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चेन्नई/बेंगलुरु. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता


चेन्नई/बेंगलुरु. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को 18 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उन पर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है। बेंगलुरु में विशेष अदालत के स्पेशल जज जॉन माइकल डिकुन्हा ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने जे. जयललिता की सहयोगी शशिकला नटराजन, वीएन सुधाकरन और भांजी इलावरसी को भी चार साल की सजा सुनाई है और दस-दस करोड़ का जुर्माना लगाया है।सजा सुनते ही जयललिता ने चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें जेल परिसर में ही बने अस्पताल ले जाया गया। फैसला आते ही जयललिता के समर्थक उग्र हो गए और जान देने-लेने पर आमादा हो गए। उन्‍होंने चेन्‍नई में डीएमके प्रमुख करुणानिधि के घर के बाहर पथराव किया।

जमानत नहीं, सीधे जाएंगी जेल
जयललिता सहित सभी आरोपियों को अपील के लिए जमानत का लाभ भी नहीं मिल सकेगा और सीधे जेल जाना होगा। जनप्रतिनिधित्व कानून के चलते जयललिता अगले 10 साल तक चुनावी राजनीति से दूर हो गई हैं। वे अब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री नहीं रह गई हैं। शनिवार को पारापन्ना अग्रहरा जेल कैंपस में बनाए गए अस्थाई अदालत में फैसला सुनने के लिए जयललिता मौजूद थीं। मामले में उन पर 5 साल में (1991 से 1996) मुख्यमंत्री रहते हुए अज्ञात स्रोतों से 66.65 करोड़ की संपत्ति जुटाने का आरोप याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने लगाया था। उल्लेखनीय है कि मामले में 20 सितंबर को ही फैसला आना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे 27 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया था। इससे पहले तमिलनाडु से बाहर केस की सुनवाई का फैसला रुकवाने की भी पूरी कोशिश की गई थी। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में एक जनहित याचिका खारिज कर दी थी। इसे देखते हुए शनिवार को सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजाम किए गए हैं।

पन्नीरसेल्वम बन सकते हैं तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री
जयललिता को चार साल के कैद की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की चर्चा होने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के वित्त मंत्री आ. पन्नीरसेल्वम अगले मुख्यमंत्री बन सकते है। वर्ष 2001 में भ्रष्टाचार के एक मामले में उच्चतम अदालत द्वारा जयललिता को मुख्यमंत्री के पद से हटाने के आदेश के बाद पन्नीरसेल्वम ने ही मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के लिए राज्य के ऊर्जा मंत्री नाथम विश्वनाथन और परिवहन मंत्री सेन्थिल बालाजी के नामों की भी चर्चा है। इस बारे में कोई भी फैसला पार्टी के विधायकों की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।

देर से ही सही लेकिन हुआ इंसाफ- डीएमके
इधर, विपक्षी दल डीएमके (द्रविड मुनेत्र कशगम) ने देरी से हुआ सही निर्णय बताया है। द्रमुक प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि ‘न्याय मिलने में देरी हुई लेकिन इंसाफ हुआ हम इस फैसले से खुश हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘डीएमके सत्तारूढ़ दल का इस्तीफा नहीं चाहता हैं क्योंकि वह विधानसभा में पर्याप्त संख्या में हैं।’ उन्होंने कहा ‘अन्नाद्रमुक के विधायकों को नया नेता चुनना चाहिए।’

बेंगलुरू कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू
जयललिता को सजा सुनाए जाने के बाद उनके समर्थकों के उग्र होने के चलते बेंगलुरू पुलिस ने कोर्ट परिसर के 5 किमी दायरे में धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस शहर में भी लगातार चौकसी बरत रही है। वहीं जयललिता ने भी समर्थकों से हिंसक न होने की अपील की है।
समर्थक बेकाबू, जान देने को भी तैयार
चेन्नई में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के समर्थक और करुणानिधि की पार्टी डीएमके के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस स्थिति को काबू में लाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, जयललिता के कई समर्थक अपनी जान देने पर आमादा हैं। पुलिस ने कोयंबटूर में जयललिता की पार्टी के दो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आत्महत्या करने से रोक लिया। तिरूपुर जिले में जया की पार्टी के एक कार्यकर्ता ने खुद को आग लगाने की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया। चेन्नई में सुब्रह्मण्यम स्वामी के घर के बाहर भी विरोध कर रही महिला समेत एआईएडीएमके के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस लाठीचार्ज में चोट लगी है। पुलिस ने एआईएडीएमके और डीएमके के बड़े नेताओं के घर-दफ्तर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है। पार्टी मुख्यालयों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इससे पहले उनके समर्थकों ने कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर होसुर रोड जंक्शन इलाके में सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, समर्थक कर्नाटक सीमा में प्रवेश करना चाहते थे। पुलिस दोनों राज्यों की सीमा पर बसे अट्टीबेली में भी सघन वाहन चेकिंग कर रही है। होसुर और बेंगलुरु के बीच बस सेवाएं भी एहतियातन कुछ घंटे के लिए रोक दी गई हैं।

