Posted in हास्यमेव जयते

महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन ने जब अपने आँखों के सामने पेड़ से एक सेव को गिरते देखा तो उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज़ कर डाली…..लेकिन अगर न्यूटन के साथ यही घटना आज के दौर में अपने देश में हुई होती तो हमारे विभिन्न न्यूज़ चैनलों की हैडलाइन संभवतः कुछ इस प्रकार होती…….

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आजतक

आज खुलेगा राज अब होगा पर्दाफाश
जानेंगे सेव गिरने का कारण क्या था ख़ास…

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रिपब्लिक टीवी

क्या न्यूटन के सिर पर मंडरा रहा था काल
या फ़िर सेव गिरने के पीछे पाक की थी कोई चाल…

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इंडिया टीवी

एक बार फ़िर पाक हुआ बेनक़ाब
सेव गिराकर बुन रहा है कोई खौफ़नाक ख़्वाब…

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एबीपी न्यूज़

कितना बड़ा था सेव , कितना विशाल था पेड़
जानेंगे उस शक़्स से जो वहीं चरा रहा था भेड़…

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ज़ी न्यूज़

खौफ़ खाए पाक ने बम के बदले गिराए सेव
हिन्द का सीना हुआ चौड़ा ,जयते सत्यमेव…

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न्यूज़ 24

चीन की दादागिरी या है ये अमेरिका की मनमानी
जानेंगे न्यूटन के सिर पर सेव गिरने की पूरी कहानी…

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टीवी 9

आसमान से था वो टपका या फ़िर पेड़ से था गिरा
बताएंगे सेव की पूरी दास्तान, क्या न्यूटन था सिरफिरा…

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इंडिया न्यूज

आम के पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोया न्यूटन
सेव गिरने के बाद कैसे कौतूहल से भरा था उसका मन
कहीं जाइएगा मत छोटे से ब्रेक के बाद जानेंगे टनाटन…

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न्यूज़ नेशन

यूं ही गिरा था सेव या पेड़ पर थी कोई आत्मा
स्टूडियो में बैठकर खुलासा करेंगें एक महात्मा…

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सहारा समय

क्या था कोई भूत प्रेत डायन चुड़ैल का साया
या सेव ख़ुद ही हताश होकर नीचे चला आया…

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NDTV

बेबस ग़रीब के सिर पर गिरा सेव आख़िर है किसका ये दोष
फ़िलहाल वो ख़तरे से बाहर लेकिन सरकार के ख़िलाफ़ रोष..

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दूरदर्शन

पेड़ के नीचे बैठे एक व्यक्ति के आगे गिरा सेव
ब्रेक के बाद देखेंगे गोबर से खाद बनाने का कलेव…

Posted in હાસ્ય કવિતા

वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो
चाय का मजा रहे, पकौड़ी से सजा रहे
मुंह कभी रुके नहीं, रजाई कभी उठे नहीं
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो

मां की लताड़ हो बाप की दहाड़ हो
तुम निडर डटो वहीं, रजाई से उठो नहीं
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो ||

मुंह गरजते रहे, डंडे भी बरसते रहे
दीदी भी भड़क उठे, चप्पल भी खड़क उठे
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो।

प्रात हो कि रात हो, संग कोई न साथ हो
रजाई में घुसे रहो, तुम वही डटे रहो
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो।

एक रजाई लिए हुए, एक प्रण किए हुए
अपने आराम के लिए, सिर्फ आराम के लिए
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो।

कमरा ठंड से भरा, कान गालीयों से भरे
यत्न कर निकाल लो, ये समय निकाल लो
ठंड है ये ठंड है, यह बड़ी प्रचंड है
हवा भी चला रही, धूप को डरा रही
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो।।
👉रजाई धारी सिंह ‘दिनभर’

Posted in પતિ પત્ની ના ૧૦૦૦ જોક્સ

ચંદ્રકાન્ત બક્ષી

૫૦ થી ૬૦ વર્ષ પછીની જીંદગી ની વાસ્તવિકતા…
પત્નિની પતિને સુધારવાની જીદ ચરમસીમાએ હોય છે.
તેમાંય જો બાળકો મોટા થઈ ગયા હોય, પતિ પત્નિ એકલાં રહેતા હોય તો ભોગ મર્યા…
આ કોઈ એકલાનો પ્રશ્ન નથી…
સમગ્ર સમાજને લાગુ પડે છે…
સવાર પડે ને…

ઉઠો મારે ચાદર ખંખેરવી છે, વહેલા ઉઠવાનું રાખો.

