Posted in ज्योतिष - Astrology

🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟
ज्योतिष वास्तु संस्कार ग्रुप की सादर प्रस्तुति
🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟

हंस जैन रामनगर खण्डवा
98272 14427
🌻🌻🌻🌻🌻🌻

नारियल के जादुई प्रयोग
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

जेसा की आप सभी जानते हें की नारियल एक ऐसी
वस्तु है जो कि किसी भी सात्त्विक अनुष्ठान,
सात्त्विक पूजा, धार्मिक कृत्यों तथा हरेक मांगलिक
कार्यों के लिये सबसे अधिक महत्व
पूर्ण सामग्री है. इसकी कुछ विभिन्न विधियों
द्वारा हम अपने पारिवारिक, दाम्पत्य तथा आर्थिक
परेशानियों से निजात पा सकते हैं.

—–घर में किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या हो
तो—-

एक नारियल पर चमेली का तेल मिले सिन्दूर से
स्वास्तिक का चिन्ह बनायें. कुछ भोग (लड्डू अथवा
गुड़ चना) के साथ हनुमान जी के मन्दिर में जाकर उनके
चरणों में अर्पित करके ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ
करें. तत्काल लाभ प्राप्त होगा.

—यदि कुण्ड़ली में शनि, राहू, केतु की अशुभ दृष्टि,
इसकी अशुभ दशा , शनि की ढ़ैया या साढ़े साती चल
रही तो-

एक सूखे मेवे वाला नारियल लेकर उस पर मुँह के आकार
का एक कट करें. उसमें पाँच रुपये का मेवा और पाँच रुपये
की चीनी का बुरादा भर कर ढ़क्कन को बन्द कर दें.
पास ही किसी किसी पीपल के पेड़ के नीचे एक हाथ
या सवा हाथ गढ्ढ़ा खोदकर उसमें नारियल को
स्थापित कर दें. उसे मिट्टी से अच्छे से दबाकर घर चले
जायें. ध्यान रखें कि पीछे मुड़कर नही देखना. सभी
प्रकार के मानसिक तनाव से छुटकारा मिल जायेगा.

—-यदि आपके व्यापार में लगातार हानि हो रही हो,
घाटा रुकने का नाम नही ले रहा हो तो –

गुरुवार के दिन एक नारियल सवा मीटर पीले वस्त्र में
लपेटे. एक जोड़ा जनेऊ, सवा पाव मिष्ठान के साथ
आस-पास के किसी भी विष्णु मन्दिर में अपने संकल्प
के साथ चढ़ा दें. तत्काल ही लाभ प्राप्त होगा.
व्यापार चल निकलेगा.

यदि धन का संचय न हो पा रहा हो, परिवार
आर्थिक दशा को लेकर चिन्तित हो तो-

शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के मन्दिर में एक
जटावाला नारियल, गुलाब, कमल पुष्प माला, सवा
मीटर गुलाबी, सफ़ेद कपड़ा, सवा पाव चमेली, दही,
सफ़ेद मिष्ठान एक जोड़ा जनेऊ के साथ माता को
अर्पित करें. माँ की कपूर व देसी घी से आरती उतारें
तथा श्रीकनकधारास्तोत्र का जाप करें. धन
सम्बन्धी समस्या तत्काल समाप्त हो जायेगी.

—–शनि, राहू या केतु जनित कोई समस्या हो, कोई
ऊपरी बाधा हो, बनता काम बिगड़ रहा हो, कोई
अनजाना भय आपको भयभीत कर रहा हो अथवा ऐसा
लग हो कि किसी ने आपके परिवार पर कुछ कर दिया
है तो इसके निवारण के लिये-

शनिवार के दिन एक जलदार जटावाला नारियल
लेकर उसे काले कपड़े में लपेटें. 100 ग्राम काले तिल,
100 ग्राम उड़द की दाल तथा एक कील के साथ उसे
बहते जल में प्रवाहित करें. ऐसा करना बहुत ही
लाभकारी होता है

