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कपिल मिश्रा की बगावत

कपिल मिश्रा की बगावत के पीछे ये है असली कारण! 10/05/2017 आम आदमी पार्टी के नेता और अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी समझे जाने वाले कपिल मिश्रा की बगावत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं। यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिनमें कपिल मिश्रा को अचानक […]

via कपिल मिश्रा की बगावत के पीछे ये है असली कारण! — પ્રહલાદ પ્રજાપતિ

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😳😳

जरा सोचो !! 

मणिपुर मे कांग्रेस कि सरकार थी ,

केजरीवाल वहां से चुनाव नहीं लड़ा ?

उतराखंड मे कांग्रेस कि सरकार थी ,

केजरी वहां पर चुनाव नहीं लड़ा ?

युपी मे सपा की सरकार थी केजरी वहां पर चुनाव नहीं लड़ा ?

मगर

गोवा पंजाब मे भाजपा कि सरकार थी केजरी वही पर लड़ा

आपको नही लगता गंगाधर ही शक्तिमान है

मतलब केजरीवाल ही कांग्रेस से मिला हुआ है अंदरुनी 

🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤥🤔

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#पंजाब_और_गोवा_वालो
केजरीवाल को वोट देने से पहले कुछ बातें जरूर सोचना :-
◆ ये वही केजरी है जिसने मुस्लिम वोटबैंक के लिये आतंकी इशरत जहाँ को मासूम कहा था, जिसने सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना पर सवाल उठाकर सेना को सबूत देने के लिए कहा था, जिसने बाटला एनकाउंटर को फेक बताया था,
◆केजरीवाल कांग्रेस की B टीम है जो सिर्फ एंटी भाजपा है, क्या केजरी की नज़रों में बाकी सारी पार्टियाँ ईमानदार है? केजरी गैर-भाजपा शासित राज्यो में चुनाव क्यों नही लड़ता?
◆केजरीवाल का 1-1 मंत्री आपराधिक मामलो और भ्र्ष्टाचार में लिप्त है,सब जमानत लेकर बैठे है,
◆केजरी ने दिल्ली में विकास के 4 काम भी नही किये जबकि दिल्ली में पूर्ण बहुमत सरकार थी,
◆केजरीवाल धर्म और जातिवाद की राजनीती को बढ़ावा दे रहा है।
◆जिस नशामुक्ति का नारा केजरी दे रहा है, उसने दिल्ली में शराब के 400 से ज्यादा ठेके खुलवा दिए है,
◆घटिया राजनीती के लिए खुद पर हमला कराना,कुरान फड़वायी,गुरु ग्रन्थ साहिब का अपमान किया और पश्चाताप के नाम पर गुरुद्वारे में धुले हुए बर्तन धोये!
◆केजरीवाल खालिस्तानी समर्थक है,विदेशो में रह रहे खालिस्तानी समर्थकों से इसे चंदा मिलता है!
◆केजरीवाल की तारीफ खुद पाकिस्तान और आतंकी हाफिज सईद करता है… क्यों???
आपका वोट कीमती है।सोच समझकर वोट दे, कहीं आप किसी देशद्रोही को नेता ना चुन बैठे…

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बनारस के वोटर नहीं, आम आदमी पार्टी फर्जी है.

बनारस के वोटर नहीं, आम आदमी पार्टी फर्जी है.

फेसबुक और ट्विटर पर दो दिनों से एक कैंपेन चल रहा है कि वाराणसी में नरेंद्र मोदी की जीत की वजह फर्जी वोट है. अक्ल के कुछ अंधों को इंदिरा गांधी और राजनाराय़ण की कहानी याद आने लग गई. सोशल मीडिया में ऐसा माहौल बनाया गया कि जैसे अगर ये फर्जी वोटर्स नहीं होते तो केजरीवाल जीत जाता और मोदी हार जाते. सोशल मीडिया में इस माहौल को बनाने में आम आदमी पार्टी के वेतनभोगी असभ्य कार्यकर्ता और कुछ अवैतनिक स्यवंसेवकों का योगदान रहा. और तो और कुछ कुंठित बैठे टीवी चैनलों ने भी दिखा दिया कि मोदी के वाराणसी में तीन लाख से ज्यादा फर्जी वोटर पाए गए. ये टीवी चैनल वालें हैं. कुछ भी अनर्गल दिखाने का उन्हें हक प्राप्त है. सबसे पहले एबीपी न्यूज ने अपना हक अदा कर दिया. बाद में कुछ लोग टिकर चलाने लग गए. ये सब इसलिए हुआ क्योंकि आम आदमी पार्टी ने फेसबुक पर इसे पोस्ट किया. केजरीवाल ने इसे ट्विट भी कर दिया. अब वो ठहरा दुनिया का एकमात्र ईमानदार आदमी तो उसकी बात आकाशवाणी ही है. इसे कैसे झुठलाया जा सकता है? इसलिए बिना तहकीकात और बिना सच्चाई का पता लगाए इन चैनलों के मंदबुद्धि संपादकों के आदेश पर इस खबर को तान दिया गया.

