Posted in मोदी केयर - Modi Care - મોદી કેર

हम लोग अपना आधा जीवन निकाल देते हैं पड़ाई में…

मकसद?

A4 साइज़ के छोटे कागज़ के लिए जिसे डिग्री कहते हैं। इस डिग्री को लेकर हम निकलते हैं, अपना मोल लगवाने, किसीका का मोल 10000₹ महिना तो किसीका 20000₹ तो किसीका 30000₹ ।

सुना है, आज का एक बहुत अच्छा शिक्षक, जो आज से 20 साल पहले,3000₹ महीने पर लगे थे, उन्हें आज सिर्फ 30000₹ महिना ही मिल रहा है।

और मोदीकेयर में सिर्फ 2 साल में ही प्रति माह 30000₹ बोनस में बड़ोतरी होती है, इसमें कोई ( राकेट साइंस ) नहीं है।

ये सब हमने तो जान लिया है, और इसमें आगे भी बड़ रहे हैं, यही बात और पुक्ता हो जाती है, जब गुजरात जैसे मेगा इवेंट होते हैं।

ये कुछ बातों के जरिये, हम सबको शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, जिन्होंने गुजरात इवेंट को एक सफल इवेंट बनाया।

Thanks a lot Modicare, Modicare Management, Eklavya team…..

#ModicareGujrat

Thanks once again

Humne #SochBadli

Aap kab Badal Rahe hain?

#LiveTheModiway

इसमे जुड़ने के लिए आज ही हमे कॉल करे ओर अधिक जानकारी ले…..धन्यवाद

Harshad Ashodiya

8369123935

Posted in मोदी केयर - Modi Care - મોદી કેર

आप शोपिंग कहा से करते हो ?????

मतलब कि घर का सामान कहाॅ से लेते हो..?

आप MODICARE से लेते है तो कई फायदे है । आजकल तो सभी पढ़े लिखे समझदार लोग घर का सब सामान MODICARE से लेते हैं।

आइये में बताता हूँ आपको कि सब लोग MODICARE से क्यूॅ सामान लेते है।

दरअसल इसके पीछे कुछ सॉलिड वजह है ।

और वो वजह है MODICARE द्वारा दिए जाने वाले बेजोड़ 7 फायदे-

1. 15 – 20% discount on MRP

2. 12% Monthly Offered

3.loyalty program (Buy 6 months 2500 Rs products n get 7th months free)

4. Monthly cashback 7 to 22% in bank account & home expenses will reduce by 40%.

5. Chemical free products.

6. 100% Satisfaction n replacement guarantee.

7. U Can earn bonuses by using MODICARE products. N bonus can b Rs. 20 to Rs 80 LACS per month.

8. Free foreign trips, free car fund n house fund.

अब आप ही बताइए कि अगर कोई दुकान इतने फायदे ऑफर करे तो एक समझदार आदमी कहाॅ से सामान लेगा…..?

और इतने सारे फायदे MODICARE कैसे देता है ?

वो भी जान लीजिये-

अभी आप कैसे शोपिंग करते है देखिये-

आप- दुकान- थोक- डिस्ट्रीब्यूटर-विज्ञापन-मार्केटिंग टीम- कम्पनी.

इसमें क्या होता है कि आप जब 100 रूपये का सामान दुकान से लेते हो तो दुकान वाले को वो 80 रूपये में मिला होता है। थोक वाले को शायद 70 रूपये में , डिस्ट्रीब्यूटर को शायद 60 रूपये में फिर कुछ खर्चा मार्केटिंग स्टाफ व बहुत बडा हिस्सा विज्ञापन (मेरी सुंदरता का राज) पर खर्च होता है।

तो वो सामान जो 40 रूपये में ही बना होता है।

इस प्रकार 40 रूपये की चीज का हमे 100 रूपये देना होता है ओर ये सदियों से ऐसे ही चलता आ रहा है । मतलब कि हर सामान के हम 60 रूपये ज्यादा भुगतान करते है ।

अब अगर आप MODICARE पर शिफ्ट हो जाते हो तो देखिये क्या होता है-

आपके——– कम्पनी

बीच में कोई नही। तो बीच वालो का जो प्रॉफिट होता है 60% वही MODICARE हमे 7 फायदो के रूप में देता है।

तो फिर देरी क्यूॅ….

आप भी शिफ्ट हो जाइये तुरंत MODICARE पर।

और उन 7 फायदों का लाभ उठाये।

बस_आपको_सिर्फ_ये_जानकारी_देनी_हैं-

1.आपका नाम

2. जन्मतिथी

3. पता

4.मोबाइल नम्बर

सबसे_शेयर_करिए_और_अपने_तथा_अपनो_की_जिन्दगी_में_परिवर्तन_लाऐं..👍

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे हमारे नीचे दिऐ गये नंबर पे धन्यवाद🙏

हर्षद अशोदिया राजकोट थी

८३६९१२३९३५

Posted in हिन्दू पतन

हिंदुस्तान में सबसे बड़े उद्योगपति कौन है??? देखिए इस लेख को, अधिकतर लोगों को यह पता ही नहीं है

कॉरपोरेट मिशनरी इस संस्था पर किसी का भी ध्यान नहीं हैं?
🙄🤔
😡😡

यह मुद्दा बहुत ही ज्वलंत और चिंताजनक मुद्दा हैं!

क्या आप जानते हैं भारत में सबसे बड़ा कॉर्पोरेट कौन हैं?
🙄🤔

टाटा ? नहीं
अम्बानी ? नहीं
अदानी ? नहीं

चौंकिए मत आगे और पढ़िए

300000 (तीन लाख) करोड़ की सम्पति वाला कोई और नहीं यह हैं!

