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झाड़ू में धन की देवी महालक्ष्मी का वास !!!!!!

पौराणिक शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर में झाड़ू का अपमान होता है वहां धन हानि होती है, क्योंकि झाड़ू में धन की देवी महालक्ष्मी का वास माना गया है।

विद्वानों के अनुसार झाड़ू पर पैर लगने से महालक्ष्मी का अनादर होता है। झाड़ू घर का कचरा बाहर करती है और कचरे को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में पूरी साफ-सफाई रहती है वहां धन, संपत्ति और सुख-शांति रहती है। इसके विपरित जहां गंदगी रहती है वहां दरिद्रता का वास होता है।

ऐसे घरों में रहने वाले सभी सदस्यों को कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण घर को पूरी तरह साफ रखने पर जोर दिया जाता है ताकि घर की दरिद्रता दूर हो सके और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके। घर से दरिद्रता रूपी कचरे को दूर करके झाड़ू यानि महालक्ष्मी हमें धन-धान्य, सुख-संपत्ति प्रदान करती है।

वास्तु विज्ञान के अनुसार झाड़ू सिर्फ घर की गंदगी को दूर नहीं करती है बल्कि दरिद्रता को भी घर से बाहर निकालकर घर में सुख समृद्घि लाती है। झाड़ू का महत्व इससे भी समझा जा सकता है कि रोगों को दूर करने वाली शीतला माता अपने एक हाथ में झाड़ू धारण करती हैं।

यदि भुलवश झाड़ू को पैर लग जाए तो महालक्ष्मी से क्षमा की प्रार्थना कर लेना चाहिए।जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए।
ऐसे ही झाड़ू के कुछ सतर्कता के नुस्खे अपनाये गये उनमें से आप सभी मित्रों के समक्ष हैं जैसे :-

शाम के समय सूर्यास्त के बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए इससे आर्थिक परेशानी आती है।

झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए, इससे कलह होता है।

आपके अच्छे दिन कभी भी खत्म न हो, इसके लिए हमें चाहिए कि हम गलती से भी कभी झाड़ू को पैर नहीं लगाए या लात ना लगने दें, अगर ऐसा होता है तो मां लक्ष्मी रुष्ठ होकर हमारे घर से चली जाती है।

झाड़ू हमेशा साफ रखें ,गिला न छोडे ।

ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें।

झाड़ू को कभी घर के बाहर बिखराकर ना फेके और इसको जलाना भी नहीं चाहिए।

झाड़ू को कभी भी घर से बाहर अथवा छत पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में चोरी की वारदात होने का भय उत्पन्न होता है। झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए। ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां से झाड़ू हमें, घर या बाहर के किसी भी सदस्यों को दिखाई नहीं दें।

गौ माता या अन्य किसी भी जानवर को झाड़ू से मारकर कभी भी नहीं भगाना चाहिए।

घर-परिवार के सदस्य अगर किसी खास कार्य से घर से बाहर निकले हो तो उनके जाने के उपरांत तुरंत झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। यह बहुत बड़ा अपशकुन माना जाता है। ऐसा करने से बाहर गए व्यक्ति को अपने कार्य में असफलता का मुंह देखना पड़ सकता है।

शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए।

सपने मे झाड़ू देखने का मतलब है नुकसान।

घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें।

जो लोग किराये पर रहते हैं वह नया घर किराये पर लेते हैं अथवा अपना घर बनवाकर उसमें गृह प्रवेश करते हैं तब इस बात का ध्यान रखें कि आपका झाड़ू पुराने घर में न रह जाए। मान्यता है कि ऐसा होने पर लक्ष्मी पुराने घर में ही रह जाती है और नए घर में सुख-समृद्घि का विकास रूक जाता है।

 

Sanjay Gupta

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#DeviLakshmi

Lakshmi Beej Mantra |
〰️🔸〰️🔸〰️
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
Om Hreem Shreem Lakshmibhayo Namah॥

