इन्दिरा गांधी को “आयरन लेडी” कहने वाले, जरा ध्यान से पढ़ें..
विंग कमांडर अभिनंदन का नाम तो याद है, ना ? जिनको छुड़वाने के लिए मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर ‘ब्राह्मोस मिसाइल’ तान दी थी, जिनके कारण अमरिका भी सकते में आ गया था |
कुछ अन्य पायलट के नाम यहाँ दिए हैं ! पढ़िए ये नाम….
विंग कमांडर हरसरण सिंह डंडोस,
स्क्वाड्रन लीडर मोहिंदर जैन,
स्क्वाड्रन लीडर जे एम मिस्त्री,
स्क्वाड्रन लीडर जे डी कुमार,
स्क्वाड्रन लीडर देव प्रसाद चैटर्जी,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुधीर गोस्वामी,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट वी वी तांबे,
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट नागास्वामी शंकर,
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट राम एम आडवाणी,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनोहर पुरोहित,
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट तन्मय सिंह डंडोस,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट बाबुल गुहा,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुरेशचंद्र संदल,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट हरविंदर सिंह,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट एल एम सासून,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पी एस नंदा,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अशोक धवळे,
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट श्रीकांत महाजन,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुरदेव सिंह राय,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट रमेश कदम,
फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रदीप वी आप्टे,
फ्लाइंग ऑफिसर कृष्ण मलकानी,
फ्लाइंग ऑफिसर के पी मुरलीधरन,
फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी,
फ्लाइंग ऑफिसर तेजिंदर सेठी,
ये भारतीय वायुसेना के वे योद्धा थे, जो 1971 के युद्ध में पाकिस्तान में युद्ध बंदी बने, और कभी वापस नहीं आए..!!
कांग्रेस सरकार ने कभी भी इनकी कोई खोज नहीं की.. ना ही दबाव डलवाया!
इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान से समझौते में 93000 पाकिस्तानी युद्धबंदी छोड़ दिए, परंतु अपने सैनिक वापस मांगने की “याद नहीं आई” – हिम्मत ही नहीं दिखा पाई..!!
देश के लोगों से इन लापता भारतीय योद्धाओं के समाचार छुपाए रख्खे! और तो और, समाचारपत्रों ने फोटो तक नहीं छापी |
मरने के लिए इन्हे, पाकिस्तानी जेलों में छोड़ दिया गया, और हमारे ये सैनिक गुमनाम मृत्यु मर गए!
यही सच्चाई रही है, भारत के प्रति इन धूर्त, लुटेरे, सत्ता लोलुप नेहरू-गांधी परिवार की!
यह पोस्ट नेहरू-गांधी परिवार के चाटुकारों के लिए है, जो पूछते हैं, कि “लोग इस परिवार व कांग्रेसका इतना तिरस्कार क्यौ करते हैं ?” पीड़ादायक होगी, लेकिन देश के आम नागरिकों की आँखें यह पढ कर अवश्य ही खुल जाएंगी…..!
एक बार हिंदुस्तान का अफगानिस्तान सीरिया पाकिस्तान बन गया तो फिर वापस हिंदुस्तान नही बन पाएगा ! हिन्दुओं की ये आखरी पीढ़ी है जिन्हें हिंदुत्व के लिए लड़ने का मौका मिल रहा है
यदि हम हार गए तो…अगली पीढ़ी सिर्फ बचने का मौका ढूंढेगी…
पादरी शादी कराए तो मान्य,
मौलवी निकाह पढ़वाए तो मान्य,
हिन्दू पंडित विवाह कराए तो कोर्ट का सर्टिफिकेट चाहिए
आखिर क्यों?
🤔
इजराइल के एक जज ने लव जिहाद में फँसाकर बलात्कार करने वाले 16 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाते हुए कहा,
-India समझ रखा था क्या?
🤣🤣
जहां मुस्लिम कम है वहाँ भाई चारा है,
जहां मुस्लिम अधिक वहां हिंदू बेचारा है,
बस इतनी सी बात हिंदुओं को समझ नहीं आ रही ।
😯😯
जो हिंदू मुस्लिम एकता पर ज्ञान देते हैं,
वे, 56 इस्लामिक देश कैसे बने, उनका इतिहास पढ़ लें, दो दिन में भाई चारे का भूत उतर जायेगा
😯😯
लव जिहाद का शिकार वही लड़कियाँ होती हैं,
जिनके घरों में हिंदू मुस्लिम भाई-भाई का पाठ पढ़ाया जाता है।
😱😱
पाकिस्तान कोई मुस्लिम राष्ट्र नहीं है,
इस्लाम द्वारा हथियाया गया भारत है।
😳😳
हम हिंदुओं की सबसे गलतफहमी, सारे मुस्लिम खराब नहीं होते,
तो अच्छे मुस्लिम किसी भी हिंदू की मौत पर विरोध क्यों नहीं करते?
