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मां दुर्गा के इन सिद्घ मंत्रों से पूरी करे

अपनी हर मनोकामनायें

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जो धन संबंधी परेशानियों से बुरी तरह परेशान
हैं वह अपनी गरीबी दूर करने
के लिए नियमित माता के इस सिद्घ मंत्र का जप करें।
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः।
सवर्स्धः स्मृता मतिमतीव शुभाम् ददासि।।
संतान सुख के साथ ही धन धान्य
की प्राप्ति की इच्छा रखने वाले भक्त माता के
इस मंत्र का नियमित जप करें।
सर्वाबाधा वि निर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन
भवष्यति न संशय॥
अच्छा समय है तो बुरा समय भी आ सकता है। जब
कभी बुरा समय आ जाए और आपको संकट से निकलने
का कोई मार्ग नहीं मिले तो दुर्गा सप्तशती के
इस विपत्ति हरण मंत्र का जप करना चाहिए। यह बहुत
ही प्रभावशाली माना जाता है—–
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे
देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।।
बेहतर स्वास्थ्य के साथ धन और ऐश्वर्य
की प्राप्ति की कामना रखने वालों के लिए यह
सिद्घ मंत्र है इस मंत्र का नियमित जप आपकी धन
और बेहतर स्वास्थ्य की कामना पूरी करेगा।
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः। शत्रु
हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै।।
जन्म और मृत्यु का चक्र हमेशा चलता रहता है। और
जो भी धरती पर आता है उसे सुख दुःख
भोगना पड़ता है। अगर आप इस आवागमन से मुक्ति चाहते हैं
तो दुर्गा सप्तशती के इस सिद्घ मंत्र का नियमित जप
करें।
सर्वस्य बुद्धिरुपेण जनस्य हृदि संस्थिते। स्वर्गापवर्गदे
देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।।
अगर आप चाहते हैं कि आपमें वह शक्ति आ जाए कि आप
भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले से जान लें
तो नियमित इस मंत्र का जप करें- —–
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने
सर्वं प्रदर्शय।। इस मंत्र से सपने में भूत भविष्य जानने के
क्षमता आ जाती है।
कुंवारे लोगों के लिए यह मंत्र
बड़ा ही प्रभावशाली माना गया है। इस मंत्र
के जप से सुंदर और सुयोग्य
जीवनसाथी की प्राप्ति होती है-
पत्नीं मनोरमां देहि नोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
अगर आप शारीरिक और मानसिक रुप से
शक्तिशाली बनना चाहते हैं नियमिम इस मंत्र का जप
करें-
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्ति भूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये
नारायणि नमोऽस्तु ते।।
अगर आप चाहते हैं कि आपको जीवन में
प्रसन्नता और आनंद मिलता रहे तो नियमित इस मंत्र का जप करें-
प्रणतानां प्रसीद त्वं देवि विश्वार्तिहारिणि। त्रैलोक्यवासिना
मीडये लोकानां वरदा भव।।

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गणेश चतुर्थी की धन सम्पदा बढ़ाने वाली पूजा विधि