બ્રશ કરતી વખતે સિંન્કનો નળ ધીમો રાખો, નીચે ટાઈલ્સ પર છાંટા ઉડે છે.

ટોયલેટમાંથી નીકળીને પગ લુછણીંયા પર પગ લુંછો. તમે આખા ઘરમાં રામદેવ પીરના ઘોડા જેવા પગલાં પાડો ને સાફ મારે કરવા પડે.

પોતું કરેલું છે, ગેલેરીમાં ના જતા વરસાદના છાંટા પડેલા છે, પાછા પગ ભીના લઈને રૂમમાં આવસો.

દાઢી કરીને બ્રસ ધોઈને ડબ્બામાં મુકો.

નાહવા જાવ એટલે ચડ્ડીબંડ્ડી ડોલમાં નાખજો.

નીકળીને રુમાલ બહાર તાર પર સુકવો.

માથામાં નાંખવાના તેલની બોટલ બંધ કરીને મુકતાં કીડીઓ ચટકે છે.

હજાર વાર કહ્યું આ ભુરો મોટો કાંસકો નહી લેવાનો એ ગુંચ કાઢવા માટે છે.

ધરે હો ત્યારે આ જાડી ટીશર્ટ ના પહેરતા હોય તો.

આ ચાની મલાઈ રકાબીની ધારે ન ચોંટાડતા હોય તો.

ફોન પર વાત કરતાં કરતાં ગેલેરીમાં શું કામ જતા રહો છો, ગામને સંભળાવવાનું છે.

મોબાઈલ જ મંતરવાનો હોય તો ટીવી શું કામ ચાલુ કરો છો.

છેલ્લી વાર કહું છું, ચલો જમવા,
પંખો બંન્ધ કરીને આવજો.

તોડેલી રોટલી પતે પછી જ બીજી તોડતા હોવતો.

જો ફરી પાછું, કેટલી વાર કહ્યું, લેંઘાએ હાથના લુંછો.

કાગળીયું ડસ્ટબીનમાં નાંખો, હાચું કહીયે તો મિસ્ટર બીન જેવું મો કેમ થઈ જાય છે.

જમ્યા પછી તરત આડા ના પડો.

સીંગ ચણાના ફોતરા તરત કચરાપેટી માં નાખો, આખા ઘરમાં ઉડે છે.

દીવાલે ટેકો દઈ ન બેસો તેલના અને ડાઈના ડાઘ પડે છે.

સવારે તો પેપર દોઢ કલાક વાંચેલું, હવે એ ઓનલાઈન થોડું છે તે બદલાઈ જાય.

પેપર વાળીને ટીપોઈ પર મુકતા હોતો.

હજી તો અડધો જ દિવસ પત્યો છે, અને આટલાં બધાં સુચનો !

આ સતત રણકતો રેડીયો એટલે જીવન સંગીત !!!
પણ મિત્રો આ રેડીઓ ની મીઠાસ એટલી મધુર છે કે જો એ ચૂપ થઈ જાય ને તો જીવન થઁભી જ જાય…
નાની ઉંમરે આ બધા છણકા ભણકા પતિ પત્ની માં થી કોઈ ને ના ગમે અને ઝગડો જ કરાવે પણ રિટાયર્ડ થયાં પછી જો આવા છણકા ભણકા ના હોય અને શાંત જીવન જીવતા હોય તો રોબોટ જેવિ જિંદગી લાગે અને જીવન નો સાચો આનંદ વિસરાય જ જાય !!!

🙏તમામ સીનીયર સીટીઝન દંપતી ને સમર્પિત🙏
ચંદ્રકાન્ત બક્ષી

Posted in हास्यमेव जयते

पति-पत्नी दोनों सरकारी अधिकारी थे, पत्नी एक रैंक छोटी अधिकारी थी ।

एक बार उनमें ऐसी खटपट हो गई की बोलचाल भी बन्द…😇

घर में तीसरा कोई नहीं था तो बड़ी तकलीफ हो गई।

खैर, चूँकि दोनों सरकारी सेवक थे सो इस चुप्पी का भी हल निकाल लिया ।

नोट शीट के माध्यम से लिखा-पढ़ी करके बातचीत होने लगी ।

एक शाम जब पति महोदय घर आये तो पत्नी ने नोट शीट पेश कर दी- “थके हुए लगते हैं, क्या चाय लेना चाहेंगे?”