.—–किसी भी प्रकार की बाधा, नजर दोष, किसी
भी प्रकार का भयंकर ज्वर, गम्भीर से गम्भीर रोगों
की समस्या विशेषकर रक्त सम्बन्धी हो तो-

शनिवार के दिन एक नारियल, लाल कपड़े में लपेटकर
उसे अपने ऊपर सात बार उवारें. किसी भी हनुमान
मन्दिर में ले जाकर उसे हनुमान जी के चरणों में अर्पित कर दें. इस प्रयोग से तत्काल लाभ होगा.

यदि राहू की कोई समस्या हो, तनाव बहुत अधिक रहता हो, क्रोध बहुत अधिक आ रहा हो, बनता काम बिगड़ रहा हो,* परेशानियों के कारण नींद न आ रही हो तो*

बुधवार की रात्रि को एक नारियल को अपने पास
रखकर सोयें. अगले दिन अर्थात् वीरवार की सुबह वह नारियल कुछ दक्षिणा के साथ गणेश जी के चरणों में अर्पित कर दें. मन्दिर में यथासम्भव 11 या 21 लगाकर दान कर कर दें. हर प्रकार का अमंगल, मंगल में बदल जायेगा

यदि आप किसी गम्भीर आपत्ति में घिर गये हैं आपको आगे बढ़ने का कोई रास्ता नही दिख रहा हो तो

दो नारियल, एक चुनरी, कपूर, गूलर के पुष्प की माला से देवी दुर्गा का दुर्गा मंदिर में पूजन करें. एक नारियल चुनरी में लपेट कर (यथासम्भव दक्षिणा के साथ) माता
के चरणों में अर्पित कर दें. माता की कपूर से आरती
करें. ‘हुं फ़ट्’ बोलकर दूसरा नारियल फ़ोड़कर माता
को बलि दें सभी प्रकार के अनजाने भय तथा शत्रु
बाधा से तत्काल लाभ होगा

हंस जैन रामनगर खण्डवा

98272 14427

🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚

Posted in ज्योतिष - Astrology

👺👺👺👺👺👺
यन्त्र मन्त्र तन्त्र ग्रुप
की सादर सप्रेम भेंट
👹👹👹👹👹👹

हँस जैन रामनगर खण्डवा मध्यप्रदेश
98272 14427

👺👺💩👺👺💩

आप तन्त्र के शिकार
हैं कैसे पता करें❓
💢💢💢💢💢💢

1) रात को सिरहाने एक लोटे मैं पानी भर कर रखे और इस पानी को गमले मैं लगे या बगीचे मैं लगे किसी छोटे पौधे मैं सुबह डाले । 3 दिन से एक सप्ताह मे वो पौधा सूख जायेगा है

2) रात्रि को सोते समय एक हरा नीम्बू तकिये के नीचे रखे और प्रार्थना करे कि जो भी नेगेटिव क्रिया हूई इस नीम्बू मैं समाहित हो जाये । सुबह उठने पर यदि नीम्बू मुरझाया या रंग काला पाया जाता है तो आप पर तांत्रिक क्रिया हुई है।

3) यदि बार बार घबराहट होने लगती है, पसीना सा आने लगता हैं, हाथ पैर शून्य से हो जाते है । डाक्टर के जांच मैं सभी रिपोर्ट नार्मल आती हैं।लेकिन अक्सर ऐसा होता रहता तो समझ लीजिये आप किसी तान्त्रिक क्रिया के शिकार हो गए है

4) आपके घर मैं अचानक अधिकतर बिल्ली,सांप, उल्लू, चमगादड़, भंवरा आदि घूमते दिखने लगे ,तो समझिये घर पर तांत्रिक क्रिया हो रही है।