एनडीटीवी पीछे नहीं था. एनडीटीवी की साख वैसे भी खत्म हो गई है. यह चैनल खबरों को कम दिखाता है और वैचारिक प्रोपागंडा ज्यादा करता है. लेकिन यह मानना पड़ेगा कि यह बाकी चैनलों से ये ज्यादा चतुर है. जब एनडीटीवी ने इस खबर की तहकीकात की तो खेल ही बदल गया. एनडीटीवी के मुताबिक यह खबर ही गलत है. वाराणसी के डीएम प्रांजल यादव (जिनके बारे में कुछ लोग कहते हैं कि इनका मुलायम यादव से परिवारिक संबंध हैं) ने इस खबर को गलत करार दिया. उनके मुताबिक बनारस के वोटर लिस्ट में से करीब 25 हजार फर्जी नामों को हटाया गया है.

पहले जरा समझते हैं कि ये फर्जी वोटर है क्या? एक तो कांग्रेसी स्टाइल के फर्जी वोटर्स होते हैं. वैसे वोटर्स, जिनका कोई आस्तित्व नहीं होता. वो काल्पनिक लोग होते हैं. वैसे लोग जो असलियत में होते नहीं है लेकिन लिस्ट में उनका नाम होता है. दूसरे किस्म के फर्जी वोटर्स वो हैं जैसे कि बंग्लादेशी. जो देश के नागरिक नहीं होते लेकिन वोटर लिस्ट में नाम होता है. बनारस में जिसे फर्जी वोटर कहा जा रहा है वो दरअसल, डुप्लीकेशन है. उदाहरण के तौर पर, आप बनारस के निवासी हैं लेकिन दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं तो आप दिल्ली में भी मतदाता बन गए और बनारस वाला कैंसिल नहीं कराया तो वहां की भी लिस्ट में आपका नाम है. यह मामला डुप्लीकेशन है लेकिन आम आदमी पार्टी के लोगों ने इसे फर्जी घोषित कर दिया. ठीक है. अगर यही दलील है तो अरविंद केजरीवाल भी फर्जी मतदाता हैं. जिनकी यादाश्त कमजोर है वो गुगल करें तो पता चलेगा कि केजरीवाल भी यही काम करते हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय पकड़े गए थे. इन बेचारों का दो जगह नाम है.. केजरीवाल का तो तीन तीन जगह नाम था. उस वक्त तो वो भूलचूक लेनीदेनी और तकनीकि का मामला बता कर इसे रफा दफा कर रहे थे लेकिन आज ये ड्रामा कर रहे हैं.

अब जरा, हार से बिलबिलाए ये आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक की मूर्खता देखिए. ये कह रहे हैं कि मोदी बनारस में फर्जी वोटों की वजह से जीत गए. पहली बात कि ये मामला डुप्लीकेशन का है. दूसरी बात यह है कि ये समाचार पत्रों का हवाला देकर यह दावा कर रहे हैं कि बनारस में 311057 फर्जी वोटर मिले हैं. अगर ये मान भी लेते हैं तब भी चुनाव नतीजे पर कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि नरेंद्र मोदी ने 371784 वोटों से जीत हासिल की थी. और तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यह किसने केजरीवाल को बता दिया कि जितने भी फर्जी वोटर मिले हैं उनमें से सब ने न सिर्फ वोट दिया है बल्कि उन्होंने सिर्फ मोदी को वोट दिया. ये भी तो हो सकता है कि 311057 तथाकथित फर्जी वोटरों की वजह से केजरीवाल की जमानत बच गई.

इसके बाद आम आदमी पार्टी के लोगो ने सोशल मीडिया में यह फैलाया कि चुनाव आयोग घर घर जाकर वोटर लिस्ट की तहकीकात कर रहा हैं. यह भी सफेद झूठ है. दरअसल, वोटर लिस्ट की सत्यापन के लिए चुनाव आयोग ने एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके ज़रिये डुप्लीकेट वोटरों को हटाया जा रहा है. बनारस के डीएम का कहना है कि वाराणसी में 23600 नाम ऐसे पाए गए हैं जो अब यहां नहीं रहते हैं.