पति ने लिखा- “यथा प्रस्तावित”
😀

पत्नी ने आगे भी लिखा- “आदेश हो तो साथ में बिस्किट भी संलग्न किये जावे..”

पति ने लिखा- “अनुमोदित, किन्तु मात्र 2 ही स्वीकृत”

इसी प्रकार नोट शीट पर लिख-लिख कर चाय-पानी, खाना पीना वगैरह चलने लगा..
किन्तु बातचीत बन्द ही थी😥

अचानक एक दिन पत्नी ने नोट शीट प्रस्तुत की- “मेरी माताजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, चार दिनों के लिए मायके जाना चाहती हूँ, कृपया अवकाश स्वीकृत कर रिलीव करें।”😦

पति ने लिखा- “स्वीकृत, किन्तु “वैकल्पिक व्यवस्था” सुनिश्चित करने के पश्चात् ही अवकाश पर जावें….”

इसके बाद पानीपत का चौथा युद्ध प्रारंभ हुआ

👊🏻👊🏻👊🏻👊🏻👊🏻
अब पति मेडिकल लीव पर है……😝

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हँसते हुए पेट दुखे तो भई मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं
😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘

एक बार कक्षा छठवीं में चार बालकों को परीक्षा मे समान अंक मिले,

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अब प्रश्न खडा हुआ कि किसे प्रथम रैंक दिया जाये ।

स्कूल प्रबन्धन ने तय किया कि प्राचार्य चारों से एक सवाल पूछेंगे,

जो बच्चा उसका सबसे सटीक जवाब देगा उसे प्रथम घोषित किया जायेगा ।

चारों बच्चे हाजिर हुए, प्राचार्य ने सवाल पूछा –

दुनिया में सबसे तेज क्या होता है ?

पहले बच्चे ने कहा,

मुझे लगता है -“विचार”सबसे तेज होता है,

क्योंकि दिमाग में कोई भी विचार तेजी से आता है, इससे तेज कोई नहीं ।

प्राचार्य ने कहा – ठीक है, बिलकुल सही जवाब है ।

दूसरे बच्चे ने कहा, मुझे लगता है –

“पलक झपकना” सबसे तेज होता है, हमें पता भी नहीं चलता और पलकें झपक जाती हैं और अक्सर कहा जाता है,”पलक झपकते”कार्य हो गया ।

प्राचार्य बोले – बहुत खूब, बच्चे दिमाग लगा रहे हैं ।

तीसरे बच्चे ने कहा –

“बिजली”, क्योंकि मेरे यहाँ गैरेज, जो कि सौ फ़ुट दूर है, में जब बत्ती जलानी होती है, हम घर में एक बटन दबाते हैं, और तत्काल वहाँ रोशनी हो जाती है,तो मुझे लगता है बिजली सबसे तेज होती है..

अब बारी आई चौथे बच्चे की ।

सभी लोग ध्यान से सुन रहे थे,

क्योंकि लगभग सभी तेज बातों का उल्लेख तीनो बच्चे पहले ही कर चुके थे ।

चौथे बच्चे ने कहा –

सबसे तेज होते हैं “दस्त”…

सभी चौंके

प्राचार्य ने कहा – साबित करो कैसे ?

बच्चा बोला,

कल मुझे दस्त हो गए थे, रात के दो बजे की बात है,

जब तक कि मैं कुछ ” विचार ” कर पाता,

या “पलक झपकाता”

या कि “बिजली” का स्विच दबाता

दस्त अपना “काम” कर चुका था ।😂

टीचर ने अपनी पीएचडी की डिग्री फाड़ दी है ।

इस असाधारण सोच वाले बालक को ही प्रथम घोषित किया गया।

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एक स्कूल में शिक्षा विभाग से निरीक्षण के लिए अधिकारी आया। वह एक हिंदी की कक्षा में गया और हिंदी अध्यापिका से पूछने लगा अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना इस मुहावरे का वाक्य प्रयोग करके बताएं।
कुछ सोचकर अध्यापिका बड़े आत्मविश्वास से बोली-
“मैंने अपनी बेटी को दसवीं कक्षा में मोबाइल दिला कर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली।“
निरीक्षक बोला “यह तो जानबूझ कर कुएं में कूदने जैसी बात हुई, पैरों पर कुल्हाड़ी मारने वाली नहीं। कोई और वाक्य प्रयोग बताओ।”
अध्यापिका कुछ क्षण सोचते हुए, “रमेश ने अपनी पत्नी को अपना क्रेडिट कार्ड देकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली।”
निरीक्षक फिर बोला- इसे तो ‘ मजबूरी का नाम महात्मा गांधी ’ कहेंगे । बीवी को क्रेडिट कार्ड देना पति की न टाली जा सकने वाली मजबूरी होती है, कोई सटीक वाक्य प्रयोग बताओ।