Mahalakshmi Mantra |
〰️🔸〰️🔸〰️
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
Om Shreem Hreem Shreem Kamale Kamalalaye Praseed Praseed
Om Shreem Hreem Shreem Mahalakshmaye Namah॥

Lakshmi Gayatri Mantra |
〰️🔸〰️🔸〰️
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
Om Shree Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnu Patnyai Cha Dheemahi
Tanno Lakshmi Prachodayat Om॥
🌹 🙏 🌹
।। जय माँ देवी महालक्ष्मी ।।

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आर्थिक स्थिति में उन्नति के लिए श्रीसूक्त का पाठ करें। श्रीसूक्त में 15 ऋचाएं हैं। प्रत्येक ऋचा अति शक्तिशाली होती है। हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करें और श्रीसूक्त की प्रत्येक ऋचा के साथ आहुति दें। तत्पश्चात् थोड़ा जल आसन के नीचे छिड़कें और उस जल को माथे पर लगाएं।
दीपक को दोनों हाथों में लेकर अपने निवास स्थान के ऐसे स्थान पर आ जाएं , जहां से आकाश दिखाई देता हो। वहां मां लक्ष्मी से अपने घर की समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। फिर उस दीपक को लेकर पूरे घर में घूम जाएं और अन्त में उसे पूजा स्थल में रख दें। इस प्रयोग से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं।

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झाड़ू में धन की देवी महालक्ष्मी का वास !!!!!!

पौराणिक शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर में झाड़ू का अपमान होता है वहां धन हानि होती है, क्योंकि झाड़ू में धन की देवी महालक्ष्मी का वास माना गया है।

विद्वानों के अनुसार झाड़ू पर पैर लगने से महालक्ष्मी का अनादर होता है। झाड़ू घर का कचरा बाहर करती है और कचरे को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में पूरी साफ-सफाई रहती है वहां धन, संपत्ति और सुख-शांति रहती है। इसके विपरित जहां गंदगी रहती है वहां दरिद्रता का वास होता है।

ऐसे घरों में रहने वाले सभी सदस्यों को कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण घर को पूरी तरह साफ रखने पर जोर दिया जाता है ताकि घर की दरिद्रता दूर हो सके और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके। घर से दरिद्रता रूपी कचरे को दूर करके झाड़ू यानि महालक्ष्मी हमें धन-धान्य, सुख-संपत्ति प्रदान करती है।

वास्तु विज्ञान के अनुसार झाड़ू सिर्फ घर की गंदगी को दूर नहीं करती है बल्कि दरिद्रता को भी घर से बाहर निकालकर घर में सुख समृद्घि लाती है। झाड़ू का महत्व इससे भी समझा जा सकता है कि रोगों को दूर करने वाली शीतला माता अपने एक हाथ में झाड़ू धारण करती हैं।

यदि भुलवश झाड़ू को पैर लग जाए तो महालक्ष्मी से क्षमा की प्रार्थना कर लेना चाहिए।जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए।
ऐसे ही झाड़ू के कुछ सतर्कता के नुस्खे अपनाये गये उनमें से आप सभी मित्रों के समक्ष हैं जैसे :-

शाम के समय सूर्यास्त के बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए इससे आर्थिक परेशानी आती है।

झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए, इससे कलह होता है।

आपके अच्छे दिन कभी भी खत्म न हो, इसके लिए हमें चाहिए कि हम गलती से भी कभी झाड़ू को पैर नहीं लगाए या लात ना लगने दें, अगर ऐसा होता है तो मां लक्ष्मी रुष्ठ होकर हमारे घर से चली जाती है।

झाड़ू हमेशा साफ रखें ,गिला न छोडे ।

ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें।

झाड़ू को कभी घर के बाहर बिखराकर ना फेके और इसको जलाना भी नहीं चाहिए।

झाड़ू को कभी भी घर से बाहर अथवा छत पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में चोरी की वारदात होने का भय उत्पन्न होता है। झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए। ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां से झाड़ू हमें, घर या बाहर के किसी भी सदस्यों को दिखाई नहीं दें।

