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मनमोहन राज में प्रधानमंत्री रिलीफ फंड से हर साल कई हजार करोड़ रुपये राजीव गांधी फाउंडेशन को डोनेट किए जाते थे । जिसे राजीव गांधी फाउंडेशन देश विदेश से आए तमाम डोनेशन को जिसमें चीन से भी आते थे, यहां तक कि जाकिर नाईक ने भी ₹5000000 दिया था, ऐसे तमाम कुल 1000 करोड़ रुपए तमिलनाडु में रजिस्टर्ड और तमिलनाडु में ऑफिस रखने वाली एक संस्था वर्ल्ड विजन को ट्रांसफर करते थे ।
कुछ साल पहले तक राजीव गांधी फाउंडेशन की वेबसाइट पर उनके पार्टनर में वर्ल्ड विजन इंडिया और वर्ल्ड विजन इंटरनेशनल का भी नाम होता था ।

लेकिन जब कुछ साल पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजीव गांधी और वर्ल्ड विजन की सच्चाई बताई तब उसे हटा दिया गया ।
और मोदी सरकार ने राजीव गांधी फाउंडेशन का फेरा और फेमा लाइसेंस कैंसिल कर दिया, ताकि अब उसे विदेशों से डोनेशन ना मिले ।

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मोदी सरकार ने तथाकथित सेवा में जुटे राजीव गांधी फाउंडेशन का फेरा, फेमा लाइसेंस क्यों कैंसिल किया ???

जब राजीव गांधी फाउंडेशन का फेरा और फेमा लाइसेंस कैंसिल किया गया तब कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया था कि मोदी सरकार राजीव गांधी फाउंडेशन के सेवा कार्यों से डर गई है ।
तो जनाब यह एंटोनियो माइनो उर्फ सोनिया गांधी भारत में चर्च की सबसे बड़ी दलाल है…

वर्ल्ड विजन की वेबसाइट का लिंक मैं आपको कमेंट बॉक्स में दे रहा हूं । हालांकि मैंने कुछ स्क्रीनशॉट वर्ल्डविजन से लिए हैं यह संस्था विश्व की सबसे बड़ी ईसाई मिशनरी है, जो बच्चों और किशोरों के धर्मांतरण में लिप्त है ।

दुनिया के 80 देशों में यह प्रतिबंधित है और इस पर प्रतिबंध लगाने वाले 80 देशों में कुछ मुस्लिम देश हैं और ज्यादातर धर्मनिरपेक्ष देश हैं । वहां जब यह पाया गया कि वर्ल्डविजन संस्था बच्चों की सेवा करने के नाम पर उनका अवैध धर्मांतरण करवाती है तो उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया ।

लेकिन इस संस्था को सोनिया गांधी चर्च के इशारे पर 1000 करोड़ रुपए हर साल देती थी, ताकि भारत में खासकर कर्नाटक तमिलनाडु और केरल में और नॉर्थ ईस्ट में छोटे-छोटे बच्चों का बड़े पैमाने पर धर्मांतरण करवाया जा सके…।

जब वर्ल्ड विजन इंडिया का फेरा लाइसेंस मनमोहन राज में ही यह कहकर नहीं दिया गया कि यह संस्था विश्व के तमाम देशों पर प्रतिबंधित है, क्योंकि यह संस्था बच्चों और किशोरों के अवैध धर्मांतरण में लिप्त है, तब चर्च ने अपनी सबसे बड़ी दलाल सोनिया गांधी को एक्टिवेट किया और सोनिया गांधी ने इस संस्था को खूब पैसा मिले, इसके लिए पूरी ताकत लगा दी।

वर्ल्ड विजन की गंदी सच्चाई जाने के बाद तमाम बीजेपी शासित राज्यों में इसके कामकाज पर प्रतिबंध है, लेकिन यह संस्था आज भी केरल, तमिलनाडु और अब कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद तथा झारखंड यानी ऐसे राज्यों में जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है, वहां बड़े पैमाने पर धर्मांतरण में लगी है ।

सबसे आश्चर्य इस बात पर है कि मनमोहन सिंह हम सबके टैक्स का पैसा यानी प्रधानमंत्री रिलीफ फंड का पैसा राजीव गांधी फाउंडेशन को देते थे और राजीव गांधी फाउंडेशन वर्ल्ड विजन को देता था ।

चूंकि राजीव गांधी फाउंडेशन के पास फेरा और फेमा लाइसेंस था, इसलिए राजीव गांधी फाउंडेशन पूरी दुनिया से तमाम ईसाई संस्थाओं तमाम सरकारों से डोनेशन के नाम पर और वह रुपए लेता था और उस पैसे को वह वर्ल्ड विजन को देता था, ताकि भारत में ईसाईयत फैलाई जा सके ।

क्योंकि यदि मनमोहन सिंह सीधे ईसाई मिशनरी को पैसा ट्रांसफर कर दे, तब किस पर बवाल होता ? लेकिन सोनिया गांधी ने इसका एक अलग रास्ता इस तरह निकाला था कि भारत में सोनिया गांधी अपना धर्मांतरण का काम करती रहे ।

जितेंद्र सिंह
(चंद्राश्मि सिंह की भित्ति से)

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