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सात लाख रूपये दीजिये तो राधे माँ आपकी गोद में बैठकर आशीर्वाद देंगी और पन्द्रह लाख रूपये दीजिये तो आप राधे माँ को किसी फाइव स्टार होटल में डिनर के साथ आशीर्वाद ले सकते है ! तब भी वो देवी है मूर्ख हिंदुओं की।😠😠😠 निर्मल बाबा है जो लाल चटनी और हरी चटनी में भगवान की कृपा दे रहा है ! रात दिन पुज रहा है।😠😠 रामपाल भक्त हैं जो कबीर को पूर्ण परब्रह्म परमात्मा मानते हैं ! ब्रह्मकुमारीमत वाले हैं जो दादा लेखराज के वचनों को सच्ची गीता बताते हैं और परमात्मा को बिन्दुरुप बताते हैं ! राधास्वामी वाले अपने गुरु को ही मालिक परमेश्वर भगवान ईश्वर मानते है । वो साक्षात ईश्वर का अवतार है और वेद गलत है । आसाराम के भक्त तो और भी महान है सब पोल खुल जाने पर भी सड़को पर भक्त बनकर आसाराम को ईश्वर मान रात दिन उसके गुण गाते है। हिन्दुस्थान में रहने वाले जैन, बौद्ध, कबीरपंथी, अम्बेडकरवादि, मांसाहारी, शाकाहारी, साकारी, निराकारी सब हिन्दू हैं !लेकिन हिंदु सच मे है कौन खुद उनको नहीं पता। कब जागोगे आखिरकार हिंदुओं तुमने स्वयं ही वैदिक सनातन धर्म की सबसे ज्यादा हानि की है कोई विदेशी इसका जिम्मेदार नहीं है। ये हैं हिंदू जिन्हें जिसने जैसा बेबकूफ बनाया वैसे बन गये। जिसने अपनी दुकान ज्यादा सजायी वो ही उतना बड़ा परमेश्वर हो गया । सच में हिंदुत्व का ऐसा विकृत रूप देखकर दुःख होता है।😒 आओ लोट चले, सनातन धर्म की और, पुनः विश्व मे वैदिक धर्म का परचम लहराऐ भारत को पुनः आर्यवर्त बनाकर विश्व गुरू बनाऐ। जागो हिंदुओ जागो।

राजेन्द्र गौर

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युवाओं के मन मे एक प्रश्न बना हुआ था कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?


युवाओं के मन मे एक प्रश्न बना हुआ था कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?

अब इसका उत्तर मिल गया है और सिनेमा चला भी अच्छा है जो चलना ही चाहिऐ था।

 

अब इस देश के लिए ये जानना जरूरी है कि,:

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को क्यूँ और किसने मारा,

श्री लाल बहादुर शास्त्री को किसने और क्यों मारा?

इन दुर्भाग्यशाली घटनाओं से देश की पटरी ही बदल गयी।

 

देश के युवाओं! ज़रा विचारें कि कहाँ कहाँ गलतियां हुई हैं.. काल्पनिक चरित्र कटप्पा से बाहर निकलो और वो_पूछो_जो_तुमसे_जुड़ा_हुआ_है…..

 

पता करें….! कि हम लगभग 1000 साल तक गुलाम क्यों रहे..

 

पता करें….! कि जो देश आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, और वैज्ञानिक रूप से सशक्त था.. विश्व गुरु था …वो सब ज्ञान कहाँ और कैसे खत्म हो गया..

 

पता करें….! कि सोने की चिड़िया के पंख कैसे कतर दिए गए…

 

पता करें…! कि हमारे बच्चों को आजादी के बाद भी क्या और क्यूँ पढ़ाया जाता है…

 

पता करें…! पाकिस्तान का स्थायी रोग किसने भारत को दिया? तब हुआ क्या-क्या था?

 

पता करें..! कि कश्मीर को नासूर बनाने का बीज नेहरू ने क्यों और कैसे बोया..?