अब जरा उस खबर की तहकीकात करते हैं जहां से आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया गैंग ने उठाया है. इस खबर के साथ भी आम आदमी पार्टी के लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है. यह खबर कुछ अखबार में छपी. इन अखबारों में कौमी-किस्म की पत्रकार-प्रजाति मौजूद हैं जिन्होंने इस खबर को ट्विस्ट कर दिया. यह बताना भूल गए कि उत्तर प्रदेश में डुप्लीकेट वोटर्स की संख्या तीन करोड़ से ज्यादा है. इनमें मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में 970690 वोटर्स, सोनिया गांधी के रायबरेली में 531016 तो राहुल गांधी के अमेठी 325987 वोटर्स और पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा जौनपुर संसदीय क्षेत्र में 1068807 फर्जी वोटर मिले हैं. इसी तरह उत्तर प्रदेश के हर सीट में लाख से उपर डुप्लीकेट वोटर्स पाए गए हैं. ये सवाल कोई नहीं उठा रहा है कि मुलायम सोनिया और राहुल फर्जी वोट से जीते जबकि इन तीनों के संसदीय क्षेत्र में बनारस से ज्यादा फर्जी वोटर मिलें हैं. लेकिन आम आदमी पार्टी और उनके अवैतनिक कार्यकर्ता-पत्रकारों ने क्या खबर बनाई.. कि अगर ये फर्जी वोटर्स नहीं होते तो केजरीवाल जीत गया होता..

अरविंद केजरीवाल से बस इतना ही कहा जा सकता है कि राजनीति एक गंभीर पेशा है. बच्चों जैसी हरकतें करना बंद करो..

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मोदी के नियत पे, मंशा पे उसे 100% शक है

मोदी के नियत पे, मंशा पे उसे 100% शक है
जो घर बैठे वीडियो बनवा और PC कर रहा है
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पर मोदी
कल रात जापान से लौटा
आज सुबह गोवा से देश को संबोधन
तीन तीन योजनाओं की उदघाटन कर डाला
फिर वहां से कर्नाटक गया वहां भी सरकारी कार्यक्रम
फिर उसके बाद महाराष्ट्र में शरद पवार से तारीफ़ करवाया
अभी खबर है रात को पीएमओ में उच्चस्तरीय बैठक करने वाला है

जाने कब खाया
जाने कब सुसु गया
जाने कब तैयारी की
कि कहाँ क्या बोलना है

और केजरीवाल, रोज ये सोच सोच मर रहा है
कि मोदी को कैसे बदनाम करे कैसे बदनाम करे
हर रोज कभी PC कर रहा, कभी वीडियो बना रहा
शांत जनता को बरगलाने के कोशिश में लगा हुवा है

और सुनो ना, हर बार, साथ साथ
केजरीवाल ये जोड़ना नहीं भूल रहा
कि उसे मोदी के मंशा पे 100% शक है

#आपियो याद है ? ये वही केजरीवाल है
जिसे अन्ना ने बड़े जतन से जन्मा था
देश में #भ्रष्टाचार_का_काल बता कर
वो आज भ्रष्टाचाइयो का वकील बन गया है

#बधाई_हो_आपियो

Posted in AAP, छोटी कहानिया - Chooti Kahaniya

पिता- बेटा एक Cold Drink की बोतल तो ले

पिता- बेटा एक Cold Drink की बोतल तो ले
आ…!!!
:
बेटा-PEPSI या DEW !!
:
पिता- Pepsi
:
बेटा- प्लास्टिक या कांच वाली बोतल..???
:
पिता- प्लास्टिक !!!
:
बेटा-छोटी या बड़ी..!!!
:
पिता-नही चाहिए बस,
पानी पिला दे :-
:
बेटा- सादा या नमक वाला..?
:
पिता- सादा ;-(
:
बेटा- ठंडा या गरम..??
:
पिता-चला जा वरना मार दूंगा ;-> :-
:
बेटा- चप्पल से या डंडे से
:
पिता-जानवर कहीं के :-
:
बेटा-DOG या MONKEY
:
पिता- मेरा सामने से हट जा :-
:
बेटा-SLOW या FAST
:
पिता- मेरे हाथो मारा जाऐगा, ;->
:
:
बेटा-चाकू या बंदूक से
:
पिता-चाकू से :-
:
बेटा-तड़पाके या Direct मारोगे..!!
:
पिता-अभी जा,B.P. High
हो रहा है मेरा ;-( ;-(
:
बेटा-डॉक्टर को बुलांऊ,
या डॉक्टर के पास चले..!!!
:
*पिता बेहोश*
:
बेटा- लगता है पिताजी बुरा
मान गए..
.
.
.
.
यही बच्चा आगे चल के केजरीवाल के नाम से विख्यात हुआ
😂😂😂😂Ð😂👏👏

