Posted in महाभारत - Mahabharat

#वृष्णि_वंश के प्रमुख पांच दिव्य पुरुष
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🕉️ 1. #श्रीकृष्ण
जन्म: मथुरा में, देवकी और वसुदेव के यहाँ।

पालन-पोषण: गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के सान्निध्य में।

मुख्य कार्य: कंस वध, गोवर्धन धारण, महाभारत में अर्जुन को गीता का उपदेश।

स्वरूप: भगवान विष्णु के पूर्णावतार माने जाते हैं।

विशेषता: नीति, भक्ति, प्रेम और धर्म स्थापना के प्रतीक।

महाभारत में भूमिका: पांडवों के सारथी और मार्गदर्शक।

🕉️ 2. #बलराम
माता-पिता: वसुदेव और रोहिणी।

स्वरूप: शेषनाग के अवतार माने जाते हैं।

प्रतीक: हल (हलधर) और मूसल धारण करते थे।

स्वभाव: अत्यंत बलशाली, सरल और धर्मप्रिय।

महाभारत काल: युद्ध में तटस्थ रहे, किन्तु भीम और दुर्योधन दोनों को गदा-विद्या सिखाई।

🕉️ 3. #प्रद्युम्न
माता: रुक्मिणी।

स्वरूप: कामदेव का पुनर्जन्म माने जाते हैं।

कथा: जन्म के बाद शंबरासुर द्वारा अपहृत, बाद में पत्नी मायावती (रति) की सहायता से शंबरासुर का वध।

विशेषता: अत्यंत रूपवान और वीर योद्धा।

🕉️ 4. #साम्ब
माता: जाम्बवती।

स्वभाव: शरारती और अभिमानी।

प्रसिद्ध कथा: ऋषियों का उपहास करने के कारण यदुवंश के विनाश का शाप मिला।

परिणाम: साम्ब के कारण उत्पन्न लौह मूसल से यदुवंश का अंत हुआ।

🕉️ 5. #अनिरुद्ध
पिता: प्रद्युम्न।

कथा: बाणासुर की पुत्री उषा से विवाह।

विशेष प्रसंग: बाणासुर से युद्ध, जिसमें श्रीकृष्ण ने बाणासुर को पराजित किया।

महत्व: वृष्णि वंश की परंपरा को आगे बढ़ाया।

🔱 पारिवारिक क्रम
******************

श्रीकृष्ण → प्रद्युम्न → अनिरुद्ध
श्रीकृष्ण → साम्ब
श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता → बलराम

#वंश_वृक्ष 👇🏼

वसुदेव
                    │
     ┌──────────────┴──────────────┐
     │                             │
बलराम        श्रीकृष्ण
                                      │
        ┌───────────────┬───────────────┐
        │                               │
प्रद्युम्न              साम्ब
        │
अनिरुद्ध
        │
     (अनिरुद्ध का विवाह बाणासुर की पुत्री उषा से)

✍🏼 Raaj Singh ©

Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

इमरान ख़ान नियाज़ी अपने ज़माने में मशहूर लड़की@बाज़ आदमी था- बेनज़ीर भुट्टो से लेके अनेक बॉलीवुड हीरोइन, ब्रिटिश लड़कियां आदि को अपने जाल में फँसाने वाला इमरान अपने पहले निकाह से पहले कुछ अमीर ब्रिटिश गोरी लड़कियों को भी गुमराह कर चुका था। मसलन एक टीवी होस्ट को इसने इतना बड़ा झांसा दिया था कि वो उससे निकाह करेगा। निकाह की शर्त थी कि वो लड़की अपना मजहब बदले- और उसने बदला भी। किंतु ख़ान ने इस से निकाह नहीं किया- बस मजहब तब्दील करवा कर पत्ता साफ़ कर दिया।

९२ के वर्ल्ड कप जीत के बाद इमरान ने सीटा वाइट से भी नाता जोड़ा और एक लड़की पैदा की। ख़बरें कहती है वाइट की इस लड़की को इमरान ख़ान ने अपनाया नहीं, अपना नाम नहीं दिया। सीटा वाइट ने अदालती कार्यवाही की- अनेक टेस्ट गवाही आदि के बाद अदालत ने माना कि इमरान ख़ान इस बच्ची का अब्बा है। किंतु ख़बरों में इस लड़की के बारे में कुछ और नहीं ज्ञात होता। आज जानिये सीटा वाइट की कहानी!

