जब देश के राष्ट्रपति चुनाव में जीत की घोषणा जामा मस्जिद से हुई,
जाकिर हुसैन की जीत की घोषणा दिल्ली की जामा मस्जिद से लाउडस्पीकर से की गई। नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली की सड़कों गलियों में लाउडस्पीकर से उनकी जीत का ऐलान हो रहा था। मुस्लिम मोहल्लों में लोग खुशी से नाच रहे थे, एक दूसरे को गले लगा रहे थे जैसे वे ईद मना रहे हो। अब आप यह सोचो कि अगले राष्ट्रपति
चुनाव के बाद जीत घोषणा अयोध्या के राम लला के मंदिर से हो जाए, तो कितना बवाल मचेगा!!
1967। यह साल राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुआ। इस साल दो बड़े वाकयात हुए। पहला इंदिरा गांधी ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते विद्वान राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को हटा अपने “रबड़ स्टांप” जाकिर हुसैन को कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति बनवा दिया। दूसरा कार्य यह किया कि कैलाशनाथ वांचू को देश के सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायधीश बना दिया, जबकि उनके पास लॉ की कोई डिग्री नहीं थी।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 6 मई 1967 को हुई। 9 मई की शाम को जाकिर हुसैन की जीत का ऐलान हो गया। उन्हें 4,71,244 और के. सुब्बाराव को 3,63,911 वोट मिले थे।
मजे की बात देखिए, जाकिर हुसैन की जीत की घोषणा दिल्ली की जामा मस्जिद से लाउडस्पीकर से की गई। नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली की सड़कों गलियों में लाउडस्पीकर से उनकी जीत का ऐलान हो रहा था। मुस्लिम मोहल्लों में लोग खुशी से नाच रहे थे, एक दूसरे को गले लगा रहे थे जैसे वे ईद मना रहे हो। अब आप यह सोचो कि अगले राष्ट्रपति चुनाव के बाद जीत घोषणा अयोध्या के राम लला के मंदिर से हो जाए, तो कितना बवाल मचेगा!!
इधर चूंकि विपक्षी दलों के उम्मीदवार सुब्बाराव सुप्रीम कोर्ट से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने आए थे, तो उनकी जगह इंदिरा गांधी ने नेहरू परिवार के निकटस्थ कैलाश नाथ वांचू को सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिया।
मजे की बात यह की वांचू साहब ने जिंदगी में कभी लॉ की कोई परीक्षा पास नहीं की थी। उनके पास लॉ की कोई डिग्री नहीं थी। उनको जवाहरलाल नेहरू ने बरेली में काम करते समय सीधे उठाकर जज बना दिया था। फिर वह राजस्थान उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश भी बने। और फिर विशेष परिस्थितियों में इंदिरा गांधी ने उन्हें देश के सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिया।
आज केजरीवाल को जब जमानत मिली तो यह सब वाकये सहसा ध्यान हो आए। सोचा आप सब से शेयर करूं कि देश के उच्च पदों पर पहले कैसे कैसे खेल हुए है!