बहुत सोच विचार कर अध्यापिका को अपने पति की कही एक बात याद आई वह बोली- कल ही मेरे पति कह रहे थे कि तुम्हारी सुंदरता पर रीझकर मैं तुमसे शादी कर बैठा और अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार ली।

निरीक्षक जोर जोर से हंसने लगा और बोला, “यह तो आंख का अंधा नाम नैनसुख का उदाहरण है।”

अब तो अध्यापिका का भी पारा चढ़ गया और वह गुस्से से बोली – “इस स्कूल में टीचर बनकर मैंने अपने पैरों पर कुल्हाडी मार ली।”

निरीक्षक फिर बोला “यह तो नाच न जाने आंगन टेढ़ा वाली बात हुई, इसमें कुल्हाडी कहाँ है?”

अब तो अध्यापिका का भी सिर घूम गया और वह गुस्से से फट पडी- “मेरे साथ ज्यादा तीन-पाँच मत करो वरना तुम्हारी राई का ऐसा पहाड़ बनाऊंगी कि दिन में तारे नज़र आ जाएंगे। चुपचाप यहां से नौ दो ग्यारह हो जाओ वरना आज…, अभी…, इसी जगह, सांप भी मरेगा और लाठी भी टूटेगी…।”

उसका रौद्ररूप देख निरीक्षक घबरा गया, “ओह, लगता है आज मैंने गलती से अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली और वह वहां से भाग गया।
😂😂😂😂😂

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पति-पत्नी की नोक झोंक में प्रयुक्त सम्पूर्ण हिंदी वर्णमाला संकलित कविता…

मुन्ने के नंबर कम आए,
पति श्रीमती पर झल्लाए,
दिनभर मोबाइल लेकर तुम,
टें टें टें बतियाती हो…
खा़क नहीं आता तुमको,
क्या मुन्ने को सिखलाती हो?

यह सुनकर पत्नी जी ने,
सारा घर सर पर उठा लिया l
पति देव को लगा कि ज्यों,
सोती सिंहनी को जगा दिया l

अपने कामों का लेखा जोखा,
तुमको मैं अब बतलाती हूं l
आओ तुमको अच्छे से मैं,
क ,ख, ग,घ सिखलाती हूँ l

सबसे पहले “क” से अपने,
कान खोलकर सुन लो जी..
“ख”से खाना बनता घर में,
मेरे इन दो हाथों से ही!

“ग”से गाय सरीखी मैं हूं,
तुम्हें नहीं कुछ कहती हूँ l
“घ” से घर के कामों में मैं,
दिनभर पिसती रहती हूँ l

पतिदेव गरजकर यूं बोले..
“च” से तुम चुपचाप रहो
“छ” से ज्यादा छमको मत,
मैं कहता हूं खामोश रहो!

“ज” से जब भी चाय बनाने,
को कहता हूं लड़ती हो..
गाय के जैसे सींग दिखाकर,
“झ” से रोज झगड़ती हो!

पत्नी चुप रहती कैसे,
बोली “ट” से टर्राओ मत
“ठ” से ठीक तुम्हें कर दूँगी..
“ड” से मुझे डराओ मत!

बोले पतिदेव सदा आफिस में,
“ढ” से ढेरों काम करूं..
जब भी मैं घर आऊं,
“त” से तुम कर देतीं जंग शुरू!

“थ” से थक कर चूर हुआ हूं..
आज तो सच कह डालूँ मैं!
“द” से दिल ये कहता है…
“ध” से तुमको धकियाऊं मैं!

बोली “न” से नाम न लेना,
मैं अपने घर जाती हूँ!
“प” से पकड़ो घर की चाबी
मैं रिश्ता ठुकराती हूँ!

“फ” से फूल रहे हैं छोले,
“ब” से उन्हें बना लेना l
” भ” से भिंडी सूख रही हैं,
वो भी तल के खा लेना…!!

“म” से मैं तो चली मायके,
पत्नी ने बांधा सामान l
यह सुनते ही पति महाशय,
के तो जैसे सूखे प्राण

बोले “य” से ये क्या करती
मेरी सब नादानी थी…
“”र” से रूठा नहीं करो…..
तुम सदा से मेरी रानी थी!

