Posted in Secular

*वही गाड़ी* *वही रास्ता* *फल दूसरा क्यों?* 13 वर्ष पहले अटल बिहारी जी जब प्रधानमंत्री थे।


*वही गाड़ी* *वही रास्ता* *फल दूसरा क्यों?* 13 वर्ष पहले अटल बिहारी जी जब प्रधानमंत्री थे। उस समय उनके सगे भतीजे, कालेज की परीक्षा देकर लौट रहे, की कुछ गुंडों ने चलती ट्रेन में मारपीट, चाकूबाजी करके, फिर ट्रेन से नीचे फेककर हत्या कर दी थी। ट्रेन मथुरा दिल्ली रूट पर दौडी जा रही थी। लेकिन पुलिस अपराधियो का पता लगा पाने में आज तक असफल रही है जबकि उस लड़के के बहुत सारे साथी उसी ट्रेन में साथः में थे। राष्ट्रीय टीवी चैनल की पत्रकार लड़की ने उस मृत लड़के के पिताजी से पूछा था, *आपके लड़के की हत्या हो गई है, अापको कैसा लग रहा है ?* ये प्रश्न पूछने वाला दृश्य अभी भी मेरे सामने जैसा दिखाई पड़ रहा है। और इसी ट्रेन में, इसी रास्ते पर, कुछ दिन पहले, कुछ लड़कों ने एक *ल्ले को पीट दिया, तो पूरे भारतीय मीडिया में भूचाल आ गया, *पीटने वाले लड़को का धर्म और पिट जाने वाले लड़के का धर्म मालूम हो गया* और पुलिस ने सप्ताह भर के अंदर पकड़ भी लिया जबकि जुनैद एक साधारण लड़का है, किसी पार्षद तंक का रिश्तेदार नहीं। सावधान हिन्दुओ, आप घिर चुके हो चारो तरफ से, किसी शांतिदूत को हाथ लगाया तो भारत के सभी सेकुलर जवाब मांगेंगे, धरना प्रदर्शन करेंगे क्योंकि *ल्ले उनके जीजा लगते है। *ल्लो को पूरी छूट है हर प्रदेश में हर तरह का अपराध करने की, पुलिस को पीटने की, हत्या बालात्कार करने की, किंतु कभी टीवी पर उनका नाम धर्म नही बताया जाता, घटना तक नही बताई जाती। सावधान *सेकुलर का साथ विनाश की बात* सेक्युलर” कौन है…??? . 1. जिस के दिल मे 90 करोड़ देश भक्तो के लिए नफ़रत और 25 करोड़ गद्दारों के लिए प्यार हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 2. जिसे भारत माँ के दूध से भरे आँचल से ज्यादा सुकून पाकिस्तान की खून से सनी लुँगी मे मिलता हो, उसे “सेक्युलर” कहते हैं…!!! – 3. जिस की निगाह मे आतंकवादी एक हाड़ माँस और दर्द सहने वाले मासूम और सेना का जवान तनख़्वाह पर मरने वाला रोबोट है, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 4. जिस की निगाह मे 5 बार की नमाज़ तानसेन का मधुर संगीत और वन्दे मातरम दंगे का आह्वान हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 5. जिन की निगाह मे स्कूल मे श्रीमदभगवत गीता पढ़ाना सांप्रदायिक, पर हर स्कूल मे अपना नाम भी ठीक से ना बता पाने वाले मासूम को भी सेक्स शिक्षा देना राष्ट्रभक्ति हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 6. जिन की निगाह मे दिल्ली मे 5 दुर्दांत आतंकियों को मार गिराने वाला वीर मोहनचंद्र शर्मा देशद्रोही और देवी रूप एक हिंदू साध्वी प्रज्ञा को चमड़े के बूट से मारने वाला एक सच्चा राष्ट्रभक्त हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 7. जिस की निगाह मे कुण्डा , उप्र मे मरने वाले जियाउल हक की बीबी के आँसू मोती से भी अनमोल थे।जो गौमांस रखने वाले अखलाख की मौत पर छाती पिटता हो ..और सीने पर गोली खाए बिहार रेजिमेंट के जवानो के परिवार का अनशन एक ड्रामा हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 8. जिस के हिसाब से दर्द सिर्फ़ गुजरात के मुसलमान को होता है। कश्मीर, केरल, हैदराबाद और आसाम के हिंदुओ को नही, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – 9. जिन की निगाह मे जिहाद पढ़ा रहे हज़ारों मदरसे खुलना देश का विकास और मातृभूमि की वंदना करती आरएसएस की एक भी शाखा खुलना देश का विनाश हो, उसे सेक्युलर कहते हैं…!!! – आप खुद फ़ैसला करो की फाँसी पर आतंकवादियों से पहले किस को लटकना चाहिए…??