कुर्सी गई, अब हाईकोर्ट का आसरा
दोषी करार दिए जाने के बाद ही जयललिता की कुर्सी चली गई थी। 4 साल की सजा होने के बाद अब वे जमानत का लाभ भी नहीं ले सकतीं और जेल ही जाना पड़ेगा। जयललिता को अब राहत के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
– सजा मिलते ही जयललिता की विधानसभा से सदस्यता भी रद्द मानी जाएगी।
– जयललिता की ओर से हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में फैसले की खिलाफ अपील की जा सकती है।
– अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिल जाता है, तो वापस सीएम बन सकती हैं। लेकिन अभी इसमें कई कानूनी पेंच हैं।
– उन्हें चुनावी राजनीति में वापस आने के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से बरी होना पड़ेगा।

TP Shukla

चेन्नई/बेंगलुरु. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को 18 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उन पर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है। बेंगलुरु में विशेष अदालत के स्पेशल जज जॉन माइकल डिकुन्हा ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने जे. जयललिता की सहयोगी शशिकला नटराजन, वीएन सुधाकरन और भांजी इलावरसी को भी चार साल की सजा सुनाई है और दस-दस करोड़ का जुर्माना लगाया है।सजा सुनते ही जयललिता ने चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें जेल परिसर में ही बने अस्पताल ले जाया गया। फैसला आते ही जयललिता के समर्थक उग्र हो गए और जान देने-लेने पर आमादा हो गए। उन्‍होंने चेन्‍नई में डीएमके प्रमुख करुणानिधि के घर के बाहर पथराव किया। 

जमानत नहीं, सीधे जाएंगी जेल 
जयललिता सहित सभी आरोपियों को अपील के लिए जमानत का लाभ भी नहीं मिल सकेगा और सीधे जेल जाना होगा। जनप्रतिनिधित्व कानून के चलते जयललिता अगले 10 साल तक चुनावी राजनीति से दूर हो गई हैं। वे अब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री नहीं रह गई हैं। शनिवार को पारापन्ना अग्रहरा जेल कैंपस में बनाए गए अस्थाई अदालत में फैसला सुनने के लिए जयललिता मौजूद थीं। मामले में उन पर 5 साल में (1991 से  1996) मुख्यमंत्री रहते हुए अज्ञात स्रोतों से 66.65 करोड़ की संपत्ति जुटाने का आरोप याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने लगाया था। उल्लेखनीय है कि मामले में 20 सितंबर को ही फैसला आना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे 27 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया था। इससे पहले तमिलनाडु से बाहर केस की सुनवाई का फैसला रुकवाने की भी पूरी कोशिश की गई थी। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में एक जनहित याचिका खारिज कर दी थी। इसे देखते हुए शनिवार को सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजाम किए गए हैं।

पन्नीरसेल्वम बन सकते हैं तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री 
जयललिता को चार साल के कैद की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की चर्चा होने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के वित्त मंत्री आ. पन्नीरसेल्वम अगले मुख्यमंत्री बन सकते है। वर्ष 2001 में भ्रष्टाचार के एक मामले में उच्चतम अदालत द्वारा जयललिता को मुख्यमंत्री के पद से हटाने के आदेश के बाद पन्नीरसेल्वम ने ही मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के लिए राज्य के ऊर्जा मंत्री नाथम विश्वनाथन और परिवहन मंत्री सेन्थिल बालाजी के नामों की भी चर्चा है। इस बारे में कोई भी फैसला पार्टी के विधायकों की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।

