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Very Very Funny Jokes
3 hrs ·
इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी।
अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था।
इनमें दो पुरुष थे और एक महिला।
फ़ाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी।
पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा –”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।”
फ़िर उसने, उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा –
”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।”
”मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मार सकता”-
आदमी ने कहा।”
तो फ़िर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो।
तुम जा सकते हो।” – परीक्षक ने कहा।
अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ”
हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।”
कहकर परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।”
आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया। ”मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मार सका। मुझे माफ़ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।”
अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा – ”
हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगी चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।
उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।”
महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई।
कमरे के अंदर घुसते ही फ़ायरिंग की आवाज़ें आने लगीं । लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीख-पुकार, उठा-पटक की आवाज़ें आनी शुरू हो गईं।
यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला 🕞उसके बाद खामोशी छा गई।
लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई।
बोली – ”तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन, मुझे उसको पीट-पीट 💭💭💭💭💭💭💭 कर मारना पड़ा।”

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🤣चुटकुला🤣
एक बुढा और एक बुढ़िया थे।बुढा बुढ़िया को बहुत प्यार करता था। बुढ़िया जहाँ जाती बुढा उसके पीछे-पीछे जाता ।जैसे की बुढ़िया बरतन धोती बुढा उसके पीछे खड़ा हो जाता।बुढ़िया घर का कोई भी काम करती बुढा उसके पीछे रहता ।वह बुढ़िया को एक सेकंड के लिए भी अकेला नहीं छोड़ता। इससे बुढ़िया बहुत परेशान हो गयी । बुढ़िया के घर से उसकी माँ के फ़ोन आ रहे थे की बेटी एक बार मिलने आजा पर बुढ़िया कैसे जाए बुढा तो उसे अकेला छोड़ता ही नहीं। तब बुढ़िया ने कुछ सोचा उसने बुढे से कहाँ चलो जी आज हम छुप्पन-छुप्पआई खेलते है । तुम छुपो मैं तुम्हे ढूढूगी ।बुढा जाकर छुप गया । बुढ़िया जल्दी से दुसरे कमरे में गयी वहां से उसने अपना बक्सा उठाया । और जल्दी से अपनी माँ के घर पहुच गयी। अपनी माँ के घर पहुचकर बक्सा रखकर बोली चलो बुढे से छुटकारा तो मिला ।और जैसे ही उसने बक्सा खोला बुढा बोला धप्पा।।।🤣💐🤣🤣😝😝😝😝😝🤭

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एक दिन एक बहुत बड़े कजूंस सेठ के घर में कोई मेहमान आया!

कजूंस ने अपने बेटे से कहा,

आधा किलो बेहतरीन मिठाई ले आओ।
बेटा बाहर गया और कई घंटों बाद वापस आया।

😊😊

कंजूस ने पूछा मिठाई कहाँ है।

बेटे ने कहना शुरू किया-” अरे पिताजी, मैं मिठाई की दुकान पर गया और हलवाई से बोला कि सबसे अच्छी मिठाई दे दो।

हलवाई ने कहा कि ऐसी मिठाई दूंगा बिल्कुल मक्खन जैसी।

फिर मैंने सोचा कि क्यों न मक्खन ही ले लूं।
मैं मक्खन लेने दुकान गया और बोला कि सबसे बढ़िया मक्खन दो।
दुकान वाला बोला कि ऐसा मक्खन दूंगा बिल्कुल शहद जैसा।

मैने सोचा क्यों न शहद ही ले लूं। मै फिर गया शहद वाले के पास और उससे कहा कि सबसे मस्त वाला शहद चाहिए।
वो बोला ऐसा शहद दूंगा बिल्कुल पानी जैसा साफ।

तो पिताजी फिर मैंने सोचा कि पानी तो अपने घर पर ही है और मैं चला आया खाली हाथ।

कंजूस बहुत खुश हुआ और अपने बेटे को शाबासी दी।
लेकिन तभी उसके मन में कुछ शंका उतपन्न हुई।