Advertisements
Posted in Secular

​तुष्टिकरण की चटनी, सेकुलरिज्म का चम्मच और ये लाल चड्डी (वामपंथी जीव)………..☺


तुष्टिकरण की चटनी, सेकुलरिज्म का चम्मच और ये लाल चड्डी (वामपंथी जीव)………..☺

अस्सी के दशक में भारत में पहली बार #रामायण जैसे हिन्दू धार्मिक सीरियलों का दूरदर्शन पर प्रसारण शुरू हुआ… और नब्बे के दशक आते आते #महाभारत ने ब्लैक एंड वाईट टेलीविजन पर अपनी पकड मजबूत कर ली, यह वास्तविकता है की जब रामयण दूरदर्शन 1 पर रविवार को शुरू होता था… तो सड़कें, गलियाँ सूनी हो जाती थी।
अपने आराध्य को टीवी पर देखने की ऐसी दीवानगी थी

की रामायण सीरियल में राम बने अरुण गोविल अगर सामने आ जाते तो लोगों में उनके पैर छूने की होड़ लग जाती… इन दोनों धार्मिक सीरियलों ने नब्बे के दशक में लोगो पर पूरी तरह से जादू सा कर दिया…पर धर्म को अफीम समझने

वाले कम्युनिस्टों से ये ना देखा गया नब्बे के दशक में कम्युनिस्टों ने इस बात की शिकायत राष्ट्रपति से की… कि एक धर्मनिरपेक्ष देश में एक समुदाय के प्रभुत्व को बढ़ावा देने वाली चीज़े दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय चैनलों पर कैसे आ सकती है ??? इससे हिन्दुत्ववादी माहौल बनता है… जो की धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा है।
इसी वजह से सरकार को उन दिनों “अकबर दी ग्रेट ”….. टीपू सुलतान…. अलिफ़ लैला…. और ईसाईयों के लिए “दयासागर “जैसे धारावाहिकों की शुरुवात भी दूरदर्शन पर करनी पड़ी।
सत्तर के अन्तिम दशक में जब मोरार जी देसाई की सरकार थी और लाल कृष्ण अडवानी सूचना और प्रसारण मंत्री थे… तब हर साल एक केबिनट मिनिस्ट्री की मीटिंग होती थी जिसमे विपक्षी दल भी आते थे…. मीटिंग की शुरुवात में ही एक वरिष्ठ कांग्रेसी जन उठे और अपनी बात रखते हुवे कहा की…. ये रोज़ सुबह साढ़े छ बजे जो रेडियो पर जो भक्ति संगीत बजता है… वो देश की धर्म निरपेक्षता के लिए खतरा है… इसे बंद किया जाए,, बड़ा जटिल प्रश्न था उनका… उसके कुछ सालों बाद बनारस हिन्दू विद्यालय के नाम से हिन्दू शब्द हटाने की मांग भी उठी… स्कूलों में रामयण और हिन्दू प्रतीकों और परम्पराओं को नष्ट करने के लिए…. सरस्वती वंदना कांग्रेस शासन में ही बंद कर दी गई… महाराणा प्रताप की जगह अकबर का इतिहास पढ़ाना… ये कांग्रेस सरकार की ही देन थी…. केन्द्रीय विद्यालय का लोगो दीपक से बदल कर चाँद तारा रखने का सुझाव कांग्रेस का ही था… भारतीय लोकतंत्र में हर वो परम्परा या प्रतीक जो हिंदुओ के प्रभुत्व को बढ़ावा देता है को सेकुलरवादियों के अनुसार धर्म निरपेक्षता के लिए खतरा है… किसी सरकारी समारोह में दीप प्रज्वलन करने का भी ये विरोध कर चुके है… इनके अनुसार दीप प्रज्वलन कर किसी कार्य का उद्घाटन करना धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है…. जबकि रिबन काटकर उद्घाटन करने से देश में एकता आती है…