देर से ही सही लेकिन हुआ इंसाफ- डीएमके
इधर, विपक्षी दल डीएमके (द्रविड मुनेत्र कशगम) ने देरी से हुआ सही निर्णय बताया है। द्रमुक प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि 'न्याय मिलने में देरी हुई लेकिन इंसाफ हुआ हम इस फैसले से खुश हैं।' उन्होंने कहा कि 'डीएमके सत्तारूढ़ दल का इस्तीफा नहीं चाहता हैं क्योंकि वह विधानसभा में पर्याप्त संख्या में हैं।' उन्होंने कहा 'अन्नाद्रमुक के विधायकों को नया नेता चुनना चाहिए।'

बेंगलुरू कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू
जयललिता को सजा सुनाए जाने के बाद उनके समर्थकों के उग्र होने के चलते बेंगलुरू पुलिस ने कोर्ट परिसर के 5 किमी दायरे में धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस शहर में भी लगातार चौकसी बरत रही है। वहीं जयललिता ने भी समर्थकों से हिंसक न होने की अपील की है। 
समर्थक बेकाबू, जान देने को भी तैयार
चेन्नई में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के समर्थक और करुणानिधि की पार्टी डीएमके के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस स्थिति को काबू में लाने की कोशिश कर रही है।  इस बीच, जयललिता के कई समर्थक अपनी जान देने पर आमादा हैं। पुलिस ने कोयंबटूर में जयललिता की पार्टी के दो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आत्महत्या करने से रोक लिया। तिरूपुर जिले में जया की पार्टी के एक कार्यकर्ता ने खुद को आग लगाने की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया। चेन्नई में सुब्रह्मण्यम स्वामी के घर के बाहर भी विरोध कर रही महिला समेत एआईएडीएमके के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस लाठीचार्ज में चोट लगी है। पुलिस ने एआईएडीएमके और डीएमके के बड़े नेताओं के घर-दफ्तर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है। पार्टी मुख्यालयों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इससे पहले उनके समर्थकों ने कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर होसुर रोड जंक्शन इलाके में सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, समर्थक कर्नाटक सीमा में प्रवेश करना चाहते थे। पुलिस दोनों राज्यों की सीमा पर बसे अट्टीबेली में भी सघन वाहन चेकिंग कर रही है। होसुर और बेंगलुरु के बीच बस सेवाएं भी एहतियातन कुछ घंटे के लिए रोक दी गई हैं।

कुर्सी गई, अब हाईकोर्ट का आसरा
दोषी करार दिए जाने के बाद ही जयललिता की कुर्सी चली गई थी। 4 साल की सजा होने के बाद अब वे जमानत का लाभ भी नहीं ले सकतीं और जेल ही जाना पड़ेगा। जयललिता को अब राहत के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
- सजा मिलते ही जयललिता की विधानसभा से सदस्यता भी रद्द मानी जाएगी।
- जयललिता की ओर से हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में फैसले की खिलाफ अपील की जा सकती है।
- अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिल जाता है, तो वापस सीएम बन सकती हैं। लेकिन अभी इसमें कई कानूनी पेंच हैं।
- उन्हें चुनावी राजनीति में वापस आने के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से बरी होना पड़ेगा।

TP Shukla
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Rayvi Kumar added 2 new photos — with Rahul Arya and Jyoti Verma.
4 hrs ·

SUBRAMANIUM SWAMY’S COMPLAINT NOW COME’S TO FRUIT .

With that, the case-which began in 1996 after a complaint by the then Janata Party president Subramanian Swamy, who is now a Bharatiya Janata Party leader-touched a crescendo, as Jayalalithaa was taken into custody by the police.

The judgment is being termed as a landmark, as no other politician has been penalised so heavily in the past.

Rayvi Kumar's photo.
Rayvi Kumar's photo.
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‪#‎ThxSwami‬
●●●●●●●●●●

पर बहुत बड़े-बड़े बाघर-बिल्ले बाहर आजाद घूम रहे है ।
उनकी भी जगह वही है जहाँ छोटी सी चोर जयललिता है ।

पर एक बात जरुर कहूंगा ।
की भले जयललिता को सजा हुई है वो भी मात्र ६७ करोड़ के लिए, पर उसके लिए १८ साल का इन्तजार ??