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Loksabha Varanasi-लोकसभा वाराणसी's photo.
Loksabha Varanasi-लोकसभा वाराणसी

कांग्रेस और केजरीवाल की करतूत के चलते अब तो आतंकी और देशद्रोही भी नाबालिग कानून की आड़ में छूटेगे ?
18 साल में 2 महीने कम का आदमी चाहे कितना भी जघन्य अपराध करे..गिरफ्तार होगा..केजरीवाल की पार्टी उसको नाबालिग सिद्ध करके ”’बाल सुधार गृह” में भिजवा देगे..3 साल बाद जेल से छूटने पर 10 हजार रुपये और सिलाई मशीन इनाम देकर दुकान खुलवा देगे ….पहचान गुप्त रहेगी …
बीजेपी ने ऐसे जघन्य अपराध करने वालो केलिए ”कठोर सजा ” के लिए बिल पास कर चुकी है…किन्तु कांग्रेस ने राज्यसभा में रुकवा दिया है ..
कांग्रेस और केजरीवाल के कारण बाल अपराधी बढ़ेगे ?

निर्भया की मां कहती हैं ”देश चलाने वाले चाहते तो अब तक बिल पास हो गया होता।” बता दें कि मौजूदा कानून के मुताबिक हाईकोर्ट ने नाबालिग दोषी की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर चुका है।
क्या है बिल और कहां अटका है?
– जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन) अमेंडमेंट बिल राज्यसभा में अटका है। लोकसभा में यह बिल मई 2015 में पास कर दिया था।
– राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास है। क्योंकि राज्यसभा में मोदी सरकार के पास बहुमत नहीं है। राज्यसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के चलते रुकी हुई है।
क्या कहता है नया जुवेनाइल जस्टिस बिल?
– मोदी सरकार की तरफ से साल 2002 के पुराने बिल में 42 बदलाव किए गए हैं।
– नया जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2014 साल 2002 के पुराने बिल की जगह लेगा।
– नए बिल में कहा गया है कि रेप, मर्डर और एसिड अटैक जैसे खतरनाक अपराधों में शामिल नाबालिगों के खिलाफ भी एडल्ट अपराधियों की तरह केस चलाया जा सकेगा।
– अभी 16 से 18 साल के अपराधियों के केस में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड फैसला करता है। सजा होने पर उन्हें करेक्शन होम में रखा जाता है।
इन बातों पर है एतराज
– एडल्ट क्रिमिनल्स के साथ जेल भेजे जाने से नाबालिगों पर गलत असर पड़ेगा।
– कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस बिल का विरोध किया।
– हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि रेयरेस्ट केस में जुवेनाइल क्रिमिनल की उम्र घटाने से आदिवासी और ट्राइबल कम्युनिटी के लोग ज्यादा परेशान होंगे।
क्यों राज्यसभा में अटका पड़ा है बिल?
– राज्यसभा में कुल 241 सांसद हैं। बिल को पास कराने के लिए सरकार को 160 सांसदों की जरूरत होगी।
– राज्यसभा में बीजेपी के 48 सांसद हैं (एसपी और शिवसेना) मिलाकर।
– हालांकि कई मुद्दों पर शिवसेना और एसपी का सरकार को समर्थन करने या विरोध करने को लेकर रुख साफ नहीं है।
– इसके अलावा टीएमसी के 12, बीजेडी के 6, जेडीयू के 12, कांग्रेस के 67, सीपीआई-सीपीएम के 10, मनोनीत 8, एआईडीएमके के 12 और डीएमके के 4 सदस्यों के साथ 101 सदस्यों को कांग्रेस का साथ मिला हुआ है।
निर्भया की मां ने उठाए नेताओं पर सवाल?
– निर्भया गैंगरेप मामले में जुवेनाइल क्रिमिनल को रिलीज किए जाने से पीड़ित की मां आशा सिंह दुखी हैं। उन्होंने ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ा कानून होने और उसे पास ना होने देने को लेकर पॉलिटीशियन को दोषी ठहराया है।
– उन्होंने कहा- कुछ तो करिए, बिल पास करिए, कानून बनाइए और हमें इंसाफ दिलाइए।
– उन्होंने कहा कि नेता लोग चाहते तो अब तक बिल पास हो जाता और हमें इंसाफ मिल जाता। लेकिन ना जाने ऐसे अपराधियों को रोकने के लिए बने कड़े कानून को पास करने में कितने साल लगेंगे और तब ना जाने कितनी महिलाएं ऐसे क्राइम की शिकार होंगी।
– इन मोदी विरोधी लोगों की पॉलिटिक्स में गरीब जनता मारी जा रही है।