1983…
#फाकलैंडस_वार… से हिंदुओं को सीखना होगा ।
दुश्मन हर चाल चलेगा ।
अर्जेंटीना और ब्रिटेन आमने सामने थे…वजह थी अर्जेंटीना के पास फाकलैंडस नामक दीप जो कि 100 वर्षों से भी ज्यादा समय से ब्रिटिश औपनिवेश था…. अर्जेंटीना की सेना ने अचानक हमला कर दिया और युद्ध शुरू हो गया…. दीप पर पहले से मौजूद ब्रिटिश सेना अपनी मोर्चाबंदी की वजह से बेहतर पोजीशन में थी….
लेकिन अर्जेंटीना के सा मुख्य हथियार था #ANS_GEN_BALGRENO…. जो उसका मुख्य युद्धपोत था… समुंदर के रास्ते आने वाली किसी भी ब्रिटिश मदद को रोकने वाला…. जोकि धीरे धीरे जमीन के ब्रिटिश सैनिकों की घटती ताकत का कारण बन रहा था….
जमीन से बाहर की लड़ाई का 80% ANS GEN. BALGRENO अकेला ही लड़ रहा था….. ब्रिटिश कमांडरों की सबसे बड़ी मुसीबत ये थी कि वो उसे ढूंढ नहीं पा रहे थे…..
लड़ाई में कमजोर पड़ रही थैचर सरकार ने एक दाँव खेला…. उसने झूठी घोषणा कर दी कि ब्रिटेन की पनडुबियों ने ANS GEN. BALGRENO को डुबो दिया है ….. इतने से अर्जेंटीना में अव्यवस्था फैल गई…. विपक्ष और जनता ने राष्ट्रपति से सवाल शुरु कर दिए… जबकि वहाँ की सेना और राष्ट्रपति लगातार कहते रहे कि युद्धपोत ठीक है और अपनी ड्युटी कर रहा है लेकिन विपक्ष लगातार जलती पर तेल डालता रहा ,जिससे प्रदर्शन उग्र होते रहे….
लगातार प्रदर्शनों और विपक्ष के दबाव में आकर आखिरकार सेना को युद्धपोत की जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ी…. जिससे उसकी तत्काल पोजीशन की जानकारी ब्रिटिशरस के पास पहुंच गई…. जानकारी मिलने के कुछ घंटे बाद ही रायल एअरफोर्स ने एक जबर्दस्त हमला करके ANS GEN. BALGRENO को डुबो दिया….. जिसमें उसपर मौजूद 600 से ज्यादा नेवल सैनिक भी मारे गए…..
दो महीने से ज्यादा देर तक अपने दम पर ब्रिटेन के नाक में दम करने वाले ANS GEN. BALGRENO के डूबते ही दीप पर मौजूद ब्रिटिश आर्मी के पास बैकअप पहुँचने लगा… आखिर में दीप पर मौजूद अर्जेंटीना की सेना को समर्पण करना पड़ा…..
अब तो समझो कि ये पप्पू की अम्मा सैनिक गतिविधियों की जानकारी क्यूँ मांग रही है…..?????
मालिक का कर्ज भी तो चुकाना है……