5) आपको अचानक भूख लगती लेकिन खाते वक्त मन नही करता

6) भोजन मैं अक्सर बाल, या कंकड़ आने लगते है

7) घर मे सुबह या शाम मन्दिर का दीपक जलाते समय विवाद होने लगे या बच्चा रोने लगे।

8) घर के मन्दिर मैं अचानक आग लग जाये।

9) घर के किसी सदस्य की अचानक मौत।

10) घर के सदस्यों की एक के बाद एक बीमार पढ़ना ।

11) घर के जानवर जैसे गाय, भैंस, कुत्ता अचानक मर जाना।

12) शरीर पर अचानक नीले रंग के निशान बन जाना ।

13) घर मे अचानक गन्दी बदबू आना ।

14) घर मैं ऐसा महसूस होना की कोई आसपास है ।

15) आपके चेहरे का रंग पीला पड़ना ये भी एक कारण हैं की जितना प्रबल तन्त्र प्रयोग होगा आपके मुह का रंग उतना ही पिला पड़ता जायेगा आप दिन प्रतिदिन अपने आपको कमज़ोर महसूस करेंगे।

16) आपके पहने नए कपड़े अचानक फट जाए, उस पर स्याही या अन्य कोई दाग लगने लग जाए, या जल जाए।

17) घर के अंदर या बाहर नीम्बू, सिंदूर, राई , हड्डी आदि सामग्री बार बार मिलने लगे।

18) चतुर्दशी या अमावस्या को घर के किसी भी सदस्य या आप अचानक बीमार हो जाये या चिड़चिड़ापन आने लग जाये ।

19) घर मैं रुकने का मन नही करे, घर मे आते ही भारीपन लगे,जब आप बाहर रहो तब ठीक लगे ।

हँस जैन रामनगर खण्डवा मध्यप्रदेश

98272 14427

🛐🛐🛐🛐🛐🛐⛎🛐🛐🛐⛎🛐

Posted in ज्योतिष - Astrology

😈😈😈😈😈😈

तन्त्र मन्त्र यन्त्र ग्रुप
की सादर भेंट
😈😈😈😈😈😈
अलौकिक विज्ञान का एक महत्वपूर्ण ग्रुप
👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽
हँस जैन रामनगर खण्डवा
98272 14427
🌚🌚🌚🌚🌚🌚

आज शनिश्चरी अमावस्या,पितृ अमावस्या पर क्या करें
🌚🌚🌚🌚🌚🌚

दोस्तों,

आज शनिश्चरी अमावस्या, पितृ मोक्ष अमावस्या एवं भूतड़ी अमावस्या है। आज तन्त्र विद्या में कई प्रयोग किये जाते हैं, जिसके अशुभ परिणाम हम सब पर भी हो सकते हैं ।

वर्तमान वैज्ञानिक युग में तंत्र-मंत्र और तांत्रिक क्रिया की बात बेमानी लगती है। इस पर यकीन करना वैज्ञानिक तथ्‍यों और सुबूतों के सामने बेहद मुश्‍किल है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी भी होती है जिनका जवाब मेडिकल साइंस और विज्ञान दोनों के पास नहीं मिलता। ऐसी स्‍थिति में व्‍यक्‍ति का विश्‍वास दूसरी ओर जाता है। जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब ग्रहों की स्थिती में इस कदर बदलाव आता है की व्यक्ति का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में वो इधर-उधर भटकता है, स्वयं का अच्छा करने के चक्कर में वो दूसरे का बुरा करने से भी नहीं चूकता।

दोस्तों की भीड़ में दुश्मनों को पहचानना मुश्किल हो जाता है. आप नहीं समझ सकते कि कब कौन आपके पीठ पीछे वार कर आपको धोखा देकर चला जाए. दोस्ती और प्यार के नाम पर दगा देने वाले भी बहुत लोग होते हैं.