“लेकिन बेटे तू इतनी देर घूम कर आया।
चप्पल तो घिस गयी होंगी।”

“पिताजी ये तो उस मेहमान की चप्पल हैं जो घर पर आया है।”

बाप की आंखों मे खुशी के आंसू आ गए ।

😂😂😂😂😂

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॥पत्नी पचासा॥मेरी पुस्तक “दहेज मे साली”से

जैसे हनुमान चालीसा है, वैराग्य शतक है वैसे ही यह पत्नी पचासा है।इसका नित्य पाठ करने से अलौकिक सुख की प्राप्ति होती है और दाम्पत्य जीवन सुखी होता है।

     जय जय हे पति कल्यानी
     तेरी इस जग मे ना सानी।

     पति के लिये तो तू है कामिनी
     पति पर चमके जैसे दामिनी।

     एक हाथ में बेलन साजे
     एक हाथ से चिमटा भांजे।

     बड़े बड़े नाखून तुम्हारे
     दंत नुकीले नयन करारे।

     रौद्र रूप जब तू दिखलावे
     पति को छठी का दूध याद आवे।

     दोनो प्रहर जब करो श्रीन्गार 
     पड़ोसियों को होय बुखार।

     गले मे स्वर्ण सुशोभित माला
     मोटे होठ लिपस्टिक काला।

     नये नये नित फैसन करती
     सास ससुर से कभी न डरती।।

     पति का भाई साग बराबर।
     अपना भाई हो सर्वोपरि॥

     पति की सतत करे निगरानी ।
     पति को समझे वह अज्ञानी॥

     खुद को समझे पति से स्यानी
     करती वही जो मन मे ठानी।।

     पति ने गर कर दी नादानी
     समझो उसकी शामत आनी।।

     पति को पतला दाल खिलाती
     खुद खा जाती दाल मखानी।।

     अपना सिर ऊँचा करने को
      पति का धन दे बनती दानी।।    

     पति को दूध दही गर देवे
     उसके बदले सब कुछ लेवे।।

     पति से खाना भी बनवाना
     अच्छा खाना खुद खा जाना।।

     पति को बहुविधी कष्ट वो देवे
     खुद खा जाये मिठाई मेवे।।

     पति को पाकेट नित्य टटोले
     पति की क्या हिम्मत जो बोले ॥

     उसका रहता ऐसा जज्बा।
     तनखा पर झट कर ले कब्जा॥

     पति जो मागें पचास रुपैया।
     कहती हंस क्या करोगे भैया॥

     खाली हाथ मैके से आवे।
     पति का धन मैके पहुंचावे॥

     तलाक की दे हरदम धमकी।
     पति को करार करा दे सनकी॥

     पति को कहती दुष्ट निशाचर।
     पति कहता हे देवी दया कर॥

     पति रात को देर से आवे।
     तो उसकी शामत आ जावे॥

     रोष से तब छुटकारा पावे
     जब पत्नी का पैर दबावे॥

     पति की करती हुक्म उदूली
      गाजर मांगे तो देती मूली॥

     पत्नी से है को सुख पावा
     पत्नी है बस एक छलावा॥

     पत्नी यदि पहले मर जावे
     पति को स्वर्ग में जल्द बुलावे॥

     भुत पिशाच निकट नही आवे
     पत्नी को गर साथ सुलावे॥

      पति का राज उगलवा लेती
     अपना राज न हरगिज देती॥

     मैके की नित करे बड़ाई
     कहती ऊंचे कुल से आई॥

     बडी मान मर्यादा वाले
     उसके पापा उसके भाई॥

     जब वह अपने मैके जाती
     सहेलियों पर रोब जमाती॥

     कहती उसका पति धनवान
     उसकी है समाज में मान॥
     इतना दरिया दिल उसका पति
     साल में लाखो देता दान॥

