Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

कनिष्क
जिस ने चीन पर 23 वर्ष राज्य किया ।
आधुनिक चीन के खोतान प्रान्त में मिले कनिष्क के सिक्के।

कनिष्क का साम्राज्य पाकिस्तान व भारत से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर स्थित अमु दरया के उत्तर में दक्षिणी उज़्बेकिस्तान एवं ताजिकिस्तान से लेकर दक्षिण-पूर्व में मथुरा तक फैला था। राबातक शिलालेखों के अनुसार यह पाटलिपुत्र एवं श्रीचम्पा तक विस्तृत था। उत्तरतम भारत में स्थित कश्मीर भी कनिष्क के अधीन ही था, जहां पर बारामुला दर्रे के निकट ही कनिष्कपुर नामक नगर बसाया गया था। यहाँ से एक बहुत बड़े स्तूप का आधार प्राप्त हुआ है।
बुक ऑफ़ द लेटर हान, हौ हान्शु, से ज्ञात होता है कि, चीनी जनरल बान चाओ ने ९० ई में खोतान के निकट कनिष्क की ७०,००० सैनिकों की सेना से युद्ध किया।

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250 साल पुराना ढका पानी का कुआं। लोकप्रिय स्मृति यह है कि इस कुएं का निर्माण रानी अहिल्या देवी होल्कर ने करवाया था। स्थानीय रूप से इसे अहिल्याबाई का भराव या रानी अहिल्यादेवी का भराव के नाम से जाना जाता है…

पुराना तारीख का शिलालेख है उस पर कुएं को अहिल्या देवी के रूप में घोषित करना थुल घाट पर स्थित है, सहयाद्रि के पार पुराना व्यापार मार्ग सतना-खानदेश क्षेत्र को कल्याण-सोपारा के तटीय शहरों से जोड़ता है

यह क्षेत्र अहिल्या देवी के शासन में था जिसका मुख्यालय महेश्वर में था कुआं पूरी तरह से ढका हुआ है और यह सुनिश्चित करने के लिए ढका हुआ है कि पानी हमेशा साफ रहे..