“The Syro Malabar Church”, केरल!

इसका 10000 से ज्यादा संस्थानों पर कण्ट्रोल हैं!

और इसकी अन्य बहुत सी सहायक ऑर्गेनाइजेशन्स भी हैं!

मेरी समझ में यह एक ऐसा छद्म बिज़नेस ऑर्गेनाइजेशन हैं!

जो सम्पत्ति के मामले में भारत के

टाटा
अम्बानी
अदानी

आदि का मुकाबला करने में सक्षम हैं?

ये सारे औद्योगिक घराने इसके आसपास भी नहीं हैं!

यकीन नहीं हो रहा हैं ना???
तो ठीक हैं अब इन आंकड़ो को देखिए!

इनके अधीन हैं!
01)👉 9000 प्रीस्ट
02)👉 37000 नन
03) 👉50 लाख चर्च मेम्बर
04)👉 34 Dioceses
05)👉 3763 चर्च
06👉 71 पादरी शिक्षा संस्थान
07👉 4860 शिक्षा संस्थान
08👉 2614 हॉस्पिटल्स और क्लिनिक
09👉 77 ईसाई शिक्षा संस्थान

कुल मिलकर 11000 छोटे बड़े संस्थान संचालित हैं!
🤔😡
इनके ऊपर सबसे शक्तिशाली चर्च हैं – “CMA”🤔🙄😡😡

“CMA” के अन्दर ही देश भर में फैले1514 संस्थान आते हैं जिनके
स्कूल
कॉलेज
हॉस्पिटल
और
अनाथालय हैं!
🙄🤔
😡😡

चर्च के 50 ऐसे ऑर्गेनाइजेशन हैं जो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं!

अगर आप इस चर्च का सालाना टर्न ओवर देखेंगे तो कोई भी कंपनी इनके आसपास भी नहीं फटकती है!

पूरे भारत के अंदर इन चर्च की पहुऺच गांवों तक हैं और विदेशों में भी इसके सहयोगी संस्थान हैं!

इस चर्च के सारे सदस्य मलेशिया के हैं और पूरी मैनेजमेंट टीम भी मलेशिया की ही है!
🙄🤔
😡😡

इसके अध्यक्ष को मेजर आर्चबिशप कहाँ जाता हैं!

Synod इस चर्च की सबसे ताकतवर कमेटी हैं इसका मुखिया बिशप ही होता हैं!

The SYRO मालाबार चर्च दुनिया के कैथोलिक इसाईयत का सबसे शक्तिशाली विंग हैं!
जिसका ओहदा उसकी अपनी सम्पत्ति की वजह से हैं!
🙄🤔

यह इनकम टैक्स भी नहीं देते हैं!
क्योंकि यह माइनॉरिट संस्थान है

और सरकार इसकी सम्पति का ब्यौरा भी नहीं देख सकती हैं!
🤔
😡
इस वजह से इनके वास्तविक सम्पति का आज तक हमारे अपने देश के किसी भी विद्वान, बुद्धिमान, जागरूक, होशियार, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कहलाने वाले नेताओं को भी पता नहीं हैं!
क्योंकि इनका ऑडिट भी नहीं होता हैं!🤔
😡

अल्पसंख्यक के नाम पर यह बहुत बड़ा गोरखधंधा हिन्दुस्तान राष्ट्र के अंदर खुलेआम चल रहा हैं!

यह एक प्रकार से ईस्ट इंडिया कम्पनी के जैसा ही कारोबार हैं!
😡

यहाँ पर आश्चर्य का विषय यह हैं कि हमारे देश का संविधान और नेता इनके सामने असहाय हैं!

इसके पास जो जमीनें हैं उसका भी हमारे देश के सरकार के पास कोई व्यवस्थित लेखा-जोखा नहीं हैं!

अगर किसी एक के खिलाफ कोई कोर्ट जाता हैं तो उसके सहयोग के लिए एक साथ हज़ारों लोग खड़े हो जाते हैं जैसे वे रक्तबीज हों!

लेकिन हम अपने ही लोगों के खिलाफ चाहे वह टाटा, अंबानी, अडानी रामदेव हों जो देश को टैक्स भी देते हैं फिर भी हम इनके खिलाफ क्योंकि हम इनको जानते हैं! उन मिशनरियों के बारे में नहीं जानते जो देश को खोखला कर रहीं हैं!

इनकी सारी सम्पति का लगभग 50% हिस्सा तो सिर्फ शिक्षा संस्थानों के पास हैं!

जहाँ ज्यादातर हिन्दुओं के बच्चे महंगी फीस देकर पढ़ते आ रहें हैं, इनमे बच्चों को भारतीय मूल्यों से दूर किया जाता है, ईसायत का भाव दिया जाता है.

यही पैसा लोगों को कन्वर्ट करने में!
साधुओं की हत्या प्लानिंग में
नक्सलवाद में और ना जाने कितनी ही अन्य साजिशों में उपयोग हो रहा हैं…..?

यहाँ पर यह उल्लेखनीय हैं कि

हिन्दू संस्थाओं द्वारा संचालित सभी स्कूलों पर टैक्स भी लगता हैं!
और RTE जैसे कानून भी लगते हैं!

जो की कान्वेंट स्कूल पर लागु नहीं हैं

इसकी वास्तविक सच्चाई को पढ़ने और समझने के बाद आपका हर कदम आने वाली पीढ़ी के कदमों को इस देश में मजबूती से जमाएगा!

अब निर्णय आपको करना हैं

अब यह सब बाते स्वयं हमको समझना चाहिए कि उनका ही पैसा एक दिन उनकी आने वाली पीढ़ियों को निगल ना जाये!

अरुण सुकला