंगलवार भी है।
पति – वो तो कभी नहीं आवेगा मत्था टेकने, ला तू पानी की बाल्टी दे।
पत्नी – तो चलिये… कान पकड़ के 10 दण्ड बैठक लगाओ, और सौगन्ध लो कि… आगे से किसी की मजार पर नहीं जाओगे।
हमारा घर… एक मन्दिर है यहाँ “बांके बिहारी जी, महादेव जी और… माँ आदिशक्ति की इच्छा से चलती है।
सुख आवै तब भी, दुख आवै तब भी… जय सनातन धर्म की…
जय श्री राम 🙏🚩
Day: January 26, 2026
2024 की एक सच्ची घटना… कहीं आप भूल तो नहीं गए?
उमेश कोल्हे की दोस्ती यूसुफ़ खान से 16 साल पुरानी थी। उमेश #Eid पर यूसुफ़ के घर जाते थे, मिठाई खाते थे। यूसुफ़ सोशल मीडिया पर एक्टिव था और अक्सर #Israel के खिलाफ और #Hamas के समर्थन में पोस्ट करता था। यह खुला हुआ आ-तं-कवाद का समर्थन था, लेकिन उमेश ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि ये तो किसी दूसरे देश की बात है।
“हमें क्या?”
फिर एक दिन उमेश कोल्हे ने नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट कर दी, जिन्हें LKFC द्वारा आतंक के जरिए निशाना बनाया जा रहा था।
इसके बाद यूसुफ़ खान ने 8 लोगों की टीम बनाई और उमेश कोल्हे का ग- ला का- ट दिया।
सिर्फ इसलिए कि आप अपने जानने वालों के “प्रो-टेरर” विचारों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, इसका मतलब ये नहीं कि आप कभी उनके निशाने पर नहीं आएंगे।
जो भी व्यक्ति किसी भी बहाने, किसी भी वजह से आतं- क- वाद का समर्थन करता है—उसे तुरंत ब्लॉक करें।
किसी भी कीमत पर “टॉलरेंस” मत दिखाइए।