     सिगरेट को ना हाथ लगाता
     ना खाता वो खैनी पान॥
     लाखों मे वह रोज खेलता
    फिर भी उसे नही अभिमान॥

     पति का करना हो जब दोहन
     उसे खिलाती हलवा सोहन॥

     पत्नी लडे गर कोई चुनाव
     उसका बढ जाता है भाव॥

     पत्नी गर चुनाव जीत ले
     करती रहती वो देशाटन॥
     कभी घुमती झुमरीतलैया
     कभी घुमती देवीपाटन॥

     करे फोन से वार्ता लम्बी
     अन्जाना हो या संबंधी॥

     वाकयुद्ध मे तुम अति माहिर
     कटु सत्य करता जगजाहिर॥

     अगर गलत नम्बर मिल जावे
     तो भी वो घंटों बतियावे ॥
     टेलीफोन का बिल जब आवे
     पति की आंखें चुधिंया जावे॥

     राज की बात करे जगजाहिर
     चुगली करने मे अति माहिर॥

     सास ससुर या ननद भौजाई
     भूले से गर उसे सताये॥
     तो दहेज की नालीश करके
     अपनी उन्हें औकात बतावे॥

     इसीलिए तुम इस कलियुग मे
     पत्नी से तकरार न करना।
     पत्नी भले यार भी कर ले
     तुम न किसी चक्कर मे पड़ना।
     दूजी पत्नी मिलनी मुश्किल
     सो पत्नी से रार न करना॥

     लक्ष्मी दुर्गा और सरस्वती जी
     देवी तो हैं बस मंदिर की
     लेकिन पत्नी होती है देवी
     केवल घर के अन्दर की॥

युग बदला अब पत्नी चलती आगे आगे
पति देव चले पत्नी के पीछे भागे भागे॥

     पत्नी आफिस से डयूटी करके
     देर रात घर आती है
     पति थके हुए सोये रहते
     सोये से उन्हें जगाती है॥

     खाना गरमा वे लाते हैं
     व दस्तरखान बिछाते हैं।
     पानी लाते पंखा झलते
     और फिल्मी गाना गाते हैं॥

     तू ही दुर्गा तू ही काली।
     तू ही माया तू ही भवानी।
     करती हो तुम वही सदा
     जो अपने मन मे तुमने ठानी॥

     पति ने गर कर दी नादानी।
     याद करा दे उसकी नानी।
     रिस्ते बहुत बनाये प्रभु ने
     पर ना इस रिश्ते की सानी॥

     त्रिया चरित्र समग्र रुप से
     पत्नी उपर ही है फबता।
     भाग्य पुरुष का सब जाने है
     पत्नी के बल से है चलता॥

     जो नित पढे यह पत्नी पचासा।
     होय न फिर पत्नी का दासा॥

लड़कों के बारें में दुनिया की सबसे बड़ी गलतफहमी
“शादी कर दो सुधर जाएगा”
😂😂😂😂😂

     जो शत बार पाठ करे सोई।
     अगले जन्म पतिदेव न होई॥
             ॥समाप्त॥-
         जगदीश खेतान
               मौलिक
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हर ईद पर पजामा सही होता है। 😀😀

