Posted in Kasmir Flood

स्वर्ण मंदिर प्रबंधन द्वारा बाढ़ प्रभावित कश्मीर के लिए विशेष सहायता।
हर पैकेट में देसी घी के चार बड़े परांठे, आलू की सब्जी और अचार…..पहले दिन 25 हज़ार
और उसके बाद 50हज़ार पैकेट रोज…… भेजने का भाड़ा भी 27रुप्रतिकिलो अपनी जेब
से…..
अगर इसका दस प्रतिशत काम भी किसी शाहरुख़, सलमान या मुस्लिम संस्था ने किया होता….तो पूरी मीडिया उनका गुणगान करते न थकती।
और ये सेवा भी तब है जब अभी एक महीने पहले ही सहारनपुर में सिखों और गुरूद्वारे पर
हमला किया था |

स्वर्ण मंदिर प्रबंधन द्वारा बाढ़ प्रभावित कश्मीर के लिए विशेष सहायता।
हर पैकेट में देसी घी के चार बड़े परांठे, आलू की सब्जी और अचार.....पहले दिन 25 हज़ार
और उसके बाद 50हज़ार पैकेट रोज...... भेजने का भाड़ा भी 27रुप्रतिकिलो अपनी जेब
से.....
अगर इसका दस प्रतिशत काम भी किसी शाहरुख़, सलमान या मुस्लिम संस्था ने किया होता....तो पूरी मीडिया उनका गुणगान करते न थकती।
और ये सेवा भी तब है जब अभी एक महीने पहले ही सहारनपुर में सिखों और गुरूद्वारे पर
हमला किया था |
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कश्मीरियों ने हिन्दू व्यापारी को बचाने से मना किया , गर्भवती महिला को भी नहीं बचाया , इंडियन डॉग कह के नाव से उतरा 
http://www.punjabkesari.in/news/article-285661

कश्मीरियों ने हिन्दू व्यापारी को बचाने से मना किया , गर्भवती महिला को भी नहीं बचाया , इंडियन डॉग कह के नाव से उतरा
http://www.punjabkesari.in/news/article-285661

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स्वर्ण मंदिर प्रबंधन द्वारा बाढ़ प्रभावित कश्मीर के लिए विशेष सहायता।

हर पैकेट में देसी घी के चार बड़े परांठे, आलू की सब्जी और अचार, पहले दिन 25 हज़ार और उसके बाद 50 हज़ार पैकेट रोज।।

भेजने का भाड़ा 27 रु. प्रतिकिलो भी अपनी जेब से।

यदि इसका एक प्रतिशत काम भी किसी शाहरुख़, सलमान या किसी मुस्लिम संस्था ने किया होता तो पूरी मीडिया व पूरा शांतिदूत समुदाय रात- दिन उनका गुणगान करते न थकता।

इतना सब कुछ तब- जब कि इसी कश्मीर में से 1990 में हिन्दू पंडितों के साथ- साथ सिखों को भी जबरन मार- काट कर भगा दिया गया था व उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया था इतना पीछे न जाएँ तो हाल ही के महीने में सहारनपुर में सिखों और गुरूद्वारे पर
हमला किया था इसी जेहादी कौम ने।

शायद किसी को गर्व हो या न हो पर मुझे बेहद गर्व होता है अपने सिख समुदाय पर दुनिया में जब भी कहीं विपदा आती है तो सबसे पहले सिख ही अपने दल- बल के साथ पहुँच जाते हैं और अपने पुरे तन- मन- धन से लग जाते हैं वहाँ के लोगों की सेवा करने में बिना उनसे उनका ‘धर्म’ पूछे, अभी कुछ दिन पहले और आज भी जब ईराक में यजीदी समुदाय के लोगों को मारा जा रहा है व उनकी औरतों को अपने मजहब का हवाला देकर उनकी इज्जत लूटकर उनको बाजार में ‪#‎शांतिदूतों‬ द्वारा बेचा जा रहा है ऐसे में भी सबसे पहले सिख ही अपने दल- बल व साजों- सामान के साथ ईराक पहुंचे थे और आज भी यजीदी समुदाय लोगों की सेवा जी- जान से कर रहे हैं।

मगर इतना कुछ करने के बाद भी सिखों की मानवता को कोई मीडिया कवर नहीं करता ख़ैर नहीं करता तो न करे हमारे सिख किसी ‘नेम- फेम’ के मोहताज नहीं है वे बस अपना काम कर रहे हैं और शायद इसी वजह से आज सिखों का नाम दुनिया भर में बेहद ही सम्मान के साथ लिया जाता है और दुनिया उनको स्नेह देती है।

शांतिदूतों को समझना चाहिए कि हमेशा ही मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।

वाहे गुरु जी दा खालसा वाहे गुरु जी दी फ़तेह। ‪#‎sikhi‬ ‪#‎proud‬

आप मित्रों का क्या कहना है??