ये भूल गए है कि ये देश पहले भी हिन्दू राष्ट्र था और आज भी है ये स्वयं घोषित हिन्दू देश है… आज भी भारतीय संसद के मुख्यद्वार पर “धर्म चक्र प्रवार्ताय अंकित है…. राज्यसभा के मुख्यद्वार पर “सत्यं वद–धर्मम चर“ अंकित है…. भारतीय न्यायपालिका का घोष वाक्य है “धर्मो रक्षित रक्षितः“…. और सर्वोच्च न्यायलय का अधिकारिक वाक्य है, “यतो धर्मो ततो जयः “यानी जहाँ धर्म है वही जीत है…. आज भी दूरदर्शन का लोगो… अल्लाह हु अकबर या बिस्मिल्लाह नहीं बल्कि सत्यम शिवम् सुन्दरम है।
ये भूल गए हैं की आज भी सेना में किसी जहाज या हथियार टैंक का उद्घाटन नारियल फोड़ कर ही किया जाता है… ये भूल गए है की भारत की आर्थिक राजधानी में स्थित मुंबई शेयर बाजार में आज भी दिवाली के दिन लक्ष्मी गणेश की पूजा होती है… ये कम्युनिस्ट भूल गए है की स्वयं के प्रदेश जहाँ कम्युनिस्टों का 34 साल शासन रहा, वो बंगाल…. वहां आज भी घर घर में दुर्गा पूजा होती है… ये भूल गए है की इस धर्म निरपेक्ष देश में भी दिल्ली के रामलीला मैदान में स्वयं भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति राम-लक्ष्मण की आरती उतारते है… और ये सारे हिंदुत्ववादी परंपराए इस धर्मनिरपेक्ष मुल्क में होती है…

ये धर्म को अफीम समझने वाले कम्युनिस्टों….!तुम धर्म को नहीं जानते…. क्योकी तुम खुद अफीम हो… और इस सनातन धर्मी देश में तुम्हारी शातिर बेवकूफी अब ज्यादा दिन तक चलेगी नही ……एक दिन ऐसा आयेगा जिस दिन वामपंथ और कम्युनिस्ट को लोग देखते ही कुत्तो के जैसा दौड़ा कर मारेंगे…. अब भारत जाग रहा है अपनी संस्कृति को पहचान रहा है ।।

जय भवानी..🚩

हर हर महादेव..!☺🚩

Posted in Secular

ज़्यादा पुरानी बात नहीं है. 

आज से सिर्फ लगभग 300 साल पहले धरती पर Dodo नामक एक पक्षी हुआ करता था. 

.

Dodo का निवास मारीशस द्वीप पर था. उस द्वीप पर एक भी ऐसा प्राणी नहीं था जिस से कि Dodo को खतरा हो.  ऐसा कहा जाता था कि Dodo has no enemy. मारीशस पर Dodo के लिए भोजन इतना प्रचुर था और शत्रु कोई था नहीं इसलिए Dodo को कभी उड़ना ही नहीं पड़ता था.  इसलिए धीरे धीरे Dodo ने उड़ने की और तेज़ भागने की अपनी क्षमता खो दी.  पूरे द्वीप पर कोई शत्रु न था, कोई ऐसा जीव न था जो Dodo को मार के खाता, इसलिए Dodo ने किसी से डरना भी छोड़ दिया.  

.

