इस्लामिक शब्द “खान” से खाना बना है।
दोहा:
‘खाना’ खाते खल सभी,
संत करें ‘आहार’!
सज्जन ‘भोजन’ को करे,
भाषा क्रिया प्रकार!
अर्थात: खाना दुष्ट लोग खाते हैं, भोजन ‘सज्जन’ लोग करते हैं। और आहार संत लोग करते हैं!
1. ‘खाना खाया जाता है, ‘भोजन किया जाता है, ‘आहार’
लिया जाता है!
2. ‘खाना’ कांँटे चम्मच से खाया जाता है, ‘भोजन’ एक हाथ से किया जाता है, आहार दोनों हाथ से लिया जाता है!
3. दूसरों का पेट कटकर अपना पेट भरने को ‘खाना’ कहा जाता है। जीवन जीने के लिए ‘भोजन’ हैं। तथा त्याग, तपस्या, संयम और साधना के लिए पेट भरना ‘आहार’ हैं!
तो आज से हम ‘सज्जन लोग’ ‘भोजन’ करेंगे और करवाएंगे!
जय अन्न दाता 🚩
जय श्री राम 🙏🙏