गौ माता या अन्य किसी भी जानवर को झाड़ू से मारकर कभी भी नहीं भगाना चाहिए।

घर-परिवार के सदस्य अगर किसी खास कार्य से घर से बाहर निकले हो तो उनके जाने के उपरांत तुरंत झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। यह बहुत बड़ा अपशकुन माना जाता है। ऐसा करने से बाहर गए व्यक्ति को अपने कार्य में असफलता का मुंह देखना पड़ सकता है।

शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए।

सपने मे झाड़ू देखने का मतलब है नुकसान।

*घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें।

जो लोग किराये पर रहते हैं वह नया घर किराये पर लेते हैं अथवा अपना घर बनवाकर उसमें गृह प्रवेश करते हैं तब इस बात का ध्यान रखें कि आपका झाड़ू पुराने घर में न रह जाए। मान्यता है कि ऐसा होने पर लक्ष्मी पुराने घर में ही रह जाती है और नए घर में सुख-समृद्घि का विकास रूक जाता है।*

संजय गुप्ता

Posted in छोटी कहानिया - १००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक, Laxmi prapti

देवराज इंद्र और महालक्ष्मी संवाद– जिसमे देवी लक्ष्मी ने बताए थे लक्ष्मी कृपा के कारण !!

महालक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूजन-पाठ के साथ ही कई और बातों का भी ध्यान रखना अनिवार्य है। यहां हम आपको आज महालक्ष्मी को प्रसन्न करने वाले खास उपाय बता रहे है जो की स्वयं लक्ष्मी ने देवराज इंद्र को बताए थे। महाभारत के शांति पर्व में देवराज इंद्र और महालक्ष्मी के संवाद दिए गए हैं। इन संवादों में बताया गया है कि कैसे काम करने वाले लोगों के घर लक्ष्मी निवास नहीं करती हैं। आज भी जिन घरों में इन बातों का ध्यान नहीं रखा जाता है, वहां दरिद्रता का वास होता है।

महाभारत में दिए गए प्रसंग के अनुसार एक समय जब देवी लक्ष्मी असुरों का साथ छोड़कर देवराज इंद्र के यहां निवास करने के लिए पहुंची थीं, तब इंद्र ने लक्ष्मी से पूछा था कि किन कारणों से आपने दैत्यों का साथ छोड़ दिया है? इस प्रश्न के जवाब में लक्ष्मी ने देवताओं के उत्थान तथा दानवों के पतन के कारण बताए थे।

लक्ष्मी ने बताया जो लोग व्रत-उपवास करते हैं। प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व बिस्तर का त्याग कर देते हैं, रात को सोते समय दही और सत्तू का सेवन नहीं करते हैं, सुबह-सुबह घी और पवित्र वस्तुओं का दर्शन किया करते हैं, दिन के समय कभी सोते नहीं हैं, इस सभी बातों का ध्यान रखने वाले लोगों के यहां लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं। पूर्व काल में सभी दानव भी इन नियमों का पालन करते थे, इस कारण मैं उनके यहां निवास कर रही थी। अब सभी दानव अधर्मी हो गए हैं, इस कारण मैंने उनका त्याग कर दिया है।

इंद्र ने देवी लक्ष्मी से असुरों पर कृपा न करने का कारण पूछा।

महालक्ष्मी ने इंद्र को बताया कि जो पुरुष दानशील, बुद्धिमान, भक्त, सत्यवादी होते हैं, उनके घर में मेरा वास होता है। जो लोग ऐसे कर्म नहीं करते हैं, मैं उनके यहां निवास नहीं करती हूं।

लक्ष्मी कहती हैं कि पूर्व काल में मैं असुरों के राज्य में निवास करती थीं, लेकिन अब वहां अधर्म बढ़ने लगा है। इस कारण मैं देवताओं के यहां निवास करने आई हूं।