 

पता करें..! नेपाल के महाराजा के भारत में विलय के प्रस्ताव को 1952 में नेहरू ने क्यों ठुकरा दिया था?

 

पता करें..कि 1953 में UNO में भारत को स्थायी सीट देने के ख़ुद अमेरिका के प्रस्ताव को नेहरू ने क्यों गुमा दिया था? और वह सदस्यता चीन को क्यों दिला दी ?

 

पता करें….! कि 1954 में नेहरू ने तिब्बत को चीन का हिस्सा भारत की ओर से मान लिया था ? बाद में 1962 में उसी रास्ते से चीन ने भारत पर हमला किया, हम हारे, बेइज़्ज़त हुए।

 

पता करें ..! तिब्बत हारने के बाद नेहरू ने क्यों कहा था कि वो तो बंजर जमीन है, कोई बात नही..जाने दो।

 

ज़रा मालूम करें कि चीन से भारत की हार का दोषी, नेहरू को मन्त्रालय की संयुक्त समिति ने सिद्ध किया था ? उसके बाद भी नेहरू को जरा भी लाज नहीं आई थी। यह भी जाने कि जब चीनी सेना अरुणाचल,असम, सिक्किम में घुस आयी थी, तब भी ‘हिन्दी चीनी भाई भाई’ का राग अलापते हुए भारतीय सेना को ऐक्शन लेने से नेहरू ने क्यों रोका था?

 

आप ख़ुद बाहुबली बनकर कारण जानो कि हमारा कैलास पर्वत और मानसरोवर तीर्थ चीन के हिस्से में नेहरू की ग़लती से चले गए?और भी बहुत सारी गलतियां हैं जिनमें कांग्रेस को जरा भी शर्म क्यों नहीं आती है?

 

हे_देश_के_युवाओ…! अपनी दिशा और दशा बदलो। यह समय मज़ाक़ों का नहीं है, वह करो जो करणीय है।

चिन्तन का विषय है-

 

देश के लोग ये तो जानते है कि चीन ने हमें 1962 में हराया पर ये नहीं जानते कि 1967 में हमने भी चीन को हराया था।

चीन ने “सिक्किम” पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी. नाथू ला और चो ला फ्रंट पर ये युद्ध लड़ा गया था. चीन को एसा करारा जवाब मिला था कि चीनी भाग खड़े हुये थे.  इस युद्ध में, 88 भारतीय सैनिक बलिदान हुये थे और 400 चीनी सैनिक मारे गए थे. इस युद्ध के बाद ही सिक्किम, “भारत का हिस्सा” बना था !

इस युद्ध में “पूर्वी कमान” को वही सैम मानेक शॉ संभाल रहे थे जिन्होंने बांग्लादेश बनवाया था।

इस युद्ध के हीरो थे राजपुताना रेजिमेंट के मेजर जोशी, कर्नल राय सिंह , मेजर हरभजन सिंह। गोरखा रेजिमेंट के कृष्ण बहादुर , देवीप्रसाद ने कमाल कर दिया था !! जब गोलिया ख़तम हो गयी थी तो इन गोरखों ने कई चीनियों को अपनी “खुखरी” से ही काट डाला था ! कई गोलियाँ शरीर में लिए हुए मेजर जोशी ने चार चीनी ऑफिसर को मारा ! वैसे तो कई और हीरो भी है पर ये कुछ वो नाम है जिन्हें वीर चक्र मिला और इनकी वीरगाथा इतिहास बनी !!

मैं ज्यादातर किसी पोस्ट को शेयर करने के लिये नहीं कहता पर इस पोस्ट को जितना हो सके शेयर करें ताकि अधिक से अधिक भारतीय जानें। दुःख की बात है कि बहुत कम भारतीयों को इसके बारे में पता है !!