किसी अनजान जीव से डरना, उसके निकट न जाना, उसे अपने निकट न आने देना, अगर आ जाए तो आत्मरक्षार्थ उस पर हमला करना और ख़तरा होने पर भाग जाना, ये वन्य जीवों के स्वाभाविक गुण होते हैं.  जबकि घरों में पलने वाले पालतू जीव मनुष्यों से नहीं डरते. 

.

सो Dodo का चूँकि कोई स्वाभाविक शत्रु ही न था, इसलिए उसने डरना ही छोड़ दिया.  1598 में Mauritius के तट पर Dutch Sailors का आगमन हुआ. स्वर्ग जैसा मारीशस और वहाँ Dodo जैसा friendly पक्षी.  बताया जाता है कि Dodo उन Sailors को देख के स्वयं उनके पास चले आते थे, मित्रवत !!!

.

Dutch Sailors ने उन friendly Dodos को मार कर खाना शुरू कर दिया.  एक डोडो में 10 से 20 किलो तक मांस होता था.  सिर्फ 64 साल में, यानि 1662 में धरती पर अंतिम Dodo देखा गया.

.

Dodo धरती से विलुप्त हो गए. 

.

.

कल तक स्वीडन यूरोप के सर्वाधिक संपन्न और सर्वाधिक शांतिप्रिय देशों में गिना जाता था.  स्वीडन में crime rate इतना कम था कि वहाँ Police सिर्फ नाम मात्र को थी.  पूरे देश में policing की ज़रूरत ही न पड़ती थी.  Swedish लोग इतने friendly होते थे कि उन्हें कोई बुरा आदमी कभी मिला ही न था.  आदमी जैसा स्वयं होता है वैसा ही वो दूसरों को भी समझता है. 

.

याद रखें : आदमी जैसा स्वयं होता है वैसा ही वो दूसरों को भी समझता है. 

.

अरब के देशों में जब अशांति फैली और वहाँ से जान बचा के जब लोगों ने भागना शुरू किया, तो वो Europe की तरफ भागे.  Sweden ने दोनों हाथ फैला कर उनको गले से लगाया, शरण दी, सारी सुख सुविधाएं दी.  आज वहाँ हालात ये हैं कि देश गृह युद्ध के कगार पर पहुँच गया है.  वही अरबी शरणार्थी जो कल भूखे नंगे बिलबिलाते शरण मांगने आये थे, उन्होंने Oct 2015 में पूरे देश में एक सप्ताह तक जम कर तोड़ फोड़, लूटपाट, आगजनी की.  हर तीसरे दिन वहाँ किसी न किसी बड़े स्टोर को लूट लिया जाता है या आग लगा दी जाती है.  सरकार ने अपने नागरिकों को Advisory जारी की है कि वो उन इलाकों में न जाएँ जहां शरणार्थी रहते हैं.  महिलाएं बाहर निकलते समय तन ढक के रखें.  अकेले बाहर न निकलें. 

.

ताजा समाचार ये भी है कि स्थानीय नागरिकों ने 9 शरणार्थी शिविरों को आग लगा दी है.  स्वीडिश समाज को ये ख़तरा पैदा हो गया है कि देश में कभी भी गृह युद्ध छिड़ सकता है.  देश में शरणार्थियों का अवैध रूप से प्रवेश बदस्तूर जारी है.  Sweden की सड़कों पर लोग सरेआम तलवारें लिए घूम रहे हैं.  

.

आज Sweden की कुल मुस्लिम जनसंख्या सिर्फ 5 लाख है.  ये सभी 5 लाख लोग मुस्लिम शरणार्थी हैं जो पिछले 20 सालों में अरबी मुल्कों से यहां आये हैं और उनका आना अब भी बदस्तूर जारी है. 

.

Dodo की कहानी पूरी दुनिया के स्कूली पाठ्यक्रम में होनी चाहिए . 

.