ये क़ानून की जीत है

#ThxSwami
●●●●●●●●●●

पर बहुत बड़े-बड़े बाघर-बिल्ले बाहर आजाद घूम रहे है ।
उनकी भी जगह वही है जहाँ छोटी सी चोर जयललिता है ।

पर एक बात जरुर कहूंगा ।
की भले जयललिता को सजा हुई है वो भी मात्र ६७ करोड़ के लिए, पर उसके लिए १८ साल का इन्तजार ??

ये क़ानून की जीत नहीं,
बल्कि कानून की हार है
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ब्रेकिंग न्यूज़ :- 28 सितम्बर 2014
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●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●
कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना – कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना
http://newshunt.com/share/32391395
Source: Rajasthan Patrika
°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°●°

“देर सवेर भगवान् सुनता जरुर है….”

“कीड़ी के पग नेवर बाजे,
सो भी साहिब सुनता है !!”
“““““““““““““““““““““
आदरणीय और पूजनीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी को झूठे मर्डर केस में दीवाली की रात को जेल में डलवाने का काम करनेवाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आय से ज्यादा सम्पति मामले में बेंगलोर हाईकोर्ट ने 4 साल की सजा और 100 करोड़ का जुर्मना करार दिया और तुरंत ही गिरफ़्तारी का आदेश भी दे दिया ।

*”कर्म प्रधान विश्व करी राखा !
जो जैसा करे, तैसा फल चाखा !!”*

“कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज” को
झूठे मर्डर केस में जेल में रखा गया और कई यातनाएं भी दी गई ।
आखिर संतों पर षड़यंत्र करके फ़साने का अंजाम अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है ।

“**सत्य की हमेशा जय होती है ।**”

निर्दोष को सताने का परिणाम मतलब
“प्रकृति घुमा-घुमा के दे” बस यही हाल करती है ।
जब भगवान् की लाठी बजती है तो आवाज नहीं होती ।
आखिरकार शंकराचार्य जी को निर्दोष बरी तब किया गया जब संत आशारामजी बापू दिल्ली की सड़कों पर उतर आये थे और अनशन भी किया गया था जिसमें बी.जे.पी. के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस अनशन में शामिल थे ।
शंकराचार्य जी निर्दोष थे और उन्हें फंसाया गया था इसलिए दिल्ली में लाखों की तादात में आम पब्लिक भी इस अनशन में शामिल थी ।
और आखिर कार “कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य” को निर्दोष बरी किया गया ।

एसे मामलों में उनके भक्तों के साथ भी खिलवाड़ होता है । उनका काफी समय जो ज्ञान-ध्यान एवं सत्य के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा में निकलना था वो समय उनको जेल में बिताना पड़ा ।

और आज फिर एसी ही एक और घटना जो कि स्वामी शंकराचार्य जी के लिए घटी थी वो आज शंकराचार्य जी के समर्थन में बैठने वाले संत आसारामजी बापू के जीवन में घट रही है ।
संत आशारामजी बापू को भी झूठे रेप केस में फसाया गया है और एक साल हो गए बापूजी जेल में है और सबसे बड़ी बात ये है कि आरोप सिद्ध करने में षड्यंत्रकारी “बीसों उँगल” का जोर लगा रहें हैं लेकिन अभी तक आरोप साबित नहीं कर पाये हैं ।

ये है आज के भारत की न्याय प्रणाली ।
आज जितने भी नेता और गादी तकियों पर बैठे प्रधान मंत्री सब जानते हैं “बापूजी निर्दोष हैं” लेकिन सबको अपना चप्पू चलाना है ।
चलाओ ! देखते हैं कब तक चलाते हो ?
(आज जैसे जयललिता वैसे तब आप )

आने तो दो एक बार बापूजी को बाहर देखो फिर क्या होता है ……..

ब्रेकिंग न्यूज़ :- 28 सितम्बर 2014
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कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना - कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना
 http://newshunt.com/share/32391395
Source: Rajasthan Patrika
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"देर सवेर भगवान् सुनता जरुर है...."