गणेश चतुर्थी की धन सम्पदा बढ़ाने वाली पूजा विधि
आईये आपको गणेश चतुर्थी के दिन की जाने वाली एक सरल व छोटी सी पूजा बतायें जिससे आप पर ऋण हो तो दुर होकर अन्न धन्न के भंडार भर जावेगें।
एक गणेश जी की फोटो या मूर्ति लेवें वो भी नहीं मिले तो इस ब्लोग पर दिया चित्र चलेगा। उनके आगे 21 दुर्वा चढावें। तथा 5 मोदक या मोतीचुर के लडडू रखें तथा गाय के घी का दीपक करें गाय का घी नहीं मिले तो देसी घी कोई भी ले लेवें।हाथ जोड़कर श्रद्धा से यह श्लोक पढ़ें।
ॐ नमो विध्नराजाय सर्व सौख्य प्रदायिने दुष्टारिष्ट विनाशाय पराय परमात्मने लम्बोदरं महावीर्य नागयज्ञोपशोभितम अर्ध चन्द्रम धरम देवं विघ्न व्यूह विनाशनम ॐ ह्रां ह्रीं हु् हें हों हं हेरम्बाय नमों नमः सर्व सिद्धि प्रदोसी तवं सिद्धि बुद्धि प्रदो भव चिन्तितार्थ प्रदस्तवं ही स्ततं मोदक प्रियः सिन्दुरारेण वस्त्रेच पुजितो वरदायक इदं गणपति स्त्रोतं य पठेद भक्तिमान नरः तस्य देहं च गेंह च स्वंय लक्ष्मीने मुच्यनति ॐ।।
फिर 21 बार यह मन्त्र पढें
।।ॐ नजगजीक्षस्वामी ॐ नजगजीक्षस्वामी ।। (दो उच्चारण का एक मन्त्र हुआ)
बस लडडुओं का एक टुकड़ा अग्नि में भोग लगाकर बाकी लडडु प्रसाद में ले सकते हैं।नोट – अपना भुत-भविष्य जानने के लिए और सटीक उपायो के लिए सम्पर्क करे मगर ध्यान रहे ये सेवाएं सशुल्क और पेड़ कंसल्टिंग के तहत है , जानने के लिए अपनी फ़ोटो, वास्तु की फ़ोटो, दोनों हथेलियो की फ़ोटो और बर्थ डिटेल्स भेजे
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महालक्ष्मीस्तुति: — astroprabha


अगस्तिरुवाच – Agastiruvach मातर्नमामि कमले कमलायताक्षि श्रीविष्णुहृत्कमलवासिनि विश्वमात:। क्षीरोदजे कमलकोमलगर्भगौरि लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।1।। त्वं श्रीरुपेन्द्रसदने मदनैकमात – र्ज्योत्स्नासि चन्द्रमसि चन्द्रमनोहरास्ये। सूर्ये प्रभासि च जगत्त्रितये प्रभासि लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।2।। त्वं जातवेदसि सदा दहनात्मशक्ति – र्वेधास्त्वया जगदिदं विविधं विदध्यात्। विश्वम्भरोSपि बिभृयादखिलं भवत्या लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।3।। त्वत्त्यक्तमेतदमले हरते हरोSपि त्वं पासि हंसि […]

via महालक्ष्मीस्तुति: — astroprabha

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दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्र ॥


दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्र ॥
Daaridryadahana Shiva Stotram

विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय,
कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय ।
कर्पूरकांतिधवलाय जटाधराय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय,
कालांतकाय भुजगाधिपकंकणाय ।
गंगाधराय गजराजविमर्दनाय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

भक्तिप्रियाय भवरोगभयापहाय,
उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय ।
ज्योतिर्मयाय गणनाथसुनृत्यकाय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

चर्माम्बराय शवभस्मविलेपनाय,
भालेक्षणाय मणिकुंडलमंडिताय ।
मंजिरपादयुगलाय जटाधराय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

पंचाननाय फणिराजविभूषणाय,
हेमांशुकाय भुवनत्रयमंडिताय ।
आनंदभूमिवरदाय तपोमयाय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

भानुप्रियाय भवसागरतारणाय,
कालांतकाय कमलासनपूजिताय ।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षणलक्षिताय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

रामप्रियाय रघुनाथवरप्रदाय,
नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय ।
पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय,
गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय ।
मातंगचर्मवसनाय महेश्वराय,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

वसिष्ठेन कृतं स्तोत्र सर्वरोगनिवारणम्,
सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनं ।
त्रिसंध्ययः पठेन्नित्यं स हि स्वर्गमवाप्नुयात्,
दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥

इति वसिष्ठविरचितं दारिद्र्यदहन स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥॥ हर हर महादेव ॥

जयति पुण्य सनातन संस्कृति,
जयति पुण्य भूमि भारत,

समस्त चराचर प्राणियों एवं
सकल विश्व का कल्याण करो प्रभु !!