शायद इसको पढ़कर किसी सिरफिरे और अपने आपको ज्यादा अकल्मन्द समझने वाले “सेकुलर” की आंखे खुल सकें.
#साभार

विपिन खुराना

Posted in Secular

Secular


Are you a Secularist? Please answer these questions for yourself. Secular means no preference or any extra benefit to any religion..
Bt lets c our secular India :

1. There are nearly 52 Muslim countries. Show one Muslim country which provides Haj subsidy.

2. Show one Muslim country where non-muslims are extended the special rights that Muslims are accorded in India?

3. Show one country where the 85% majority craves for the indulgence of the 15% minority.

4. Show one Muslim country, which has/had a Non-Muslim as its President or Prime Minister.

5. Show one Mullah or Maulvi who has declared a ‘fatwa’ against terrorists.

6. Hindu-majority Maharashtra, Bihar, Kerala, Pondicherry, etc. have in the past elected Muslims as CM’s. Can you ever imagine a Hindu becoming the CM of Muslim – majority J&K?

7. In 1947, when India was partitioned, the Hindu population in Pakistan was about 24%. Today it is not even 1%. In 1947, the Hindu population in East Pakistan (now Bangladesh) was 30%. Today it is about 7%. Probably even less.

8. What happened to the missing Hindus? Do Hindus have human rights?

9. In contrast, in India, Muslim population has gone up from 10.4% in 1951 to more than 14% today whereas Hindu population has come down from 87.2% in 1951 to less than 85% in 1991. In the context of question no 7&8, Do you still think that Hindus are fundamentalists?

10. In India today Hindus are close to 85%. If Hindus are intolerant, how come Masjids and madrasas are thriving? How come Muslims are offering Namaz on the road? How come Muslims are proclaiming 5 times a day on loud speakers that there is no God except Allah?

11. If Muslims & Christians are minorities in Maharashtra, UP, Bihar etc., why are Hindus not minorities in J&K, Mizoram, Nagaland, Arunachal Pradesh, Meghalaya etc? Why are Hindus denied minority rights in these states?

12. When Christian and Muslim schools can teach Bible and Quran. Why Hindus cannot teach Gita or Ramayan in our schools?

13. Do you admit that Hindus do have problems that need to be recognized? Or do you think that those who call themselves Hindus are themselves the problem?

And the last…

14. Abdul Rehman Antulay was made a trustee of the famous Siddhi Vinayak Temple in Prabhadevi, Mumbai. Can a Hindu- even Mulayam or Laloo – ever become a trustee of a Masjid or Madrasa or the Wakf Board?

“Hinduism is not a religion, it is a way of life.”

Posted in Secular

Secular


जब पकड़ा जाता है ( कैनहीया) तो कहते हैं क्यूँ
पकड़ लिया , जब नही पकड़ा जाता ( उमर खालिद ) तो
कहते हैं अब तक क्यूँ नही पकड़ा गया , जब
देशद्रोह के नारे लगाता है तो कहते हैं ये निर्दोष है , जब
पुलिस पकडती है बोलते हैं कोर्ट ले जाओ , जब
कोर्ट फैसला करती है बोलते हैं कोर्ट ने मासूम को
फांसी दे दी ( अफजल गुरु , याकूब ), जब
एनकाउंटर होता है बोलते हैं हमारी बेटी
थी ( इशरत जहाँ ), स्कूल जाती
थी , निर्दोष थी , जब पता चल जाता है कि
आतंकवादी थी तो कहते हैं कोर्ट क्यूँ
नही गये एनकाउंटर क्यूँ किया , फिर जब कोर्ट जाते
हैं तो माफ़ी का हंगामा करते हैं , रात को 12 बजे
कोर्ट खुलवाते हैं( याकूब मेनन ) |
उसको मासूम बताया जाता है , उसकी शव यात्रा में
लाखों लोग खड़े हो जाते हैं कोर्ट को सरकार को गाली
देते हैं आखिर ये कैसा सेकुलरिज्म ? , कोई बोलता है – भारत तेरे
टुकड़े होंगे इंसा अल्लाह इंसा अल्लाह तो कहते हैं बच्चा है
उसने नही बोला , जब विडियो आ जाती है
बोलते हुए कि तो कहते हैं ये बोलने की
आजादी है , जब ऐसे लोग उग्रवादी बन
जाते हैं तो बोलते हैं सरकार ने समय पर ध्यान क्यूँ
नही दिया क्या सरकार सो रही
थी ?
जब कोई देशद्रोही को कोर्ट के बाहर थोडा मार देता
है तो आसमान सर पर उठा लेते हैं , जब मालदा में ढाई लाख लोग
उतरते हैं , उपदर्व करते हैं तो बोलते हैं ये तो गुस्सा था , जब
एक हिन्दू किसी के बारे कुछ कहता है तो कहते
हैं इसने अपमान किया है कड़ी से कड़ी
सजा दो ( कमलेश तिवारी ) , जब मुस्लिम भारत को
गाली देता है और तोड़ने की बात करता है
तो कहते हो अभिव्यक्ति की आजादी है
( उमर खालिद ) , जब दादरी में 1 (अक्लाख )मरता
है तो पूरा भारत असहिष्णु हो जाता है , जब पुणे में हिन्दू जिन्दा
जलाया जाता है तो चुप रहते हो , जब प्रशांत पुजारी
को मुस्लिम काट देते हैं तो मौन में चले जाते हो , कैसा दोगला
सेकुलरिज्म जो देश का भी विरोधी , हिन्दू
का भी विरोधी , आखिर क्यूँ ? कोई है
जवाब ?