इंद्र के पूछने पर महालक्ष्मी ने कहा कि जो लोग धर्म का आचरण नहीं करते हैं। जो लोग पितरों का तर्पण नहीं करते हैं। जो लोग दान-पुण्य नहीं करते हैं, उनके यहां मेरा निवास नहीं होता है।

पूर्व काल में दैत्य दान, अध्ययन और यज्ञ किया करते थे, लेकिन अब वे पाप कर्मों में लिप्त हो गए हैं। अत: मैं उनके यहां निवास नहीं कर सकती।

महाभारत में महालक्ष्मी ने बताया है कि जहां मूर्खों का आदर होता है, वहां उनका निवास नहीं होता। जिन घरों में स्त्रियां दुराचारिणी यानी बुरे चरित्र वाली हो जाती हैं, जहां स्त्रियां उचित ढंग से उठने-बैठने के नियम नहीं अपनाती हैं, जहां स्त्रियां साफ-सफाई नहीं रखती हैं, वहां लक्ष्मी का निवास नहीं होता है।

देवी लक्ष्मी ने बताया कि वह स्वयं धनलक्ष्मी, भूति, श्री, श्रद्धा, मेधा, संनति, विजिति, स्थिति, धृति, सिद्धि, समृद्धि, स्वाहा, स्वधा, नियति तथा स्मृति हैं। धर्मशील पुरुषों के देश में, नगर में, घर में हमेशा निवास करती हैं।

लक्ष्मी उन्हीं लोगों पर कृपा बरसाती हैं जो युद्ध में पीठ दिखाकर नहीं भागते हैं। शत्रुओं को बाहुबल से पराजित कर देते हैं। शूरवीर लोगों से लक्ष्मी सदैव प्रसन्न रहती हैं।

जिन घरों में खाना बनाते समय पवित्रता का ध्यान नहीं रखा जाता है, जहां जूठे हाथों से ही घी को छू लिया जाता है, वहां मैं निवास नहीं करती हूं।

लक्ष्मी ने बताया जिन घरों में बहु अपने सास-ससुर पर नौकरों के समान हुकुम चलाती है, उन्हें कष्ट देती हैं, अनादर करती है, मैं उन घरों का त्याग कर देती हूं।

जिस घर में पत्नी अपने पति को प्रताडि़त करती है, पति की आज्ञा का पालन नहीं करती है, पति के अतिरिक्त अन्य पुरुषों से अनैतिक संबंध रखती है, मैं उन घरों का त्याग कर देती हूं।

जो लोग अपने शुभ चिंतकों के नुकसान पर हंसते हैं, उनसे मन ही मन द्वेष भाव रखते हैं, किसी मित्र बनाकर उसका अहित करते हैं तो मैं उन लोगों पर कृपा नहीं बरसाती हूं। ऐसे लोग सदैव दरिद्र रहते हैं।

सुनील झा ‘मैथिल’

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सोमवार को करें चावल के ये उपाय, आर्थिक तंगी के साथ पितृदोष से मिलेगी मुक्ति

अधिक मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जेब या पर्स में अधिक समय तक पैसा नहीं टिकता। ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं जो बहुत कारगर हैं। पूजा में हल्दी कुमकुम के साथ अक्षत का भी प्रयोग किया जाता है। पूजा में अक्षत न हो तो पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। ज्योतिष में अक्षत के कुछ सरल उपाय बताएं गए हैं। जिन्हें अपनाने से भोलेनाथ की कृपा के साथ आर्थिक तंगी व हर तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही पितृदोष भी दूर हो जाता हैं। जानिए, अक्षत के उपाय-

सोमवार के दिन भगवान शिव को चावल अर्पित करें। इस बात का ध्यान रखें चावल खंड़ित न हो। इससे भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।
आधा किलो चावल लेकर ऐसे शिवलिंग के पास जाएं जो एकांत में हों। वहां पर जाकर बैठे अौर भगवान शिव पर मुट्ठी चावल अर्पित करें। शेष बचे चावलों को किसी गरीब या जरूरतमंद को दान कर दें। यह उपाय पूर्णिमा के बाद आने वाले सोमवार को करें। ये उपाय लगातार पांच सोमवार तक करें। इससे आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलेगा अौर घर में कभी भी पैसों का कमी नहीं होगी।