आपकी कोई बात किसी को कितनी बुरी लग गई और इसका बदला लेने के लिए वो किस हद तक पहुंच जाएगा आप इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा सकते | ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार जब अचानक से आपका अच्छा समय बुरे समय में बदल जाता है तो ऐसी संभावनाएं हो सकती हैं कि आपको या आपके घर को किसी की बुरी नजर लग गई हो। कई बार किसी की सफलता और समृद्धि से जलने वाले लोग उन्हें क्षति पहुंचाने के लिए टोने-टोटके या तंत्र-मंत्र जैसी नकारात्मक शक्तियों का उपयोग करते हैं। इन नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से एकदम ही सबकुछ गड़बड़ हो जाता है।

हम कैसे बचें
😈😈😈😈😈
भूत-प्रेत की अथवा बाहरी बाधा को दूर करने के लिए शनिवार के दिन करने का एक टोटका बहुत ही सरल उपाय है, जिसके करने से समुचित लाभ तुरंत मिलता है। उसके लिए दोपहर में सवा किलो बाजरे का दलिया पका लें। उसमें थोड़ा गुड़ मिला दें। उसे एक मिट्टी की हांडी में रखकर उससे सूर्यास्त के बाद प्रेत से प्रभावित व्यक्ति के पूरे शरीर पर घड़ी की विपरीत दिशा में अर्थात बाएं से दाएं सात बार घुमाते हुए नजर उतारें। लोगों की नजर बचाकर हांडी को किसी सुनसान चैराहे पर रख दें और वापस घर लाटते समय न तो पीछे मुड़कर देखें और न ही किसी के रास्ते में कोई बात करें।

कुछ और उपाय
👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽👉🏽

कई बार पूरा घर ही प्रेतात्मा की चपेट में आ जाता है और इससे घर के कई सदस्य अज्ञात परेशानियों से घिर जाते हैं। उसे दूर करने के लिए जलते हुए गोबर के उपले के साथ गुग्गल की धूनी जलाने से प्रेत-बाधा खत्म हो जाती है। परिवार के सभी सदस्य इसके भभूत का तिलक लगाएं। घर को प्रेत-बाधा से मुक्त करने के लिए ओम के प्रतीक का त्रिशूल दरवाजे पर लगाना भी एक अचूक उपाय है।

😈😈😈😈😈😈

नींबू के प्रयोग
☘☘☘☘☘☘

अगर बीमारी पीछा नहीं छोड़ रही है तो तीन पके हुए नींबू लेकर एक को नीला एक को काला तथा तीसरे को लाल रंग कि स्याही से रंग दे। अब तीनों नीबुओं पर एक एक साबुत लौंग गांड दें। इसके बाद तीन मोटी चूर के लड्डू लेकर तथा तीन लाल पीले फूल लेकर एक रुमाल में बांध दें। अब प्रभावित व्यक्ति के ऊपर से सात बार उबार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें। ध्यान रहे प्रवाहित करते समय आसपास कोई खड़ा न हो।

काले तिल के प्रयोग
🕸🕸🕸🕸🕸🕸

आज पूरे दिन रात काले कपड़े में काले तिल बांधकर अपनी जेब में रखें। कल उसे दिन में जलती आग में उन्हें डाल दें। इससे कोई तंत्र का प्रभाव आप पर काम नहीं करेगा।

जायफल से शत्रु नाश
🌘🌘🌘🌘🌘🌘

अगर आपका शत्रु परेशान कर रहा है और हर कार्य में अड़ंगा डाल रहा है तो शत्रु का नाम लेकर दो जायफल कपूर से जलाकर उसकी राख को नाले में बहा दें। ऐसा करने से शत्रु आपको परेशान करना बन्द कर देता है।

इस पोस्ट का ये उद्देश्य नही की आप भूत प्रेत बाधा ऊपरी हवा आदि से डरे। इस पोस्ट के माध्य्म से बस यही कहना चाहता हूं कि स्वयं की एवम परिवार की सुरक्षा हम करें क्योंकि आज साथ देने वाले कम और खींचने वाले ज्यादा है।आपके पीठ पीछे आपके लिये कौन सी चाल कौन चल रहा पता नही चलेगा।

