Posted in भारतीय उत्सव - Bhartiya Utsav

“देव जब सोते हैं”

आज फिर एक सुन्दर प्रश्न आया । एक युवक प्रश्न कर रहा था , उसने सहज भाव से पूछा ।
शास्त्रीजी , क्या सच में संसार के स्वामी चार महीने के लिए सो जाते हैं ?
शास्ञी जी ने कहा , क्यों ? कोई शक है आपको ?
युवक ने कहा-नहीं । लेकिन यह भगवान विष्णु जगत के पालनहार हैं और अगर वो सो गये वह भी चार महीने के लिए फिर इस ब्रह्मांड के मामले कैसे चलेगें ?
शास्त्रीजी ने कहा – आपके प्रधानमंत्री एक हफ्ते के लिए विदेश जाते हैं तब देश को कौन चलाता है ? क्या देश का कारोबार ठप हो जाता है ? अगर किसी एक कंपनी का अध्यक्ष एक महीने के लिए कहीं घुमने चला जाए तो क्या कंपनी नहीं चलती ?
युवक ने कहा कि वो तो किसी को सत्ता सौंप कर जाते है ।

शास्त्री जी ने कहा कि इस दुनिया के मालिक भी सत्ता सौंप के जाते हैं ।
जगत के नाथ के सोते ही गुरु शक्ति जाग्रत हो जाती है । गुरु पूर्णिमा उत्सव आपको विश्वास दिलाता है कि आपका ध्यान रखने के लिए गुरू परम्परा बैठी है जाग्रत है ।
फिर श्रावण मास में भगवान महादेव आपका ध्यान रखने को तैयार हैं ।
श्रावण समाप्त होते ही विघ्नहर्ता गणेश की सवारी आ जाती है गणेशजी जब कैलाश जाते हैं तो आपके पितरों का उत्सव शुरु होता है तब तुम्हारे पिता तुम्हारा ध्यान रखते हैं ।
पितृ उत्सव समाप्त होते ही आद्य शक्ति माँ जगदम्बा शेर पर सवार होकर आती हैं और दिवाली पर सरस्वती ,लक्ष्मी और महाकाली तुम्हारा ख्याल रखती हैं । तुम तैयार हो जाते हो देव- दिवाली का उत्सव धूमधाम से मनाने के लिए क्योंकि जग का नाथ जाग गया है ।

इस चातुर्मास में गुरु परंपरा आपको लगातार जाग्रत रखती है ।
आप जाग्रत रहना भगवान आपकी देखभाल करने के लिए आपके हृदय-कमल में ही बैठे हैं ।

🙏हरि ॐ 🙏 राधे राधे 🙏

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