सोमवार के दिन दूध में शक्कर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे तीव्र बुद्धि होगी।

नौकरी नहीं मिल रही या अॉफिस में परेशानी चल रही है तो मीठे चावल बनाकर कौवे को खिलाएं। इससे शीघ्र नौकरी मिलने के योग बनते हैं।
पितृदोष होने पर कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती। इन सब से मुक्ति हेतु चावल की खीर अौर रोटी कौवे को खिलाएं। इससे पितर खुश होकर अपना आशीर्वाद देंगे अौर रुके कार्य बनने लगेंगे।

संजय गुप्ता

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अगर आप में भी हैं ये लक्षण तो आप कभी अमीर नहीं बन सकते

हर शख्स अमीर बनने के लिए ही पैसा कमाता है, और पैसे कमाने के लिए नौकरी, बिजनेस करते हैं। कई खर्चे होते हैं, लेकिन इसके वाबजूद भी आप पैसे बचा लेते हैं क्योंकि आप अमीर बनना चाहते हैं। क्या ऐसा करने से आप अमीर बन जायेंगे। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। परिश्रम और बचत करके आप अमीर बनने का सपना बिल्कुल भी नहीं देख सकते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं,ये हैं वो कारण…
इन 9 लक्षण के कारण लोग अमीर नहीं बन पाते हैं

1- हार्ड वर्क करते हैं स्मार्टवर्क नहीं

आमतौर पर लोगों का मानना है कि कठिन परिश्रम हमें जीवन में आगे ले जाता है। यह आधा हकीकत है। वित्तीय सलाहकार रिक मैडन का यही मानना है। कि अगर आप कठिन परिश्रम करते हैं, तो पैसे कमा तो सकते हैं, लेकिन बचा नहीं सकते। उनका कहना है कि अगर आप धनवान बनना चाहते हैं तो हार्डवर्क के साथ आपको स्मार्टवर्क भी करना पड़ेगा। उनका एक तरीका शेयर बाजार या रिटायरमेंड फंड में निवेश करना है।

2- कमाई बढ़ाने पर नहीं है ध्यान

लोग अक्सर बचन पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन बचत के साथ-साथ आमदनी बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए जो अकसर हम नहीं करते हैं. पैसे जमा करन के लिए बचत पर ध्यान देना तो जरूर है ही, लेकिन अगर हम पूरा ध्यान बचत पर लगा दें तो कमाई पर से नजर हट जाएगी। धनवानों की आदत होती है कि वे कमाई के ज्यादा स्रोत पैदा कर लेते हैं और बेहद कुशलता से बचत की आदत भी डाल लेते हैं।

3- हैसियत से ज्यादा खरीदना

अगर आप अपनी हैसियत से ज्यादा चीजें खरीदेंगे तो धनवान कभी नहीं बन सकते हैं। अगर आपकी थोड़ी सी कमाई बढ़ भी जाए तो ज्यादा चीजें खरीदने की आदत न डालें।

4- समय पर वेतन मिलने से ही खुश हैं

ज्यादातर लोग समय पर वेतन मिलने का ज्यादा तवज्जों देते हैं। वहीं धनवान लोग का परिणाम आधारित पेमेंट पसंद करते हैं। ऐसे लोग खास अपने लिए ही काम करते हैं ऐसा नहीं है कि समय पर वेतन मिलने के तवज्जो नहीं देना चाहिए। भविष्य के अमीरों को पता होता है कि अमीरी का रास्त होता है स्वरोजगार। कुछ लोग बिजनेस तैयार कर अपार दौलत कमा रहे होते हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग अच्छी खासी नौकरी कर चैंद की नींद लेते हैं।

