यह है, यासर अराफत की बेटी, जहुआ अराफत!
यासर अराफत को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है!
उन्होंने लाखों फिलिस्तीन युवकों को मौत के दलदल में धकेल दिया
उन्हें सपने शब्ज बाग दिखाएं और मध्य पूर्व को आतंकवाद की आग में झोंक दिया
यह लिखने का कारण यह है कि दुनिया के सभी पिताओं की तरह, उन्हें भी अपनी बेटी की चिंता थी।
और उन्होंने फिलिस्तीन की “सेवा” करते हुए जो धन इकट्ठा किया था, उसमें से कुछ अपनी बेटी के लिए रखा।
ज्यादा नहीं, बस थोड़ा सा…,
आज के बाजार मूल्य पर उसकी कीमत मात्र ₹66,311 करोड़ है!
पाकिस्तान के कुल विदेशी मुद्रा भंडार से कई गुना!
यह कहना गलत नहीं होगा कि यासर खुराफात की यह बेटी लंदन में एक सड़क की मालकिन है, क्योंकि उस सड़क के दोनों तरफ की ज़्यादातर संपत्तियाँ इसी महिला के नाम पर हैं।
पिछले कई सालों से वह पेरिस के एक बेहद महंगे इलाके में आलीशान हवेली में रह रही है और पिछले 25 सालों में उसने फिलिस्तीन का चेहरा भी नहीं देखा है।
उसे चार भाषाएं आती है, लेकीन वह अरेबिक नही जानती!
संयुक्त राष्ट्र के निर्देशानुसार उसे शरणार्थी का दर्जा दिया गया है!
यह है जन्नत और जिहाद नामक उद्योग की हकीकत!