😭😭
इतिहास मे जो सम्मान छत्रपति शिवाजी , महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद सिंह जी को मिलना था..
वो सम्मान काँग्रेस ने बाबर, अकबर और औरंगजेब को दे दिया..
🥵😡
हम दो हमारे दो,
ये नारे दीवारों पर हिंदी में लिखे मिलते हैं,
जबकि ज़रूरत इन्हें उर्दू में लिखने की है
😂😅
मंदिर टूटे तो “योगी बचाओ”
बहन-बेटियो और पत्नियों की इज्जत लुटे तो “मोदी बचाओ”
तुम 100 करोड़ हिंदू हो, बाँसुरी बजाओ
😁😁
सच्चाई तो और भी है।लेकिन समझ आ गई तो समय रहते अभी बचा जा सकता है।
जागो और जगाओ।
जात पात हटाओ
एक हो जाओ
विश्व मे ये पहला उदाहरण है। दुनिया चकित है केरल के महाज्ञानी छात्रों के नम्बर देख कर।
आज TV पर बताया गया कि केरल बोर्ड से 100% नम्बर लेकर आये 4000से ज्यादा छात्र -छात्राओं ने दिल्ली वि वि मे फार्म भरा। एक ही कॉलेज में। इनमें से इतिहास में 38, भूगोल में 34, गणित में 45, बायोलॉजी में 51, अंग्रेजी में 50 बच्चों को एडमिशन मिला। जितने भी केरल के छात्रों ने फार्म भरा सब के सब दाखिला पा गए। यह एक कॉलेज का परिणाम था। बाकी चार हजार को भी अन्य कॉलेजों में दाखिला मिलना तय है।
गौर तलब है कि गणित में तो समझ आता है कि 100% नंबर मिल सकते है। पर इतिहास, भूगोल, बायोलॉजी, और भाषा में 100% नम्बर तो नामुमकिन ही है।
इस बहुत बड़े ‘नम्बर जिहाद घोटाले’ को पकड़ा दिल्ली वि वि के प्रोफेसर राकेश पांडेय ने! प्रो.पांडेय 2016 से ही इस बात पर गौर कर रहे थे। पर उनकी बात वि वि प्रशासन और मुख्य मंत्री तक ने नकार दी। तब उन्होंने ये मुद्दा TV पर उठाया तो हड़कंप मच गया। अब जाँच हो रही है।
यह पूरा खेल केरल की वाम पंथी सरकार का है जो नेहरू के मदरसे, JNU/ की तरह दिल्ली वि वि को भी अपना /अपराधी अड्डा बनाना चाह रही है।
वि वि के शिक्षकों का कहना है की केरल का ढिंढोरा पीटने वालों सुनो इन छात्रों की ना हिंदी अच्छी है ना ही अंग्रेजी भाषा। उनका उच्चारण ही गलत होता है। समझ में नही आता और जब केरल की शिक्षा का स्तर बहुत ऊँचा बताया जाता है तो 2000 km दूर केरल से कमतर स्तर वाले दिल्ली क्यों आ रहे हैं ये छात्र?
जब ये बात प्रोफेसर पांडेय ने उठाई तो उनको धमकी मिलना शुरू गयी। शशि थरूर जैसा आदमी उनकी आलोचना करने लगा। असल में ये सारे वाम पंथी और कांग्रेस टुकड़े टुकड़े गैंग JNU की तरह दिल्ली वि वि को बना देना चाहते हैं।
अब देखना है कि यह हरकत भारत के और कौन कौन से वि वि में की जा रही है।
सबसे खास बात ये है कि केरल मे आन लाइन परीक्षा भी नहीं हुई है। छात्र को व्यक्तिगत रूप से परीक्षा मे बैठना पड़ा था। आन लाइन परीक्षा देने वाले छात्र जो किताबें देख कंप्युटर रख कर परीक्षा दिये हैं उनमें भी दो चार को ही 100% नम्बर मिले हैं।
इसके पूर्व UPSC मे उर्दू को माध्यम बना कर षड्यंत्र रचा गया था। इसमें जांचने वाले भी मुस्लिम ही होते हैं। दूसरों को उर्दू आती नहीं तो जाँच भी उर्दू जानने वाले ही करते रहे। उसमें भी 100% नंबर देकर मुस्लिमों को IAS, IPS आदि जगह पर 2009 से घुसेड़ रहे थे।
शाह फ़ैसल आदि ऐसे ही टॉपर बने थे।
केरल में कानून की डिग्री में शरिया कानून एक सब्जेक्ट है। अब ऐसे वकील कल को हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में पहुंचेंगे तो क्या हाल करेंगे भारतीय कानून का! यह विचारणीय प्रश्न है।
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कुछ लोग नही भेजेंगे!
लेकिन मुझे यकीन है आप जरूर भेजेंगे!