हँस जैन रामनगर खण्डवा मध्यप्रदेश
98272 14427

तन्त्र मन्त्र यन्त्र ग्रुप

🤢😈🌑🌒🌖😈

Posted in ज्योतिष - Astrology

सुनील त्रिवेदी

हनुमान चालीसा है चमत्कारिक::-


• हनुमान चालीसा है चमत्कारिक ऑफिस में कुछ ठीक नहीं चल रहा…
• घर पर पति-पत्नी की नहीं बनती… विद्यार्थियों को परीक्षा का टेंशन है…

• किसी को भूत-पिशाचों का भय सता रहा है… मानसिक शांति नहीं मिलती… स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पीछा नहीं छोड़ती… ऐसी ही मानव जीवन से जुड़ी सभी समस्याओं का हल है रामभक्त श्री हनुमान के पास।

• परंतु आज के दौर में जब हमारे समयाभाव है और इसी के चलते हम मंदिर नहीं जा पाते, विधि-विधान से पूजा-अर्चना नहीं कर पाते हैं। ऐसे में भगवान की कृपा कैसे प्राप्त हो? क्या किया जा जिससे कम समय में ही हमारे सारे दुख-कलेश, परेशानियां दूर हो जाए? अष्ट सिद्धि और नवनिधि के दाता श्री हनुमान जी… जिनके हृदय में साक्षात् श्रीराम और सीता विराजमान हैं… जिनकी भक्ति से भूत-पिशाच निकट नहीं आते… हमारे सारे कष्टों और दुखों को वे क्षणांश में ही हर लेते हैं।

• ऐसे भक्तवत्सल श्री हनुमान जी की स्मरण हम सभी को करना चाहिए। ये आपकी सभी समस्या का सबसे सरल और कारगर उपाय है.

• श्री हनुमानचालीसा का जाप। कुछ ही मिनिट की यह साधना आपकी सारी मनोवांछित इच्छाओं को पूरा करने वाली है। श्री हनुमान चालिसा का जाप कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है।

• गोस्वामी तुलसी दास द्वारा रचित श्री हनुमान चालीसा अत्यंत ही सरल और सहज ही समझ में आने वाला स्तुति गान है।

• श्री हनुमान चालीसा में हनुमान के चरित्र की बहुत ही विचित्र और अद्भुत व्याख्या की गई हैं। साथ ही इसके जाप से श्रीराम का भी गुणगान हो जाता है। श्री हनुमानजी बहुत ही कम समय की भक्ति में प्रसन्न होने वाले देवता है।

• श्री हनुमान चालीसा की एक-एक पंक्ति भक्ति रस से सराबोर है जो आपको श्री हनुमान जी के उतने ही करीब पहुंचा देगी जितना आप उसका जाप करेंग। कुछ समय में इसके चमत्कारिक परिणाम आप सहज ही महसूस कर सकेंगे।

• यदि ऑफिस से सम्बंधित कोई परेशानी है तो सोमवार दोपहर को लगभग दो बजे से चार बजे के मध्य श्री हनुमान चालीसा का पाठ उत्तर दिशा की ओर मुख कर के करे.

• ध्यान रखें कि बैठने का आसन और सिर पर लाल रंग का शुद्ध वस्त्र रख कर करे. तथा अपने सामने किसी भी साफ़ बर्तन में गुड़ या गुड़ से बनीं मिठाई जरूर रखे पाठ के बाद उसे स्वयं प्रसाद के रूप में लें.

• इसे सोमवार (शुक्ल-पक्ष) से आरम्भ कर प्रत्येक सोमवार करने से ऑफिस से सम्बंधित संकट समाप्त हो जाता है.

• यदि घर में पति-पत्नी की नहीं बनती है औए प्रतिदिन घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती है तो भी इसका समाधान श्री हनुमान जी के पास है.