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काबुल जो भगवान राम के पुत्र कुश का बनाया शहर था,


🌎 #काबुल जो भगवान राम के पुत्र कुश का बनाया शहर था, आज वहाँ एक भी मंदिर नहीं बचा 🌎 #गांधार जिसका विवरण महाभारत में है, जहां की रानी गांधारी थी, आज उसका नाम कंधार हो चुका है, और वहाँ आज एक भी हिन्दू नहीं बचा 🌎 #कम्बोडिया जहां राजा सूर्य देव बर्मन ने दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर “अंकोरवाट” बनाया, आज वहाँ भी हिन्दू नहीं है 🌎 #बाली_द्वीप में 20 साल पहले तक 90% हिन्दू थे, आज सिर्फ 20% बचे हैं 🌎 #कश्मीर_घाटी में सिर्फ 25 साल पहले 50% हिंदू थे, आज एक भी हिन्दू नहीं बचा 🌎 #केरल में 10 साल पहले तक 60% जनसंख्या हिन्दुओं की थी, आज सिर्फ 10% हिन्दू केरल में हैं 🌎 #नोर्थ_ईस्ट जैसे सिक्किम, नागालैंड, आसाम आदि में हिन्दू हर रोज मारे या भगाए जाते हैं, या उनका धर्म परिवर्तन हो रहा है 🌎 1569 तक ईरान का नाम पारस या पर्शिया होता था और वहाँ एक भी मुस्लिम नहीं था, सिर्फ पारसी रहते थे 🌎जब पारस पर मुस्लिमों का आक्रमण होता था, तब पारसी बूढ़े-बुजुर्ग अपने नौजवान को यही सिखाते थे कि हमें कोई मिटा नहीं सकता, लेकिन ईरान से सारे के सारे पारसी मिटा दिये गए धीरे-धीरे उनका कत्लेआम और धर्म – परिवर्तन होता रहा 🌎 एक नाव मे बैठकर 21 पारसी किसी तरह गुजरात के नौसारी जिले के उद्वावाडा गांव मे पहुंचे, और आज पारसी सिर्फ भारत में ही गिनती की संख्या में बचे हैं 🌎 हमेशा शांति की भीख मांगने वाले हिन्दुओ, आज तक के इतिहास का सबसे बड़ा संकट अब हिन्दुओं पर आने वाला है 🌎 ईसाईयों के 80 देश और मुस्लिमों के 56 देश हैं 🌎 और हिन्दुओं का एक मात्र देश भारत ही अब हिन्दुओं के लिए सुरक्षित नहीं रहा 🌎 हिन्दूओं से अगर पूँछा जाये कि किस जाति के हो ? 🌎सबका अलग – अलग जवाब होता है राजपूत… ब्राम्हण… जाट… जैन… अग्रवाल… सब लोग अलग-अलग 🌎 कुछ मुसलमानोँ से पूँछकर अगर देखा जाये कि कौन सी जाति के हो ? सभी का एक जवाब आयेगा… मुसलमान 🌎 कुछ अगर समझ में आया हो तो आगे से कोई पूछे तो एक ही जवाब आना चाहिए… हिन्दू

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अगर आज मुझे पुलिस उठा कर जेल में ले जाए या कोई मार ही दे तब.


