Posted in हिन्दू पतन

मनु स्मृति में लिखा है की ब्राह्मण के स्थान पर शुद्र बैठ जाये तो उसे दंडित करो।

इस लेख को दिखा कर,, हिन्दूओं में भेदभाव जातिवाद है कहकर…

एक व्यक्ति मुझे उकसाने लगा।

फिर मैंनें उसकी समस्या का समाधान करने के लिए ठान लिया।

सबसे पहले उसको बौद्ध मंदिर ले गया

वहां बुद्ध के पास भंते जी का स्थान था।

मैंने उस व्यक्ति से कहा कि,

अब तू भंते को हटा कर खुद बैठ जा।

व्यक्ति ने ऐसा ही किया

फिर क्या था …

भंते जी ने गुस्से में चार पांच छड़ी व्यक्ति को जमाया

और उसे अपनी औकात में रहने की सलाह भी दे डाली।

फ़िर मैं उसे

एक दरगाह में ले गया

वहां कब्र के पास मौलाना साहब की गद्दी थी,

मैंने व्यक्ति से कहा की इसे हटा कर तू बैठ जा।

व्यक्ति ने वैसा ही किया।

मौलाना साहब ने उसे सौ जूते दिए

काफ़िर कह कर उसकी खूब ठुकाई की।

माफ़ी वगैरह मांगने के बाद व्यक्ति वहां से जान बचा कर भाग खड़ा हुआ।

फिर मैं उस व्यक्ति को एक चर्च में ले गया

वहां काफी लोग प्रे कर रहे थे , मैंने उससे कहा चर्च के फादर को किनारे ढकेल कर लोगो से बोलो की वह तुम्हें फादर कहे ,

फिर क्या था व्यक्ति ने वही किया ,

उसके बाद उसी चर्च में इतना ठुकाई हुई की बेहोश हो गया ,

बड़ी मुश्किल से उसे मैं घर लेकर आया।

फिर अगले दिन अब मैं उस,

व्यक्ति को एक गली के मंदिर मे ले गया

वहां सभी कॉलोनी के लोग बारी बारी से आरती कर रहे थे कोई शन्ख बजा रहा था तो कोई झालर, घण्टी व सभी लोग बारी बारी से आरती कर रहे थे…

मैंने व्यक्ति से कहा की इनको हटा कर तू जो भी करना चाहता है वो कर सकता है, फिर

व्यक्ति ने वैसा ही किया, उसने घण्टी बजाई, आरती भी की, पंडित जी ने अपने हाथ से प्रसाद दिया…..

व्यक्ति तब से आज तक शर्मिंदा है कहता है मैं भी हिन्दू हुं, अज्ञानता वंश निज धर्म का ही विरोध करता था।

अब मिलता है तो बोलता है भाई, हिन्दू हिन्दू भाई भाई॥

अगर आप को भी कोई व्यक्ति ऐसा मिले तो उसे चारो धाम के दर्शन जरूर करवायें। पुण्य कमाएं।

#जय_श्री_राम