“ल” से लड़कर कहते हैं कि..
प्रेम सदा ही बढता है!
“व” से हो विश्वास अगर तो,
रिश्ता कभी न मरता है l

“श” से शादी की है तो हम,
“स” से साथ निभाएंगे…
“ष” से इस चक्कर में हम….
षटकोण भले बन जाएंगे!

पत्नी गर्वित होकर बोली,
“ह” से हार मानते हो!
फिर न नौबत आए ऐसी
वरना मुझे जानते हो!

“क्ष” से क्षत्राणी होती है नारी
” त्र” से त्रियोग भी सब जानती है
“ज्ञ” से हे ज्ञानी पुरुष चाय पियो
और खत्म करो यह राम कहानी!

🤪😜🤣😄

Posted in हास्यमेव जयते

कभी हम भी.. बहुत अमीर हुआ करते थे हमारे भी जहाज.. चला करते थे।


कभी हम भी.. बहुत अमीर हुआ करते थे हमारे भी जहाज.. चला करते थे।

हवा में.. भी।
पानी में.. भी।

दो दुर्घटनाएं हुई।
सब कुछ.. ख़त्म हो गया।

            पहली दुर्घटना 

जब क्लास में.. हवाई जहाज उड़ाया।
टीचर के सिर से.. टकराया।
स्कूल से.. निकलने की नौबत आ गई।
बहुत फजीहत हुई।
कसम दिलाई गई।
औऱ जहाज बनाना और.. उडाना सब छूट गया।

             दूसरी दुर्घटना

बारिश के मौसम में, मां ने.. अठन्नी दी।
चाय के लिए.. दूध लाना था।कोई मेहमान आया था।
हमने अठन्नी.. गली की नाली में तैरते.. अपने जहाज में.. बिठा दी।
तैरते जहाज के साथ.. हम शान से.. चल रहे थे।
ठसक के साथ।
खुशी खुशी।
अचानक..
तेज बहाव् आया।
और..
जहाज.. डूब गया।

साथ में.. अठन्नी भी डूब गई।
ढूंढे से ना मिली।

मेहमान बिना चाय पीये चले गये।
फिर..
जमकर.. ठुकाई हुई।
घंटे भर.. मुर्गा बनाया गया।
औऱ हमारा.. पानी में जहाज तैराना भी.. बंद हो गया।

आज जब.. प्लेन औऱ क्रूज के सफर की बातें चलती हैं , तो.. उन दिनों की याद दिलाती हैं।

वो भी क्या जमाना था !

और..
आज के जमाने में..
मेरे बेटे ने…
पंद्रह हजार का मोबाइल गुमाया तो..

मां बोली ~ कोई बात नहीं ! पापा..
दूसरा दिला देंगे।

हमें अठन्नी पर.. मिली सजा याद आ गई।

फिर भी आलम यह है कि.. आज भी.. हमारे सर.. मां-बाप के सामने.. अदब से झुकते हैं।

औऱ हमारे बच्चे.. ‘यार पापा ! यार मम्मी !
कहकर.. बात करते हैं।
हम प्रगतिशील से.. प्रगतिवान.. हो गये हैं।

कोई लौटा दे.. मेरे बीते हुए दिन।।

माँ बाप की लाइफ गुजर जाती है बेटे की लाइफ बनाने में……
और बेटा status_ रखता है—
” My wife is my Life”
ईस पोस्ट को भेजने की कृपा करे जिससे सबके बचपन की याद की झलकिया आ जाये

Posted in હાસ્ય કવિતા

पत्नी की फटकार सुनी जब,


देवी सिंग तोमर

पत्नी की फटकार का महत्व*😇

पत्नी की फटकार सुनी जब,
तुलसी भागे छोड़ मकान l
राम चरित मानस रच डाला,
जग में बन गए भक्त महान ll
पत्नी छोड़ भगे थे जो जो,
वही बने विद्वान महान l
गौतम बुद्ध महावीर तीर्थंकर,
पत्नी छोड़ बने भगवान ll
पत्नी छोड़ जो भागे मोदी
हुए आज हैं पंत प्रधान l
अडवाणी ना छोड़ सके तो,
देख अभी तक हैं परेशान ll
नहीं कि है शादी पप्पू ने,
नहीं सुनी पत्नी की तान l
इसीलिए फिरते है भटकते,
बन न सके राजनेता महान ll
हम भी पत्नी छोड़ न पाए,
इसीलिए तो हैं परेशान l
पत्नी छोड़ बनो सन्यासी,
पाओ मोक्ष और निर्वाण ll