अगर आज मुझे पुलिस उठा कर जेल में ले जाए या कोई मार ही दे तब…. तब सोशल मीडिया के ही मेरे आज के दोस्त या बाहर के लोग क्या कहेंगे ? ? 1. वो तो जाना ही था, हमेशा नफरत लड़ाई वाली बातें लिखता था। मैंने बोला तो अन्फ़्रेंड कर दिया। ठीक ही हुआ। 2. मैंने कई बार कहा था , मुस्लिम के या किसी मजहब के खिलाफ मत लिखो, जानकारी तो कुछ थी नहीं बस अगड़म बगड़म लिखता रहता था… ठीक हुआ। 3. मैं हमेशा उसके पोस्ट पढता था , मैं जानता था एक दिन ये जेल जायेगा इसलिए मैं पोस्ट पर कमेंट या शेयर नहीं करता था। ठीक हुआ। आज मैं बच गया। 4. अरे और भी चीज़ है यार, लाइफ है, जियो इसको, क्या ये हिन्दू मुस्लिम के फालतू विवाद में पड़ना, मेरा तो कुछ नहीं बिगड़ा ना। कश्मीर ,यूपी,केरल,बंगाल या सीरिया अरे मुझे क्या लेना सबसे, ठीक हुआ। 5. मैने तो चेतावनी दी ही थी, मत लिख ये सब, क्या मिलेगा ? आज कौन सा हिन्दू जा रहा है जमानत के लिए भी …. ठीक हुआ। 6. कुछ जानता नहीं था इस्लाम कुरआन ईसाई हिन्दू के बारे पर काबिल बनता था, हिन्दू धर्म का ठेकेदार बनता था, ऐसे लोग ही धर्म को बदनाम कर रहे थे। ठीक ही हुआ। 7. जब पता ही है कोई हिन्दू जागने वाला नहीं है तो ये सब लिख कर फालतू में खतरा क्यों उठा रहा था ? मना किया तो माना ही नहीं … ठीक हुआ। 8. अब हमलोग भी ऐसा कुछ नहीं लिखेंगे ना कुछ करेंगे, अभी इसकी आईडी डिलीट करता हूँ, मैं भी इसकी फ़्रेंडलिस्ट में हूँ, क्या पता पुलिस इसके दोस्तों की आईडी भी चेक कर रही हो, वैसे ठीक ही हुआ। और क्या…. मुझे पता है ज्यादातर हिंदुओं की मेंटेलिटी….

विकाश खुराना

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अजमेर शरीफ के दरगाह की सच्चाई:


अजमेर शरीफ के दरगाह की सच्चाई:
अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर इतनी भीड़ थी कि वहाँ की कोई बैंच खाली नहीं थी। एक बैंच पर एक परिवार, जो पहनावे से हिन्दू लग रहा था, के साथ बुर्के में एक अधेड़ सुसभ्य महिला बैठी थी।
बहुत देर चुपचाप बैठने के बाद बुर्खे में बैठी महिला ने बगल में बैठे युवक से पूछा, “अजमेर के रहनेवाले हैँ या फिर यहाँ घूमने आये हैं?”
युवक ने बताया, “जी अपने माता पिता के साथ पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर के दर्शन करने आया था।”
महिला ने बुरा मुँह बनाते हुए फिर पूछा, “आप लोग अजमेर शरीफ की दरगाह पर नहीं गये?”
युवक ने उस महिला से प्रतिउत्तर कर दिया, “क्या आप ब्रह्मा जी के मंदिर गयी थीं?”
महिला अपने मुँह को और बुरा बनाते हुये बोली, “लाहौल विला कुव्वत। इस्लाम में बुतपरस्ती हराम है और आप पूछ रहे हैं कि ब्रह्मा के मंदिर में गयी थी।”
युवक झल्लाकर बोला, “जब आप ब्रह्मा जी के मंदिर में जाना हराम मानती हैं तो हम क्यों अजमेर शरीफ की दरगाह पर जाकर अपना माथा फोड़ें।”
महिला युवक की माँ से शिकायती लहजे में बोली, “देखिये बहन जी। आपका लड़का तो बड़ा बदतमीज है। ऐसी मजहबी कट्टरता की वजह से ही तो हमारी कौमी एकता में फूट पड़ती है।”
युवक की माँ मुस्काते हुये बोली, “ठीक कहा बहन जी। कौमी एकता का ठेका तो हम हिन्दुओं ने ही ले रखा है।
अगर हर हिँदू माँ-बाप अपने बच्चों को बताए कि अजमेर दरगाह वाले ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने किस तरह इस्लाम कबूल ना करने पर पृथ्वीराज चौहान की पत्नी संयोगिता को मुस्लिम सैनिकों के बीच बलात्कार करने के लिए निर्वस्त्र करके फेँक दिया था।तो, शायद ही कोई हिँदू उस मुल्ले की कब्र पर माथा पटकने जाए।