सीटा वाइट लंदन के एक बड़े रईस लार्ड वाइट की बेटी थी। लार्ड वाइट सत्तर के दशक में अमेरिका आ गया और इधर वो अरबपति व्यापारी था। लार्ड ने तीन विवाह किए थे। सीटा वाइट उसकी पहली पत्नी की संतान थी।

लार्ड वाइट अपने बुढ़ापे में एक बार बीमार पड़ा और लॉस एंजिलस के एक अस्पताल में भर्ती था। बीमारी के दौरान एक नर्स ने उसकी देखभाल की और इसी दौरान लार्ड वाइट ने नर्स की जवान सुंदर मॉडल बेटी से तीसरा विवाह कर लिया। लार्ड वाइट की ये तीसरी बेटी उससे चालीस साल छोटी थी, और सीटा वाइट से भी चार साल छोटी।

लंदन अमेरिका आदि में इमरान ख़ान सीटा वाइट से पींगे बढ़ाता रहा और इस दौरान सीटा वाइट को एक लड़की हुई। लड़की को अपनाने से इनकार करने के बाद सीटा वाइट ने कैलिफ़ोर्निया कोर्ट का सहारा लिया- लंबी लड़ाई लड़ी और अपनी बेटी का बाप इमरान को साबित करवाया। किंतु इमरान ने अपनी बेटी को अपना नाम देने से साफ़ मना कर दिया।

सीटा वाइट अपनी अबोध बच्ची के साथ कैलिफोर्निया में रहती थी- और इसी दौरान उसका पिता लार्ड वाइट खोदा को पियारा हो गया। और अब इधर से उसकी सम्पत्ति को लेके बवाल मचा।

लार्ड वाइट की पहली दो बीवियों की संतानों और तीसरी बीवी के बीच दौलत जायदाद को लेके बड़ी भसड़ मची। सीटा वाइट को केवल एक मकान मिला- अधिकांश सम्पत्ति तीसरी बीवी ले गई।

सीटा वाइट ने इसी दौरान अर्जेंटीना मूल के एक वेटर से विवाह कर लिया- जो उसे मारता था। और फिर बरस 2004 में जब सीटा वाइट मात्र 42 साल की थी- अचानक से एक दिन मृत मिली। मौत कर कारण लंग फेलियर था। उसके जनाजे में कोई नहीं आया- ना सौतेली माँ, ना सौतेले भाई बहन – कोई नहीं: उसके वेटर पति ने उसका अंतिम संस्कार किया।

सीटा वाइट की मौत के समय इमरान ख़ान की बेटी केवल बारह साल की थी। इस समय इमरान ख़ान जेमिमा गोल्डस्मिथ से विवाह कर चुका था। बेचारी अनाथ लड़की को लार्ड वाइट के रिश्तेदार लंदन ले आए जिधर जेमिमा ने उसकी देखरेख की – उसे अपने शौहर की औलाद बताया।

किंतु इमरान ख़ान ने कभी भी इस लड़की को अपनी औलाद नहीं माना। सारा ज़माना मानता था ये लड़की उसकी औलाद है- कोर्ट ने माना, डीएनए टेस्ट ने साबित किया, जेमिमा ने माना, इमरान के दोनों लड़कों ने उसे अपनी बहन माना बस- इमरान ख़ान ने नहीं माना।

आज ये लड़की लंदन में रहती है- इसे आज भी अपने अब्बा का नाम नहीं मिला।

आज इमरान ख़ान लगभग अंधा हो चुका है। कर्मों का फल उसे इसी जीवन में मिल चुका है!

Mann ji bhai