स्वर्ण मंदिर प्रबंधन द्वारा बाढ़ प्रभावित कश्मीर के लिए विशेष सहायता।

हर पैकेट में देसी घी के चार बड़े परांठे, आलू की सब्जी और अचार, पहले दिन 25 हज़ार और उसके बाद 50 हज़ार पैकेट रोज।।

भेजने का भाड़ा 27 रु. प्रतिकिलो भी अपनी जेब से।

यदि इसका एक प्रतिशत काम भी किसी शाहरुख़, सलमान या किसी मुस्लिम संस्था ने किया होता तो पूरी मीडिया व पूरा शांतिदूत समुदाय रात- दिन उनका गुणगान करते न थकता।

इतना सब कुछ तब- जब कि इसी कश्मीर में से 1990 में हिन्दू पंडितों के साथ- साथ सिखों को भी जबरन मार- काट कर भगा दिया गया था व उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया था इतना पीछे न जाएँ तो हाल ही के महीने में सहारनपुर में सिखों और गुरूद्वारे पर
हमला किया था इसी जेहादी कौम ने।

शायद किसी को गर्व हो या न हो पर मुझे बेहद गर्व होता है अपने सिख समुदाय पर दुनिया में जब भी कहीं विपदा आती है तो सबसे पहले सिख ही अपने दल- बल के साथ पहुँच जाते हैं और अपने पुरे तन- मन- धन से लग जाते हैं वहाँ के लोगों की सेवा करने में बिना उनसे उनका 'धर्म' पूछे, अभी कुछ दिन पहले और आज भी जब ईराक में यजीदी समुदाय के लोगों को मारा जा रहा है व उनकी औरतों को अपने मजहब का हवाला देकर उनकी इज्जत लूटकर उनको बाजार में #शांतिदूतों द्वारा बेचा जा रहा है ऐसे में भी सबसे पहले सिख ही अपने दल- बल व साजों- सामान के साथ ईराक पहुंचे थे और आज भी यजीदी समुदाय लोगों की सेवा जी- जान से कर रहे हैं।

मगर इतना कुछ करने के बाद भी सिखों की मानवता को कोई मीडिया कवर नहीं करता ख़ैर नहीं करता तो न करे हमारे सिख किसी 'नेम- फेम' के मोहताज नहीं है वे बस अपना काम कर रहे हैं और शायद इसी वजह से आज सिखों का नाम दुनिया भर में बेहद ही सम्मान के साथ लिया जाता है और दुनिया उनको स्नेह देती है।

शांतिदूतों को समझना चाहिए कि हमेशा ही मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। 

वाहे गुरु जी दा खालसा वाहे गुरु जी दी फ़तेह। #sikhi #proud

आप मित्रों का क्या कहना है??
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भारत मे 14 लॉख मस्जिदे है ।। 1000
मुस्लिम संस्था है पर बाढ
पिडितो को किसी मस्जिद
या किसी मुस्लिम संस्था से कोई मदद
नही आई ।।
क्या ईस्लाम मे केवल पैसा आतंगवाद पर
और मदरसो पर खर्च करना लिखा है ।।
ईस्लाम मे क्या हिन्दूओ और
सीखो की दि हुई खेरात
खाना लिखा है ।।

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JK में सहायता करते हुए हमारे भाई ।

JK में सहायता करते हुए हमारे भाई ।

सीख भाई इन सांप को दूध पिला रहे है जिनहोने मुजफ्फरनगर में गुरुद्वारा जलाया था।

JK में सहायता करते हुए हमारे भाई ।

सीख भाई इन सांप को दूध पिला रहे है जिनहोने मुजफ्फरनगर में गुरुद्वारा जलाया था।
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ये वो कश्मीरी महिलाएं हैं जो कभी भारतीय सेना पर पत्थर बरसाती थी और अमरनाथ यात्रियों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर मौन साध लेती थी…और आज अपनी जिन्दगी बचाने के लिए हम काफिरों के सामने झोली फैला रही हैं।।
मित्रों समय बहुत बलवान है, अतः मुस्लिमों को समझना चाहिए क़ि किसी धार्मिक यात्रा में व्यवधान नहीं पहुंचायें।।

ये वो कश्मीरी महिलाएं हैं जो कभी भारतीय सेना पर पत्थर बरसाती थी और अमरनाथ यात्रियों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर मौन साध लेती थी...और आज अपनी जिन्दगी बचाने के लिए हम काफिरों के सामने झोली फैला रही हैं।।
मित्रों समय बहुत बलवान है, अतः मुस्लिमों को समझना चाहिए क़ि किसी धार्मिक यात्रा में व्यवधान नहीं पहुंचायें।।
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कश्मीर—–बाढ़ को राष्ट्रिय आपदा घोषित करो –उमर अब्दुल्ला
..पहले तू कश्मीर को राष्ट्रिय घोषित कर …बाढ़ को हम राष्ट्रिय आपदा घोषित कर देंगे ..!!