( बाद में पृथ्वीराज चौहान की वीर पुत्रियों ने मोइनुद्दीन चिश्ती के टुकडे टुकडे कर दिए थे)
पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को १७ बार युद्ध में हराने के बाद भी उसे छोड़ देता है जबकि एक बार उस से हारने पर चौहान की आँख में जलता हुआ सरिया डाल दिया जिससे वह अंधे हो गए थे। मोहम्मद गौरी पृथ्वीराज चौहान की  (आवाज सुनकर उसी दिशा में तीर चलाने) की कला को देखना चाहता था। पृथ्वीराज चौहान के हाथ में तीर आते हैं उन्होंने सीधा गोरी की आवाज पर निशाना साधा और गौरी की गर्दन पर तीर लगने से उसकी मृत्यु हो गई। बाद में मोहम्मद गोरी के सैनिकों ने पृथ्वीराज को बंदी बनाकर मार डाला  वे लोग पृथ्वीराज  के शव को घसीटते हुए अफ़ग़ानिस्तान ले गये और दफ़्न किया।
चौहान की क़ब्र पर जो भी मुसलमान वहॉ जाता था प्रचलन के अनुसार उनके क़ब्र को वहॉ पे रखे जूते से मारता है। ऐसी बर्बरता कहीं नहीं देखी होगी। फिरभी हम हैं कि…बेवकुफ secular बने फिर रहे है…!

( बाद में शेर सिंह राणा ने अफगानिस्तान जाकर   पृथ्वीराज चौहान की कब्र से शव निकालकर उसका अंतिम संस्कार किया और उनकी अस्थियों को हिंदुस्तान लाकर गंगा में प्रवाहित कर दिया)
“अजमेर के ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती को ९० लाख हिंदुओं को इस्लाम में लाने का गौरव प्राप्त है. मोइनुद्दीन चिश्ती ने ही मोहम्मद गोरी को भारत लूटने के लिए उकसाया और आमंत्रित किया था…”
अधिकांश हिन्दू तो शेयर भी नहीं करेंगे…

दुख है ऐसे हिन्दुओ पर…!

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जबसे तलाक पर बहस हुए हैं तबसे ऐसे संदेश लोग भेज रहे हैं


जबसे तलाक पर बहस हुए हैं तबसे ऐसे संदेश लोग भेज रहे हैं कि सतीप्रथा बाल विवाह दहेज प्रथा हिन्दू धर्म का अंग था पर कुरिती होने से त्याग दिये गये पर तलाक इस्लाम का अंग भी है और कुरिति शब्द भी तलाक के लिए तुच्छ है।

मित्रों कृपया अपने धर्म ग्रन्थों का गहन अध्ययन करें

और साथ साथ अपने धर्म  इतिहास को जाने।
सतीप्रथा बालविवाह और दहेज प्रथा ये हिन्दू धर्म के अंग न हैं न थे।

पर तलाक इस्लाम अंग है।

और घिनौनी रिती भी।

सतीप्रथा प्रथा नहीं सती धर्म है ना कि प्रथा

आज आधुनिक युग में  एक प्रेमी अपने प्रेमिका के वियोग में प्राण त्याग देता है

तो सोचो उस समय सतीयों का युग था

किसी को जबरन आग में डालने या उसे अकारण  मृत्यु देने का विरोध तो हमारे शास्त्र करते हैं

क्या  ये बात गले उतरती है कि जिस धर्म में नारी को देवी माना जाता हो और ये निर्देश दे कि जिस घर में नारी का सम्मान होता है  उस घर में समस्त देवता वास करते हैं