• नित्य प्रातःकाल सूर्योदय के समय पति या पत्नी एक ताम्बे के लोटे में थोडा सा गुड़ और एक छोटी इलायची डाल कर सूर्य देव के सामने बैठ कर श्री हनुमान चालीसा के दो पाठ कर सूर्य देव को अर्घ्य प्रदान कर दें.

• कुछ ही दिनों में पति व पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के मध्य सद्भावनापूर्ण व्यवहार होने लगेगा.

• प्रत्येक मंगलवार तथा शनिवार सांयकाल श्री हनुमान चालीसा के पांच पाठ सामने गुग्गल का धूप जला कर करे तो घर की सन्तान नियंत्रित होती है.

• घर में कोई संकट नहीं आता है विद्या बुद्धि बल बड़ता है समस्त दोष स्वत: ही समाप्त होने लगते है

• जो प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ आसन में बैठ कर करता है उसकी समस्त कामनाये भगवान राम जी के द्वारा शीघ्र पूरी होती है.

• विदेश में सफलता नहीं मिल रही तो श्री हनुमान चालीसा के एक सौ आठ 108 पाठ नौ दिन में करें या रात को पांच पांच पाठ रोज करने से वेदेश में प्रतिष्ठा व सफलता प्राप्त होती है

• प्रतिदिन किसी भी समय श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से नवग्रह की शान्ति तो होती है और जटिल समस्याओं से छुटकारा भी मिल जाता है

• धैर्य और विश्वास के साथ किया गया पाठ आपके जीवन में सफलता कि कुंजी बन सकता है

Posted in ज्योतिष - Astrology

#रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप
से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है।
इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे #प्रभु श्रीराम आप के जीवन को
सुखमय बना देगे।

1. #रक्षा के लिए

मामभिरक्षक रघुकुल नायक |
घृत वर चाप रुचिर कर सायक ||

2. #विपत्ति दूर करने के लिए

राजिव नयन धरे धनु सायक |
भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक ||