Posted in Secular

सेक्युलर


वेदो की ओर लौटें जड़ो से जुड़ें's photo.
वेदो की ओर लौटें जड़ो से जुड़ें

ये पोस्ट आपको समझाने के लिए काफी होगा की
सेक्युलर असल में कितना गवार होता है, उसे अपने संस्कृति को गाली देने में बड़प्पन समझ आता है
तथा अपने धर्म को गाली देकर वो खुद को लिबरल दिखाता है, ओपन माइंडेड बताता है

पर असल में वो शुद्ध रूप से एक गवार तथा अनपढ़ किस्म का होता है
——————-
जहाँ विश्व प्रसिद्द सिल्वेस्टर अपने बेटे की आत्मा की शांति के लिए सनातन धर्म की शरण में आते है
वहीँ छोटी सी करीना खान जिन्हें भारत में भी लोग ठीक से नहीं जानते वो खुद को कितना लिबरल बताती है

जागरूकता के लिए तथा ऐसे सेक्युलरो के हजामत के लिए पोस्ट शेयर करें
नोट:- ( करीना खान उसी खानदान की है जिसमे ऋषि कपूर नाम का (ईसाई) भी है जिसे गौमांस खाना पसंद है)

अगर इनका बहिष्कार आप नहीं करते तो इस धर्मयुद्ध में आप भी इन्ही के साथ हैं

आपका 1-1 शेयर इन सेक्युलरो की हजामत करेगा ‪#‎Dainikbharat‬ ‪#‎Ravi21‬ ‪#‎SecularTerror‬

Posted in Secular

सारे जहा से अच्छा हिंदुस्तान हमारा के लेखक इकबाल की सच्चाई ..(सेकुलरिस्म का एक ओर चेहरा)


सारे जहा से अच्छा हिंदुस्तान हमारा के लेखक इकबाल की सच्चाई ..(सेकुलरिस्म का एक ओर चेहरा)