5-निवेश नहीं कर रहे

अगर आपके पाप पर्याप्त पैसे तो इसे उचित निवेश किया जा सकता है। आप जितने जल्दी निवेश शुरु कर देंगे उतने जल्दी ही अमीरी की राह में पैर आगे बढ़ाएंगे। न्यूयार्क की एक रिपोर्ट की मानें तो अमीर लोग सालाना अपनी कमाई का 20 प्रतिशत निवेश करते हैं। किसी की संपत्ति का अंदाजा इस बात से नहीं लगाया जा सकता कि वो कितना कमाता है उसकी बचत कितनी है। निवेश के लिए आपको किसी की भी जरूरत नहीं है बस आप रिटायरमेंट फंड, पीएफ फंड से ही शुरुआत कर दें।

6- अपनी नहीं बल्कि दूसरे का सपना करने में जुटे हैं

अगर आप सफल होना चाहतो हैं और कुछ अलग करना चाहते हैं कई लोग अपने माता-पिता या किसी और का सपना पूरा करने में जुटे रहते हैं। हममें से कई यह भी सोचते हैं कि फलां काम करेंगे तो समाज क्या सोचेगा, मित्र क्या सोचेंगे। मशहूर पुस्तक ‘अपनी आदतें बदलो, अपना जीवन बदलो’ के लेखकर कहते हैं, ‘जब आप दूसरों की सपना पूरा करने में जुट जाते हैं तो आपको अपने काम से प्यार नहीं होता है, क्योंकि वह आपके पसंद का काम नहीं होता है। इसलिए, भारी मन से किए काम में आपका परफॉर्मेंस भी झलकेगा ही। इसका असर आपके करियर पर पड़ेगा और आप वित्तीय रूप से संघर्ष करते रहेंगे।’

7- आराम चाहते हैं

अगर आप धनवान बनना चाहते हैं तो जहां पर भी सफलता मिले उससे आगे बढ़ जाएं। दरअसल मध्यमवर्गीय मानसिकता का लक्ष्य शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्तर पर सुख चैन पाना ही है। दुनिया भर के विचारकों का मानना है कि अमीर बनना कोई आसान बात नहीं है औरत आराम किसी को भी बर्बाद कर सकता है। वहीं अमीरों ने इससे सीख ले ली है गुना गणित से लिया गया जोखिम सफलता का मार्ग प्रशस्त्र करता है।

8-पैसे का क्या करें, पता ही नहीं-

अगर आपके पास पैसे हैं तो पहले से फाइनेंशियल प्लानिंग स्पष्ट कर लें। इससे आपकी राह आसान हो जाती है। घर खरीदना चाहते हैं, विदेश में रहना चाहते हैं या फिर आराम की जिंदगी व्यतीत करना चाहते हैं तो इन सबको पहले से ही लिख लें। अमीर लोग संपत्ति जमा करने को लेकर प्रतिबद्ध होते हैं और वे अक्सर ही कुछ न कुछ इनवेस्टमेंट करते हैं। वहीं ज्यादातर लोगों को यहा पता नहीं होता है कि वे चाहते क्या हैं। अमीर लोगों को पता होता है कि वे क्या चाहते हैं इसलिए वे अमीर बनते हैंं।

9- जमकर खर्च करना, इसके बाद सेविंग्स

अगर आप अमीर होना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद को पेमेंट करें। लेखक डेविड बैक का मानना है कि ‘ज्यादातर लोग पैसे मिलने पर दूसरों को देने लगते हैं। वो मकान मालिक,क्रेडिट कार्ड कंपनी, मोबाइल कंपनी को पेमेंट करते हैं।’ उनका कहना है कि सबको देकर कुछ नहीं बचता है। इसलिए, पहले अपने लिए बचाओ, फिर दूसरों को दो। ऐसे में जब हर महीने पैसे की तंगी महसूस होगी, तो आप आमदनी बढ़ाने पर खुद-ब-खुद जोर देने लगेंगे। इसलिए सबसे पहले इमर्जेंसी पेमेंट बनाएं फिर अपने आप ही पैसे ट्रांसफर होते रहते हैं।

संजय गुप्ता