"कीड़ी के पग नेवर बाजे, 
  सो भी साहिब सुनता है !!"
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आदरणीय और पूजनीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी को झूठे मर्डर केस में दीवाली की रात को जेल में डलवाने का काम करनेवाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आय से ज्यादा सम्पति मामले में बेंगलोर हाईकोर्ट ने 4 साल की सजा और 100 करोड़ का जुर्मना करार दिया और तुरंत ही गिरफ़्तारी का आदेश भी दे दिया ।

*"कर्म प्रधान विश्व करी राखा !
जो जैसा करे, तैसा फल चाखा !!"*

"कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज" को 
झूठे मर्डर केस में जेल में रखा गया और कई यातनाएं भी दी गई ।  
आखिर संतों पर षड़यंत्र करके फ़साने का अंजाम अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है । 

"**सत्य की हमेशा जय होती है ।**"

निर्दोष को सताने का परिणाम मतलब 
"प्रकृति घुमा-घुमा के दे" बस यही हाल करती है ।
जब भगवान् की लाठी बजती है तो आवाज नहीं होती ।
आखिरकार शंकराचार्य जी को निर्दोष बरी तब किया गया जब संत आशारामजी बापू दिल्ली की सड़कों पर उतर आये थे और अनशन भी किया गया था जिसमें बी.जे.पी. के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस अनशन में शामिल थे ।
शंकराचार्य जी निर्दोष थे और उन्हें फंसाया गया था इसलिए दिल्ली में लाखों की तादात में आम पब्लिक भी इस अनशन में शामिल थी ।
और आखिर कार "कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य" को निर्दोष बरी किया गया । 

एसे मामलों में उनके भक्तों के साथ भी खिलवाड़ होता है । उनका काफी समय जो ज्ञान-ध्यान एवं सत्य के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा में निकलना था वो समय उनको जेल में बिताना पड़ा ।

और आज फिर एसी ही एक और घटना जो कि स्वामी शंकराचार्य जी के लिए घटी थी वो आज शंकराचार्य जी के समर्थन में बैठने वाले संत आसारामजी बापू के जीवन में घट रही है ।
संत आशारामजी बापू को भी झूठे रेप केस में फसाया गया है और एक साल हो गए बापूजी जेल में है और सबसे बड़ी बात ये है कि आरोप सिद्ध करने में षड्यंत्रकारी "बीसों उँगल" का जोर लगा रहें हैं लेकिन अभी तक आरोप साबित नहीं कर पाये हैं ।

ये है आज के भारत की न्याय प्रणाली ।
आज जितने भी नेता और गादी तकियों पर बैठे प्रधान मंत्री सब जानते हैं "बापूजी निर्दोष हैं" लेकिन सबको अपना चप्पू चलाना है । 
चलाओ ! देखते हैं कब तक चलाते हो ?
(आज जैसे जयललिता वैसे तब आप )

आने तो दो एक बार बापूजी को बाहर देखो फिर क्या होता है ........
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BJP leader Subramanian Swamy said, “The whole of Tamil Nadu should be ready for change. People have not forgotten the 2G scam… so DMK cannot come back to power. AIADMK cannot function as Jayalalithaa will be in the jail. There’s scope for a national party like the BJP or the Congress to fill the vacuum. But for that they will have to contest in all the seats.”

Meanwhile, observers say that with Jayalalithaa’s conviction, a political vacuum is likely to set in and it would be interesting to see who steps in Jayalalithaa’s shoes. In 2001, soon after being sworn in as the Tamil Nadu chief minister, Jayalalithaa had to resign following her conviction in the Tamil Nadu Small Industries Corporation case.

Her close aid Panneerselvam then became the chief minister of the state, till Amma took over again after her conviction was set aside. The Amma Express has been derailed once again.

BJP leader Subramanian Swamy said, "The whole of Tamil Nadu should be ready for change. People have not forgotten the 2G scam... so DMK cannot come back to power. AIADMK cannot function as Jayalalithaa will be in the jail. There's scope for a national party like the BJP or the Congress to fill the vacuum. But for that they will have to contest in all the seats."</p>
<p>Meanwhile, observers say that with Jayalalithaa's conviction, a political vacuum is likely to set in and it would be interesting to see who steps in Jayalalithaa's shoes. In 2001, soon after being sworn in as the Tamil Nadu chief minister, Jayalalithaa had to resign following her conviction in the Tamil Nadu Small Industries Corporation case.</p>
<p>Her close aid Panneerselvam then became the chief minister of the state, till Amma took over again after her conviction was set aside. The Amma Express has been derailed once again.
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नयायालय ने भ्रस्टाचारी सोनिया गाँधी की घनिष्ट मित्र जयललिता को 4 साल की जेल और 100 करोड का जुर्माना ठोँका । और इसके 4 नजदीकियोँ को भी 10 – 10 का जुर्माना लगाया।