एक आदमी ने डांटा जो दर्ज़ी की ज़ात को
कुरता👕 पजामा👖 आ ही गया चांद रात को🌙

देखा पहन के जब उसने कुरता👕 तो ठीक था
पजामा👖 लेकिन लगा उन्हें तीन इंच कुछ बड़ा

बेगम👵🏼 से बोले आज मेरा काम ये करो
तीन इंच काट✂️ कर इसे तुम ठीक से सियो

बेगम ये बोली देखिये फुरसत कहा मुझे
कल ईद है और आज बड़ा काम है सर पे

बेटी 🙍🏻‍♀️जो बड़ी सामने आई उसे कहा
मेहंदी💅 का मगर उस ने बहाना बना दिया

यू चार बेटियो👯‍♀️👭 से भी जब बात न बनी,
करते भी क्या, किसी से भी उम्मीद न रही

खुद ही पजामा काट✂️ के फिर सी दिया उसे,
और फिर जनाब रात को बे फिक्र सो गए

बेगम👵🏼 बेचारी काम से फ़ारिग हुई ज़रा,
पजामा👖 की सिलाई का तब ध्यान आगया

नाराज हो न जाये मिया कोई बात पर,
पजामा ठीक कर दिया नीचे से काट कर

धोया जो बड़ी बेटी ने मेहंदी भरे वो हाथ,
पजामा छोटा कर दिया फिर खुसदिली के साथ

जिस जिस को जब भी वक़्त मिला सब ने ये किया,
पजामा छोटा कर के वही सब ने रख दिया

यू रात भर सभी थे पाजामे पे मेहरबान,
कहता भी क्या किसी से वो मासूमो बेज़ुबान

पाजामे की थी सुबह को दुर्गत बनी हुई
कुर्ते पे एक सफेद थी चड्डी रखी हुई!

😜😜😜😜

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जुम्मन मियाँ को रोमांटिक मुङ में देखकर…

उनकी बेगम बोली : एक बात सुनिए..

आप मेरे लिए क्या कर सकते हो ??

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मियाँ – जो तुम कहो, बेगम!!

बेगम – क्या चाँद ला सकते हो ??

मियाँ … कमरे मे गए और कुछ चीज़ छिपा कर लाये और बेगम से कहा, आँखे बंद करो….

और वो चीज़ बेगम के हाथों में रख दी। फिर आँखें खोलने को कहा।

बेगम की आँखों में आंसू थे।

क्योंकि उनके हाथों में एक आइना था जिसमे बेगम का चेहरा नज़र आ रहा था।

बेगम – या ख़ुदा. .
आप मुझे चाँद सा समझते हो..!!

मियाँ बोले: नहीं, मैं तो आपको सिर्फ ये समझा रहा था…

जिस मुँह से चाँद मांग रही हो, वो थोबड़ा कभी आईने में भी देख लिया करो..!!

😳😳😳😳😳😳

फ़िलहाल जुम्मन की याददाश़्त चली गयी है।।।

😂😂

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बीवियों के मायके रहने जाने का चलन साल में कम से कम 4 बार होना चाहिए…

फायदे :— ( नुकसान की जिम्मेदारी अपनी नहीं है भाई )

  1. इससे पति-पत्नी का प्रेम अत्यधिक बढ़ेगा………… ( विरह रस का विलोम प्रेम है )
  2. तलाक के मामले घटेंगे……… ( टाइम ही नहीं मिलेगा ज्यादा वाद-विवाद का )

3.मायके में भी बीवियों को अपना भाव पता चलेगा………. ( महंगाई कम होगी )

4.पति की कद्र बढ़ेगी………… ( बेचारे , अकेले कैसे पड़े होंगे )

5.बार-बार मायके की धमकी कम होगी…………. ( मायके वाले खुद परेशान हो जायेंगे ? )

6.मायके वालो को अपनी बेटियों को नसीहत देने का मौका मिलेगा ! ……

( ससुराल ही “अपना” घर होता है की शिक्षा रोज ही मिलेगी )

  1. पति रात को बिस्तर पर आराम से खर्राटे ले सकता है… ( वैसे भी लेते हैं ??)
  • जितनी देर चाहे रात को फेसबुक और व्हाट्सएप पर टचे रहो…कोई टोका टाकी नहीं !

  • ( वैसे भी बहाने बना कर बना कर परेशान रहते हैं …… हा हा हा )

    1. एक ही गंदी जींस को जितने दिन चाहे रगड़ लीजिये …

    ( धुलाई के भी पैसे बचे और धुलाई करते समय जो पत्नी को मिलते हैं वो भी बचे )

    1. घर वालों की बुराई और ससुराल वालों की बढ़ाई के किस्सों से निजात मिल सकती है… आप लोगो को और फायदे दिखें तो बताएं… पतिहित में जारी 🤪😟😛🤔🤭😱