धीरेंद्र ब्रह्मचारी और इंदिरा गांधी का एक लंबा अटूट रिश्ता था।
धीरेंद्र ब्रह्मचारी के नाम इमरजेंसी में यूँ तो अनेक कारनामे दर्ज है किंतु दो मुख्य है।
पहला – स्वामी ने प्राइवेट हवाई जहाज़ अमेरिका से नगद डॉलर दे ख़रीदा और भारत बिना ड्यूटी दिये लाये- वो भी उस ज़माने में जब अमेरिकी जूते और घड़ियों पर अंधाधुंध ड्यूटी लगती थी।
दूसरा – स्वामी ने दिल्ली और जम्मू कई आश्रम सरकारी ज़मीन पर बनाये, जम्मू वाला आश्रम रक्षा मंत्रालय के आपत्ति करने के बाद भी बना था। पचास एकड़ का बना ये आश्रम आधुनिक सुविधाओं से लैस था और इस में एक प्राइवेट हवाई पट्टी भी थी।
* जब इमरजेंसी के बाद मोरार जी देसाई की सरकार बनी तो स्वामी का ये सफ़ेद और नीला वाला जहाज़ ज़ब्त हुआ दो लेकिन इंदिरा सरकार की वापसी पर ये हवाई जहाज़ स्वामी को वापस दे दिया गया।
* शाह कमीशन ने स्वामी से बहुत जाँच पड़ताल की। उनके हवाई जहाज़ के लॉग देखे तो पाया- दो सौ से ऊपर उड़ानों में से सवा सौ उड़ान केवल संजय और राजीव के नाम थी। बीस उड़ान राय बरेली और अमेठी तक थी।
* चीफ कंट्रोलर ऑफ़ इंपोर्ट के आधिकारिक बयान के मुताबिक़ इस जहाज़ मर्सिडीज़ कार तक इंपोर्ट की गईं, बिना ड्यूटी के…
* अंतिम चरणों में इनकी इंदिरा से कुछ अनबन हुई और अजीब इत्तिफ़ाक़ है की जल्द ही स्वामी की मृत्यु भी संजय गांधी और राजेश पायलट की तरह हवाई दुर्घटना में हुई।