3. *#सहायता के लिए

मोरे हित हरि सम नहि कोऊ |
एहि अवसर सहाय सोई होऊ ||

4. #सब काम बनाने के लिए

वंदौ बाल रुप सोई रामू |
सब सिधि सुलभ जपत जोहि नामू ||

5. #वश मे करने के लिए

सुमिर पवन सुत पावन नामू |
अपने वश कर राखे राम ||

6. #संकट से बचने के लिए

दीन दयालु विरद संभारी |
हरहु नाथ मम संकट भारी ||

_*7*. *#विघ्न विनाश के लिए*

सकल विघ्न व्यापहि नहि तेही |
राम सुकृपा बिलोकहि जेहि ||

8. #रोग विनाश के लिए

राम कृपा नाशहि सव रोगा |
जो यहि भाँति बनहि संयोगा ||

9. #ज्वार ताप दूर करने के लिए

दैहिक दैविक भोतिक तापा |
राम राज्य नहि काहुहि व्यापा ||

10. #दुःख नाश के लिए

राम भक्ति मणि उस बस जाके |
दुःख लवलेस न सपनेहु ताके ||

11. #खोई चीज पाने के लिए

गई बहोरि गरीब नेवाजू |
सरल सबल साहिब रघुराजू ||

12. #अनुराग बढाने के लिए

सीता राम चरण रत मोरे |
अनुदिन बढे अनुग्रह तोरे ||

13. #घर मे सुख लाने के लिए

जै सकाम नर सुनहि जे गावहि |
सुख सम्पत्ति नाना विधि पावहिं ||

14. #सुधार करने के लिए

मोहि सुधारहि सोई सब भाँती |
जासु कृपा नहि कृपा अघाती ||

15. #विद्या पाने के लिए

गुरू गृह पढन गए रघुराई |
अल्प काल विधा सब आई ||

16. #सरस्वती निवास के लिए

जेहि पर कृपा करहि जन जानी |
कवि उर अजिर नचावहि बानी ||

17. #निर्मल बुद्धि के लिए

ताके युग पदं कमल मनाऊँ |
जासु कृपा निर्मल मति पाऊँ ||

18. #मोह नाश के लिए

होय विवेक मोह भ्रम भागा |
तब रघुनाथ चरण अनुरागा ||

19. #प्रेम बढाने के लिए

सब नर करहिं परस्पर प्रीती |
चलत स्वधर्म कीरत श्रुति रीती ||

20. #प्रीति बढाने के लिए

बैर न कर काह सन कोई |
जासन बैर प्रीति कर सोई ||

21. #सुख प्रप्ति के लिए

अनुजन संयुत भोजन करही |
देखि सकल जननी सुख भरहीं ||

22. #भाई का प्रेम पाने के लिए

सेवाहि सानुकूल सब भाई |
राम चरण रति अति अधिकाई ||

23. #बैर दूर करने के लिए

बैर न कर काहू सन कोई |
राम प्रताप विषमता खोई ||

24. #मेल कराने के लिए

गरल सुधा रिपु करही मिलाई |
गोपद सिंधु अनल सितलाई ||

25. #शत्रु नाश के लिए

जाके सुमिरन ते रिपु नासा |
नाम शत्रुघ्न वेद प्रकाशा ||

26. #रोजगार पाने के लिए

विश्व भरण पोषण करि जोई |
ताकर नाम भरत अस होई ||

27. #इच्छा पूरी करने के लिए

राम सदा सेवक रूचि राखी |
वेद पुराण साधु सुर साखी ||

28. #पाप विनाश के लिए

पापी जाकर नाम सुमिरहीं |
अति अपार भव भवसागर तरहीं ||

29. #अल्प मृत्यु न होने के लिए

अल्प मृत्यु नहि कबजिहूँ पीरा |
सब सुन्दर सब निरूज शरीरा ||

30. #दरिद्रता दूर के लिए

नहि दरिद्र कोऊ दुःखी न दीना |
नहि कोऊ अबुध न लक्षण हीना |

31. प्रभु दर्शन पाने के लिए

अतिशय प्रीति देख रघुवीरा |
प्रकटे ह्रदय हरण भव पीरा ||

32. शोक दूर करने के लिए

नयन बन्त रघुपतहिं बिलोकी |
आए जन्म फल होहिं विशोकी ||

33. #क्षमा माँगने के लिए

अनुचित बहुत कहहूँ अज्ञाता |
क्षमहुँ क्षमा मन्दिर दोऊ भ्राता ||

🙏जयश्रीराम🙏
साभार

Posted in ज्योतिष - Astrology

संजय गुप्ता

आज बात करते है कूछ उपाय और टोटके की ज़रूर आजमाए ये सब कार्य सिद्धि मे सहायक है ये चमत्कारी टोटके
चुटकी भर हींग अपने सिर से घुमाकर (उतारा कर) दक्षिण दिशा में फ़ेंक कर जाए
एक हरी इलायची या एक लौंग शिवजी के चरणों में रखकर जाए
शनिवार के दिन एक रुपये का सिक्का या सरसों का तेल किसी कोढ़ी को दान करे.
पीली सरसों के कुछ दाने व्यापार स्थल के द्वार पर फ़ेंक कर जाए
रसायन रहित गुड या चमेली का तेल मंगलवार को हनुमान जी के आगे रखकर जाए.
महाकाली का पूजन शुद्ध घी के दीपक से करे.
काम में जाने से पहले पूजा घर में रखे जल कलश को प्रणाम करके जाए.
दर्पण में स्वयं का चेहरा देखकर जाए.
हर बुधवार एक कटोरी चावल दान कर गणेशजी पर एक सुपारी एक वर्ष तक चढ़ाये
हनुमान जी की मूर्ति से सिंदूर ले माँ सीता के चरणों में एक ही सांस में लगा दे और ये खास ज़रूर करे जिस सघन वृक्ष पर चमगादड़ों का स्थाई वास होता है, उसकी छोटी-