तो ऐसे धर्म में नारी की दुर्गति हो सकती है कदापि नहीं ।

अब आपके मन में ये प्रश्न अवश्य  उठेगा कि यदि ऐसा नही हुआ तो ये अफवाह फैली कैसे

और कुछ तथाकथित इतिहासकारो ने लिखा कैसे और कुछ लोगों का मत है ये हुआ भी है राजाराम मोहन से पहले।

तो आपसे मेरा प्रश्न है

आज मुस्लिम  लड़की हिन्दू लड़के के साथ भाग जा रही

हिन्दू लड़की मुस्लिम के साथ भाग जा रही है तो क्या ये किसी के धर्म ग्रन्थ में लिखा है नही ना पर ऐसा हो रहा है क्यों

फिल्मी गाईड पर।
ऐसे ही नारीयो को जलिने की प्रथा ईसाइयों में रही और इतिहास  साक्षी है हजारों हजारों स्त्रियों को ईसाइयों ने जलाया है

उनका ये मानना  है  स्त्री में आत्मा होता ही नही है ।

अब आप सोचेंगे कि यदि ये प्रथा ईसाइयों में थी तो भारत में हिन्दू पर क्यों मडा गया

तो आप अवश्य जानते होंगे कि

सतीप्रथा पर लिखने वाला और उसका तथाकथित सुधार एक ईसाई ही था

दहेज लेना किस शास्त्र में  लिखा है पर इस्लाम में लिखा है एक रूपया क्यों न हो मेहर के रूप में लिखा  तो है ना पर हमारे शास्त्रों में नहीं तो दहेज हिन्दू धर्म का अंग कैसे  हो गया । हमारे  इतिहास में  किसी ने कुछ लिया र दिया है तो वह अपने प्रसन्नता  और योग्यता के अनुसार लिया और दिया है पर हमारे शास्त्रों ने इसके लिए बाध्य नहीं किया है।

और बाल विवाह भी हिन्दू धर्म का अंग नही है ये भ्रांति और अंधविश्वास में लोगों ने किया है अर्थात  उनका ऐसा मानना था यदि लड़की या लड़के की विवाह ठिक कर दें तो हो सकता है उसके भाग्य से मेरे पुत्र या पुत्री की मृत्यु नही होगी ये केवल अंधविश्वास ही था क्योंकि बाल विवाह न हमारे  इतिहास  में हुआ है ना  शास्त्रों में लिखा है ।

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जब – #घुंघट प्रथा को अभिशाप बोलने वाले #बुर्के पे #मौन हो जाएँ ।


जब – #घुंघट प्रथा को अभिशाप बोलने वाले #बुर्के पे #मौन हो जाएँ ।
जब #मंदिर से #माइक उतारने वाले। #मस्जिद के माइक पे #मौन हो जाएँ ।
जब #महिलाओ के #अधिकारों की #बकालत करने वाले। #तीन_तलाक़ पे मौन हो जाएँ ।
जब- #बेश्याब्रती को दलदल कहने वाले। #हलाला_मुताह पे #मौन हो जाए।
जब – #कारसेवकों पे गोलियां #चलवाने वाले। #कश्मीरी_पंडितों के #कत्लेआम पे मौन हो जाए।
जब #जलीकट्टू को पशु #क्रूरता कहने वाले। #बकरीद पे मौन हो जाएँ।
जब #याकूब मेमन #फांसी को न्याय की #हत्या कहने वाले। #कुलभूषण_सरबजीत की #फांसी पे मौन हो जाएँ।
जब – #अखलाख की हत्या पे #चीखने वाले। #डॉ_नारंग की हत्या पे #मौन हो जाएँ।
जब – हिन्दू जातिओं को बिबादित कहने वाले। मुस्लिम जातिओं पे मौन हो जाएँ।
जब – हिन्दुओं के लिए #एक_औरत  कि बकालत करने वाले मुस्लिमो की चार ” #चार_बीबीओं पे मौन हो जाएँ ।
तो समझ ले कि आप और ये देश इस्लामिक होने जा रहा..।