सदा सर्वदा सुमंगल,

कष्ट हरो,,,काल हरो,,,
दुःख हरो,,,दारिद्र्य हरो,,,
हर हर महादेव
जय उमा भवानी
जय श्री राम

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मान सम्मान प्राप्ति के कुछ उपाय


मान सम्मान प्राप्ति के कुछ उपाय 🌻

👉 मान-सम्मान, प्रतिष्ठा व लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किए

जाने वाली पूजा,उपाय / टोटकों के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।

👉 गुरु ग्रह को सौभाग्य, सम्मान और समृद्धि नियत करने वाला माना गया है।शास्त्रों में यश व सफलता के इच्छुक हर इंसान के लिये गुरु ग्रह दोष शांति का एक बहुत ही सरल उपाय बताया गया है।यह उपाय औषधीय स्नान के रूप में प्रसिद्ध है इसे हर

इंसान दिन की शुरुआत में नहाते वक्त कर सकता है। नहाते वक्त नीचे लिखी चीजों में से थोड़ी मात्रा में कोई भी एक चीज जल में डालकर नहाने से गुरु दोष शांति होती है और व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

👇 👇 👇

गुड़, सोने की कोई वस्तु ,हल्दी, शहद, शक्कर, नमक, मुलेठी, पीले फूल, सरसों।

👉 समाज में उचित मान सम्मान प्राप्ति के लिए रात में सोते समय सिरहाने ताम्बे के बर्तन में जल भर कर उसमें थोड़ा शहद के साथ कोई भी सोने /चाँदी का सिक्का या अंगूठी रख लें फिर सुबह उठकर प्रभु का स्मरण करने के बाद सबसे पहले बिना कुल्ला

किये उस जल को पी लें …जल्दी ही आपकी यश ,कीर्ति बड़ने लगेगी।

👉 रात को सोते समय अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में थोड़ा सा पानी रख लें, सुबह वह पानी घर के बाहर डाल दें इससे रोग, वाद- विवाद, बेइज्जती, मिथ्या लांछन आदि से सदैव बचाव होता रहेगा।

👉 दुर्गा सप्तशती के द्वादश (12 वें ) अध्याय के नियमित पाठ करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान और मनवांछित लाभ की प्राप्ति होती है ।

👉 समाज में मान सम्मान की प्राप्ति के लिये कबूतरों/

चिड़ियों को चावल-बाजरा मिश्रित कर के डालें, बाजरा शुक्रवार को खरीदें व शनिवार से डालना शुरू करें

👉 अपने बच्चे के दूध का प्रथम दाँत संभाल कर रखे, इसे चाँदी के यंत्र में रखकर गले या दाहिनी भुजा में धारण करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

👉 यदि आप चाहते हैं कि आपके कार्यों की सर्वत्र सराहना हो, लोग आपका सम्मान करें, आपकी यश कीर्ति बड़े तो रात को सोने से पूर्व अपने सिरहाने तांबे के बर्तन में जल भरकर रखें और प्रात:काल इस जल को अपने ऊपर से सात बार उसार करके किसी

भी कांटे वाले पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा नियमित 40 दिन तक करने से आपको अवश्य ही लाभ होगा।

👉 ज्येष्ठा नक्षत्र में जामुन के वृक्ष की जड़ लाकर अपने पास संभाल कर रखने से उस व्यक्ति को समाज से / प्रसाशन से अवश्य ही मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

👉 गले, हाथ या पैर में काले डोरे को पहनने से व्यक्ति को समाज में सरलता से मान सम्मान की प्राप्ति होती है, उसे हर क्षेत्र में विजय मिलती है।नोट – अपना भुत-भविष्य जानने के लिए और सटीक उपायो के लिए सम्पर्क करे मगर ध्यान रहे ये सेवाएं सशुल्क और पेड़ कंसल्टिंग के तहत है , जानने के लिए अपनी फ़ोटो, वास्तु की फ़ोटो, दोनों हथेलियो की फ़ोटो और बर्थ डिटेल्स भेजे