मित्रो ओम |

 क्या आप जानते हैं कि…..”पाकिस्तान”शब्द का जनक ….सियालकोट का रहनेवाला ‘मुहम्मद इकबाल’ था….. जो कि…जन्म से एक कश्मीरी ब्राह्मण था . परन्तुबाद में मुसलमान बन गया था …! येवही मुहम्मद इकबाल है…. जिसने प्रसिद्दगीत “सारे जहाँ से अच्छा हिदोस्तानहमारा” .. लिखा है…! इसी इकबाल नेअपने गीत में एक जगह लिखा है कि…..””मजहब नहीं सिखाता ….आपस में बैररखना” परन्तु …….इसी इकबाल नेअपनी एक किताब ” कुल्लियाते इकबाल “में अपने बारे में लिखा है….”मिरा बिनिगर कि दरहिन्दोस्तां दीगर नमी बीनी ,बिरहमनजादए रम्ज आशनाए रूम औ तबरेज अस्त “अर्थात… मुझे देखो……… मेरे जैसा हिंदुस्तान में दूसरा कोईनहीं होगा… क्योंकि, मैं एक ब्राह्मणकी औलाद हूँ……लेकिन,मौलाना रूम औरमौलाना तबरेज से प्रभावित होकरमुसलमान बन गया…! कालांतर मेंयही इकबाल……. मुस्लिम लीग का अध्यक्षबन गया…. और हैरत कि बात है कि……जो इकबाल “सारे जहाँ सेअच्छा हिदोस्तान हमारा” .. लिखा …और,””मजहब नहीं सिखाता ….आपस में बैररखना”….. जैसे बोल बोले थे… उसी इकबालने ……. मुस्लिम लीग खिलाफत मूवमेंट केसमय …… 1930 के इलाहाबाद में मुस्लिमलीग के सम्मलेन में कहा था ….. “हो जायेअगर शाहे खुरासां का इशारा ,सिजदा नकरूं हिन्दोस्तां की नापाक जमीं पर “यानि…. यदि तुर्की का खलीफा अब्दुलहमीद ( जिसको अँगरेजों ने 1920 में गद्दी से उतार दिया था ) इशारा करदे…… तो, मैं इस “नापाक हिंदुस्तान” पर नमाज भी नहीं पढूंगा…! बाद में…… इसी “नापाक” शब्द का विपरीत शब्द लेकर”पाक ” से “पाकिस्तान “बनाया गया …… जिसका शाब्दिक अर्थहै …..( मुस्लिमों के लिए ) पवित्र देश …!कहने का तात्पर्य ये है कि….. हिन्दू बहुल क्षेत्र होने के कारण….मुस्लिमों को हिंदुस्तान “”नापाक””लगता था…. इसीलिए… मुस्लिमों ने अपनेलिए तथाकथित पवित्र देश …”पाकिस्तान”… बनवा लिया…! अब इससारी कहानी में…. समझने की बात यह हैकि……. जब एक कश्मीरी ब्राह्मण के ….धर्मपरिवर्तन करने के बाद…. अपने देश और अपनी मातृभूमि के बारे में सोच …इतनी जहरीली हो सकती है…. तो, आज ….हिन्दुओं की अज्ञानता और उदासीनता का लाभ उठा कर …जकारिया नाईक जैसे….. समाज के दुश्मनों द्वारा हजारो -लाखो हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है…..उसका परिणाम कितना भयानकहो सकता है…???? ऐसे में मुझे एक मौलाना की वो प्रसिद्द उक्ति याद आरही है…. जिसमे उसने कहा था कि…. देखियेहमारे तो इतने इस्लामी देश हैं ….इसीलिए , अगर हमारे लिए जमीन तंग हो जाएगी तो ,,,हम किसी भी देश में जाकर कहेंगे ” अस्सलामु अलैकुम ” और वह कहेगा ” वालेकुम अस्सलाम ” ….. साथ ही….हमें भाई समझ कर अपना लेगा . लेकिनमैं… हिन्दुओं से एक मासूम सा सवालपूछना चाहता हूँ कि……. उनके राम-राम का जवाब देने वाला कौन सा देश है…… ???? इसलिए, जो यह लेख पढ़ रहे हैं ,उन सभी हिन्दू भाइयों-बहनों से निवेदनहै कि…., जकारिया नायक जैसे क्षद्मजिहादी और इस्लाम का पर्दाफाश करने में हर प्रकार का सहयोग करें …… ! यादरखें कि…. अगर धर्म नहीं रहेगा तो देश भी नहीं रहेगा ! क्योंकि…. देश और धर्मका अटूट सम्बन्ध है …. जिस तरह…. धर्म के लिए देश की जरुरत होती है … ठीक उसी तरह….. देश की एकता के लिए भी धर्म की जरूरत होती है …! इसीलिए,अगर हमारे हिन्दुस्थान को बचाना हैतो…… जाति और क्षेत्रवाद का भेद भूलकर ….. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी…और कच्छ से लेकर असम तक के सारे हिन्दुओं को एक होना ही होगा…!