Posted in काश्मीर - Kashmir, छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

🕉️आज की प्रेरणादायक कहानी..
                  
मुस्लिमों द्वारा कश्मीर घाटी से अपनी हवेली से जबरदस्ती बाहर निकाली गई एक परिवार की तीन लड़कियों की जिनका नाम है सीमा भट्ट, शाका भट्ट और सीपीका भट्ट की…

सीमा भट्ट कहती हैं कि 1990 में एक दिन अचानक कुछ मुस्लिम आतंकी उनके घर में घुसे उनके बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और हमें सिर्फ 3 घंटे में घर खाली करने का आदेश दिया वरना पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे दी।

उसके बाद यह भट्ट परिवार तुरंत ही बगैर कुछ सामान लिए अपने आलीशान और विशाल घर से निकल पड़ा और 1 साल तक जम्मू के रिफ्यूजी कैंप में एक कमरे में शरणार्थी बन कर रहा उसके बाद यह परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया।

भाई का कत्ल मुस्लिम आतंकियों ने कर दिया था पिता ने तीनों बेटियों को मुंबई में उच्च शिक्षा दी। एक बेटी सीमा ने इंजीनियरिंग की जिसने 5 साल तक बैंक आफ अमेरिका की मुंबई और हैदराबाद ब्रांच में नौकरी की और जो 2014 से कनाडा में रहती है।

दूसरी बेटी शाका भट्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट है और तीसरी बेटी सीपीका भट्ट ने पुणे के सिंबोसिस से एमबीए की डिग्री ली।

लगभग 5 सालों तक नौकरी करने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट बहन शाका और एमबीए सीपीका ने एक नया स्टार्टअप बनाकर बिजनेस करने की सोची और उनका ध्यान इस पर गया कि जो ऑफिस वूमेन है उनके लिए अभी तक कोई ऐसा बैग डिजाइन नहीं हुआ है जिसमें वह अपना लैपटॉप और अपनी तमाम पर्सनल चीजें भी एक साथ रख सके।

उसके बाद उन्होंने कई लेदर बाजार में चक्कर लगाया कई जूते बनाने वाली एक्सपोर्ट हाउसिंग यूनिट में भी गई लेकिन उन्हें ऐसा कोई विमेन बैग नहीं मिला फिर उन्होंने सोचा कि हम खुद क्यों ना ऐसा एक वुमेम हैंडबैग बनाएं उसके बाद वह लोग अच्छे चमड़े की तलाश में कोलकाता गई एक बहन ने बैग की डिजाइन बनाई उसके बाद उन्होंने अपना एक स्टार्टअप कंपनी बनाई जिसका नाम रखा होमलैंड फैशन एंड लाइफ़स्टाइल और कुछ बैग डिजाइन करके उसका पोर्टफोलियो उन्होंने इंटरनेट पर डाला।

एक बहन सीमा भट्ट जो कनाडा में रहती है उसने कुछ बैग मंगाकर कनाडा के कुछ स्टोर को दिखाया जो उन्हें बहुत पसंद आया देखते ही देखते इनके लेदर बैग सुपरहिट हो गए और आज मिंतरा से लेकर अमेजॉन पर भी इनके बैग ऑनलाइन बिक रहे हैं अमेरिका कनाडा के मॉल में भी सप्लाई जा रही है।

अभी इनका 1 साल का टर्नओवर 1 करोड़ हुआ है जबकि उन्हें यह बिजनेस करते हुए सिर्फ डेढ़ साल ही हुआ है।

मुझे एक खबर याद आ गई जब कश्मीर के एक बेहद खतरनाक आतंकी जिसे सुरक्षाबलों ने मारा था तमाम वामपंथी तमाम मुस्लिम और तमाम तथाकथित बुद्धिजीवी जिसमें प्रशांत भूषण और अरुंधति राय थे उन्होंने यह ट्वीट किया था इसे सेना के जवान ने पिटाई किया था जिसकी वजह से यह आतंकी बना।

सोचिए इन तीनों बहनों ने बचपन में कितना कुछ झेला लेकिन अपने धर्म के संस्कारों की वजह से इन्होंने कितना शानदार रास्ता अपनाया।

बड़ी बहन ने एक बेहद मर्मस्पर्शी घटना बताई उन्होंने कहा कि 1 दिन वह फेसबुक पर थी तभी उन्होंने एक मुस्लिम परिवार का अपने घर का फोटो एक पोस्ट पर देखकर वह चौक गई कि वह घर उनका था उन्होंने कहा कि वह तस्वीर देखने के बाद मैं कई दिनों तक डिप्रेशन में रही मैं बहुत फूट-फूट कर रोई कि जिस हवेली को मेरे दादाजी और मेरे पिताजी ने इतनी मेहनत से बनाया था और जिस हवेली में मेरे बड़े भाई का कत्ल किया गया और जिस हवेली को हमें मात्र कुछ घंटों की नोटिस पर छोड़ने को मजबूर किया गया हमारी उस पुरखों की हवेली पर एक मुस्लिम परिवार कब्जा करके रह रहा है और वह बड़ी बेशर्मी से उनके फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर रहा है।