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रात-दिन मेहनत करके इतना धन तो अर्जित किया जा सकता है


रात-दिन मेहनत करके इतना धन तो अर्जित किया जा सकता है कि अपना और अपने परिवार का अच्छी तरह भरण-पोषण हो जाए परन्तु लाखों-करोडों की दौलत तो केवल भाग्य से ही मिलती है। अनेक अतियोग्य, मेधावी और मेहनती व्यक्ति जीवन भर छोटी-मोटी नौकरी ही करते रहते हैं, छोटा सा मकान बनाने तक का उनका सपना पूरा नहीं हो पाता।

दूसरी तरफ अनेक मूर्ख और अयोग्य व्यक्ति लाखों रूपए प्रतिमाह अर्जित कर रहे हैं और इसका एकमात्र कारण यही है कि धन की देवी लक्ष्मीजी की उन पर भरपूर कृपा है। भगवती लक्ष्मी की कृपा और भरपूर धन प्राप्त करने हेतु अनेक टोने-टोटके, गंडे-तावीज, अंगूठियां और रत्न ही नहीं बडी-बडी तांत्रिक साधनाएं तक प्राचीनकाल से ही संपूर्ण विश्व में प्रचलित रही हैं। हमारे धर्म में दीपावली पूजन के साथ ही कई प्रकार के यन्त्रों, पूजाओं और मंत्रों की साधना प्राचीनकाल से होती रही है, तो इस्लाम में भी इस प्रकार के अनेक नक्श और तावीज हैं। इनमें से पूर्ण प्रभावशाली और साधना में एकदम आसान कुछ टोने-टोटके और यन्त्र-मन्त्र इस प्रकार हैं।

शक्तिशाली टोटके

• दान करने से धन घटता नहीं ,बल्कि जितना देते हैं उसका दस गुना ईश्वर हमें देता है।

• आयुर्वेद में वर्णित “त्रिफला” का एक घटक “बहेडा” सहज सुलभ फल है। इसका पेड बहुत बडा, महुआ के पेड जैसा होता है। रवि-पुष्य के दिन इसकी जड और पत्ते लाकर उनकी पूजा करें, तत्पश्चात् इन्हें लाल वस्त्र में बांधकर भंडार, तिजोरी या बक्स में रख दें। यह टोटका भी बहुत समृद्धिशाली है।

• पुष्य-नक्षत्र के दिन शंखपुष्पी की जड घर लाकर, इसे देव-प्रतिमाओं की भांति पूजें और तदनन्तर चांदी की डिब्बी में प्रतिष्ठित करके, उस डिब्बी को धन की पेटी, भण्डार घर अथवा बक्स-तिजोरी में रख दें। यह टोटका लक्ष्मीजी की कृपा कराने में अत्यन्त समर्थ प्रमाणित होता है।

धन प्रापि्त के लिए दस नमस्कार मंत्र इनमें से किसी भी एक मंत्र का चयन करके सुबह, दोपहर और रात्रि को सोते समय पांच-पांच बार नियम से उसका स्तवत करें। मातेश्वरी लक्ष्मीजी आप पर परम कृपालु बनी रहेंगी।

ओम धनाय नम: ओम नारायण नमो नम:

ओम धनाय नमो नम: ओम नारायण नम:

ओम लक्ष्मी नम: ओम प्राप्ताय नम:

ओम लक्ष्मी नमो नम: ओम प्राप्ताय नमो नम:

ओम लक्ष्मी नारायण नम: ओम लक्ष्मी नारायण नमो नम:नोट – अपना भुत-भविष्य जानने के लिए और सटीक उपायो के लिए सम्पर्क करे मगर ध्यान रहे ये सेवाएं सशुल्क और पेड़ कंसल्टिंग के तहत है , जानने के लिए अपनी फ़ोटो, वास्तु की फ़ोटो, दोनों हथेलियो की फ़ोटो और बर्थ डिटेल्स भेजे

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आर्थिक परेशानी और कर्ज से मुक्ति दिलाता है शिवजी का दारिद्रय दहन स्तोत्र. कारगर मंत्र है आजमाकर देखे


आर्थिक परेशानी और कर्ज से मुक्ति दिलाता है शिवजी का दारिद्रय दहन स्तोत्र. कारगर मंत्र है आजमाकर देखे…………

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जो व्यक्ति घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हों, कर्ज में डूबे हों, व्यापार व्यवसाय की पूंजी बार-बार फंस जाती हो उन्हें दारिद्रय दहन स्तोत्र से शिवजी की आराधना करनी चाहिए.
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महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित यह स्तोत्र बहुत असरदायक है. यदि संकट बहुत ज्यादा है तो शिवमंदिर में या शिव की प्रतिमा के सामने प्रतिदिन तीन बार इसका पाठ करें तो विशेष लाभ होगा.
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जो व्यक्ति कष्ट में हैं अगर वह स्वयं पाठ करें तो सर्वोत्तम फलदायी होता है लेकिन परिजन जैसे पत्नी या माता-पिता भी उसके बदले पाठ करें तो लाभ होता है.
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शिवजी का ध्यान कर मन में संकल्प करें. जो मनोकामना हो उसका ध्यान करें फिर पाठ आरंभ करें.
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श्लोकों को गाकर पढ़े तो बहुत अच्छा, अन्यथा मन में भी पाठ कर सकते हैं. आर्थिक संकटों के साथ-साथ परिवार में सुख शांति के लिए भी इस मंत्र का जप बताया गया है.
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।।दारिद्रय दहन स्तोत्रम्।।
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विश्वेशराय नरकार्ण अवतारणाय
कर्णामृताय शशिशेखर धारणाय।
कर्पूर कान्ति धवलाय, जटाधराय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।१
गौरी प्रियाय रजनीश कलाधराय,
कलांतकाय भुजगाधिप कंकणाय।
गंगाधराय गजराज विमर्दनाय
द्रारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।२
भक्तिप्रियाय भवरोग भयापहाय
उग्राय दुर्ग भवसागर तारणाय।
ज्योतिर्मयाय गुणनाम सुनृत्यकाय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।३
चर्माम्बराय शवभस्म विलेपनाय,
भालेक्षणाय मणिकुंडल-मण्डिताय।
मँजीर पादयुगलाय जटाधराय
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।४
पंचाननाय फणिराज विभूषणाय
हेमांशुकाय भुवनत्रय मंडिताय।
आनंद भूमि वरदाय तमोमयाय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।५
भानुप्रियाय भवसागर तारणाय,
कालान्तकाय कमलासन पूजिताय।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षण लक्षिताय
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।६
रामप्रियाय रधुनाथ वरप्रदाय
नाग प्रियाय नरकार्ण अवताराणाय।
पुण्येषु पुण्य भरिताय सुरार्चिताय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।७
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय
गीतप्रियाय वृषभेश्वर वाहनाय।
मातंग चर्म वसनाय महेश्वराय,
दारिद्रय दुख दहनाय नमः शिवाय।।८
वसिष्ठेन कृतं स्तोत्रं सर्व रोग निवारणम्
सर्व संपत् करं शीघ्रं पुत्र पौत्रादि वर्धनम्।।
शुभदं कामदं ह्दयं धनधान्य प्रवर्धनम्
त्रिसंध्यं यः पठेन् नित्यम् स हि स्वर्गम् वाप्युन्यात्।।९
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।।इति श्रीवशिष्ठरचितं दारिद्रयुदुखदहन शिवस्तोत्रम संपूर्णम।।