सी लकड़ी ग्रहण काल में तोड़ लाएं।
इसे अपने कर्म स्थल की कुर्सी अथवा गद्दी के निचे रखे इससे कभी धन का अभाव नही होगा जै शंकर.
धन संबंधित टोटके …
यदि धन कहीं फंस गया हो या कोई उधार न लौटा रहा हो तो रोजाना सुबह 11 बीज लाल मिर्च के जल में डालकर सूर्य भगवान को अर्ध्य देना चाहिये और
‘‘ऊँ आदित्याय नमः’’
मंत्र का जाप करते हुये सूर्य भगवान से धन वापसी की प्रार्थना करनी चाहिये, धन जरूर वापस आता है।
यदि धन की कमी हो या धन कहीं फंस गया हो तो शुक्ल पक्ष के किसी गुरूवार से शुरू कर अपने माथे पर रोजाना केसर व चंदन का तिलक लगाना शुरू कर देना चाहिये। इसके अतिरिक्त प्रत्येक गुरूवार को राम दरबार के सामने दंडवत प्रणाम कर अपनी इच्छा जाहिर करनी चाहिये, शीघ्र धन लाभ होता है।
यदि हमेशा ही धन की कमी परेशान करती हो तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से शुरू कर 21 शुक्रवार तक आठ वर्ष तक की 5 कन्याओं को खीर व मिश्री खिलाना चाहिये और उनके चरण छूकर माता रानी से धन लाभ की प्रार्थना करनी चाहिये। मां की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
यदि धन संबंधित कष्ट अधिक हा रहे हों तो किसी भी मंदिर में किसी शुभ मुहूर्त में केले के दो नर व मादा पौधे लगाने चाहिये और उनकी देखभाल करनी चाहिये। जब वे पौधे फल देने लगेंगे तो धन संबंधित कष्ट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।
घर या कार्यालयमें लक्ष्मी प्राप्ति के लिये उत्तर दिशा की दीवार के साथ एक सुंदर सा फव्वारा रखना चाहिये या एक एक्वेरियम रखना चाहिये जिसमें आठ सुनहरी व एक काली मछली हो।
यदि आय से अधिक व्यय हो या बचत न हो रही हो तो ध्यान दें कि घर पर कोई भी नल लीक न कर रहा हो व दूध या चाय उबलते समय गिरे नहीं वरना अनावश्यक खर्च होने लगता है।
यदि आर्थिक स्थिति ठीक न हो तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को हरे हकीक की 54 नगों की माला माँ लक्ष्मी जी को चढ़ानी चाहिये, आर्थिक स्थिति ठीक होने लगती है।
यदि धन टिकता न हो तो शुक्ल पक्ष के किसी शनिवार से शुरू कर प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलानी चाहिये ।

Posted in ज्योतिष - Astrology

श्री दुर्गासप्तशती के अदबुध मंत्र

सब प्रकार के कल्याण के लिये..*
सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”

धन के लिए मंत्र..*
“दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽ‌र्द्रचित्ता॥”

आकर्षण के लिए मंत्र..*
“ॐ क्लींग ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती ही सा,
बलादाकृष्य मोहय महामाया प्रयच्छति ”

विपत्ति नाश के लिए मंत्र..*
“शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”

शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र..*
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्ति भूते सनातनि।
गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥

रक्षा पाने के लिए मंत्र*
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।
घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च॥

आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मंत्र..*
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

भय नाश के लिए मंत्र..*
“सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते।
भयेभ्याहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥

महामारी नाश के लिए मंत्र..*
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥

सुलक्षणा पत्‍‌नी की प्राप्ति के लिए मंत्र..*
पत्‍‌नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥

पाप नाश के लिए मंत्र..*
हिनस्ति दैत्यतेजांसि स्वनेनापूर्य या जगत्।
सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्योऽन: सुतानिव॥

भुक्ति-मुक्ति की प्राप्ति के लिए मंत्र..*
विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