Posted in हास्यमेव जयते

ભગવાને એક ગધેડાનું સર્જન કર્યું અને એને કહ્યું


ભગવાને એક ગધેડાનું સર્જન કર્યું અને એને કહ્યું, “તું ગધેડા તરીકે ઓળખાશે, તું સૂર્યોદય થી લઈને સુર્યાસ્ત સુધી થાક્યા વગર તારી પીઠ પર બોજો ઉઠાવવાનું કામ કરશે, તું ઘાસ ખાશે, તને બુદ્ધિ નહિ હોય અને તું ૫૦ વર્ષ સુધી જીવશે.”

ગધેડો બોલ્યો, “હું ગધેડો થયો એ બરાબર છે પણ ૫૦ વર્ષ નું આયુષ્ય ઘણું બધું કહેવાય, મને ૨૦ વર્ષ નું આયુષ્ય આપો.” ઈશ્વરે એની અરજ મંજુર કરી.

ભગવાને કુતરાનું સર્જન કર્યું, એને કહ્યું “તું કુતરો કહેવાશે, તું મનુષ્યોના ઘરોની ચોકીદારી કરશે, તું મનુષ્ય નો પરમ મિત્ર હશે, તું એને નાખેલા રોટલાના ટુકડા ખાશે, અને તું ૩૦ વર્ષ જીવીશ.
કુતરાએ કહ્યું, “હે પ્રભુ ૩૦ વર્ષ નું આયુષ્ય તો ઘણું કહેવાય ૧૫ વરસ રાખો,” ભગવાને મંજુર કર્યું.

ભગવાને વાંદરો બનાવ્યો અને કહ્યું, “તું વાંદરો કહેવાશે, તું એક ડાળી થી બીજી ડાળી પર જુદા જુદા કરતબ કરતો કુદાકુદ કરશે અને મનોરંજન પૂરું પાડશે, તું ૨૦ વર્ષ જીવીશ.” વાંદરો બોલ્યો “૨૦ વર્ષ તો ઘણા કહેવાય ૧૦ વર્ષ રાખો”. ભગવાને મંજુર કર્યું.

છેલ્લે ભગવાને મનુષ્ય બનાવ્યો અને એને કહ્યું : “તું મનુષ્ય છે, પૃથ્વી પર તું એક માત્ર બુદ્ધિજીવી પ્રાણી હશે઼ તું તારી અક્કલ નાં ઉપયોગ વડે સર્વે પ્રાણીઓનો સ્વામી બનશે. તું વિશ્વને તારા તાબામાં રાખીશ અને ૨૦ વર્ષ જીવીશ.”

માણસ બોલ્યો : ” પ્રભુ, હું મનુષ્ય ખરો પણ ૨૦ વર્ષનું આયુષ્ય ઘણું ઓછું કહેવાય, મને ગધેડાએ નકારેલ ૩૦ વર્ષ, કુતરાએ નકારેલ ૧૫ વર્ષ અને વાંદરાએ નકારેલ ૧૦ વર્ષ પણ આપી દો.” ભગવાને મનુષ્ય ની ઈચ્છા સ્વીકારી લીધી.

અને ત્યારથી, માણસ પોતે માણસ તરીકે ૨૦ વર્ષ જીવે છે, લગ્ન કરીને ૩૦ વર્ષ ગધેડો બનીને જીવે છે, પોતાની પીઠ પર બધો બોજો ઉપાડી સતત કામ કરતો રહે છે, બાળકો મોટા થાય એટલે ૧૫ વર્ષ કુતરા તરીકે ઘરની કાળજી રાખી જે મળે તે ખાઈ લે છે, અંતે જ્યારે વૃદ્ધ થાય ત્યારે નિવૃત્ત થઈને વાંદરા તરીકે ૧૦ વર્ષ સુધી એક પુત્રના ઘરથી બીજા પુત્રના ઘરે અથવા એક પુત્રીના ઘરેથી બીજી પુત્રીના ઘરે જઈને જુદા જુદા ખેલ કરીને પૌત્રો અને ભાણીયાંઓને મનોરંજન પૂરું પાડે છે…………🙏

        ક  ડ  વું      સત્ય    છે .  
      સાચી    વાસ્તવિકતા    છે