यह फलक पलसवारी बांग्लादेश से प्राप्त हुआ था। इस फलक में राजा दशरथ के शव को तेल से भरी पेटिका (द्रोणी) में रखा हुआ दर्शाया गया है। जब राजा दशरथ की मृत्यु हुई थी तब उनके समीप उनका कोई भी पुत्र नहीं था। इसलिए उनके शव को कुछ दिनों तक तेल द्रोणी में रखकर सुरक्षित किया गया था। इस फलक में उत्तर गुप्त ब्राह्मी लिपि में -” राजा दशरथ तैलद्रोणी” भी लिखा है।
सोर्स- Early Ramayana Illustration From Bangladesh, fig. 11, page no. 1062 Sanatan Samiksha
