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भारत और चीन के बीच कोई बोर्डर है ही नहीं तो चीन के सेनिक भारत बॉर्डर पार कर केसे आ सकते है ?

भारत और चीन के बीच कोई बोर्डर है ही नहीं तो चीन के सेनिक भारत बॉर्डर पार कर केसे आ सकते है ?

असल में चीन और भारत के बीच LOC है, जो की स्पष्ट नहीं है इसलिए कुछ छेत्रो को जिन्हें चीन अपना बताता है वेसे ही भारत उन छेत्रो को अपना बताता और इसी को लेकर विवाद है और एक दुसरे के छेत्रो में घुसने के आरौप दोनों तरफ से होते है |

पूरा मामला क्या है बात सन 1913 की है जब भारत और चाइना गुलाम थे और दोनों देशो में अंग्रेजो का सत्ता थी 1913 में अंग्रेजो के तत्कालीन विदेश सचिव हेनरी मैकमोहन ने भारत और चाइना को अलग करने के लिये एक नक्शे में एक लाइन खीच कर भारत चाइना को अलग कर दिया और तभी से आज तक उसी रेखा को मैकमोहन रेखा कहते है और इसी मैकमोहन रेखा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और चाइना की LOC कहते है हालाकी दोनों देश इस रेखा को नहीं मानते दरअसल भारत और चाइना की कोई निर्धारित LOC है ही नहीं इसी बजह से जिस की लाठी उस की भैस बाला हाल चल रहा है कभी हम किसी हिस्से पर अपना हक़ मानते है और कभी चाइना किसी हिस्से को अपना होने का दावा करता है

लेकिन आज मोदी जी ने चाइना को स्पस्ट कह दीया की पहले बोर्डर पर घुसपैठ बंद करो फिर LOC का निर्धारण करेगे जैसे ही LOC का पता चल जाएगा ये घुसपैठ का विवाद अपने आप सुलझ जाएगा

भारत और चीन के बीच कोई बोर्डर है ही नहीं तो चीन के सेनिक भारत बॉर्डर पार कर केसे आ सकते है ?

असल में चीन और भारत के बीच LOC है, जो की स्पष्ट नहीं है इसलिए कुछ छेत्रो को जिन्हें चीन अपना बताता है वेसे ही भारत उन छेत्रो को अपना बताता और इसी को लेकर विवाद है और एक दुसरे के छेत्रो में घुसने के आरौप दोनों तरफ से होते है |

पूरा मामला क्या है बात सन 1913 की है जब भारत और चाइना गुलाम थे और दोनों देशो में अंग्रेजो का सत्ता थी 1913 में अंग्रेजो के तत्कालीन विदेश सचिव हेनरी मैकमोहन ने भारत और चाइना को अलग करने के लिये एक नक्शे में एक लाइन खीच कर भारत चाइना को अलग कर दिया और तभी से आज तक उसी रेखा को मैकमोहन रेखा कहते है और इसी मैकमोहन रेखा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और चाइना की LOC कहते है हालाकी दोनों देश इस रेखा को नहीं मानते दरअसल भारत और चाइना की कोई निर्धारित LOC है ही नहीं इसी बजह से जिस की लाठी उस की भैस बाला हाल चल रहा है कभी हम किसी हिस्से पर अपना हक़ मानते है और कभी चाइना किसी हिस्से को अपना होने का दावा करता है 

लेकिन आज मोदी जी ने चाइना को स्पस्ट कह दीया की पहले बोर्डर पर घुसपैठ बंद करो फिर LOC का निर्धारण करेगे जैसे ही LOC का पता चल जाएगा ये घुसपैठ का विवाद अपने आप सुलझ जाएगा