Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

किसी गाँव में एक भला आदमी रहता था । उसकी एक पत्नी थी । भली औरत थी । 5 – 7 बच्चे थे । परिवार गरीब था । फिर भी दोनों मेहनत मजूरी कर के गरीबी में ही सही बच्चों का पेट पाल लेते थे। सब कुछ सही चल रहा था । बच्चे खा पी रहे थे । पढ़ लिख रहे थे ।
फिर एक दिन उस आदमी के सिर न जाने क्या फितूर चढ़ा ……… वो बिलावजह अपनी बीवी पे शक करने लगा । दोनों में झगड़ा होने लगा । रोज़ कलह होने लगी । गाँव घर के लोगों ने समझाया बुझाया । ऊँच नीच समझाई । ये समझाया की इस कलह से घर बर्बाद हो जाएगा ।पर मति मारी गयी हो तो कुछ समझ नहीं आता । एक दिन उसने मार पीट के बीवी को घर से निकाल दिया ।
पर 4 दिन बाद ही अकल ठिकाने आ गयी । बीवी थी तो घर भी सम्हालती थी । बच्चे भी पालती थी । और मेहनत मजूरी भी करती थी । अब बच्चे भूख से बिलबिलाते थे । कोई सम्हालने वाला न था ।
पर किसान को अकल फिर भी न आई । बोला उसको वापस नहीं लाऊंगा ।
नयी बहू ले के आऊंगा ।
गाँव में एक वेश्या रहती थी । । उसी को घर ले आया ।
ले तो आया ……. पर उसके साथ घर से निकलना दूभर था । उसका इतिहास भूगोल सब जानते थे । वेश्या न खुद बसती है न किसी को बसने देती है ।
किसान के बच्चों के भाग्य में बिलबिलाना ही लिखा था ।
बिहार की यही दशा है । अच्छी खासी NDA की सरकार चल रही थी । बिहार प्रगति के रास्ते पे जा रहा था । नितीश की दुर्बुद्धि और आत्मश्लाघा ने कहीं का न छोड़ा । अब भाजपा का साथ छोड़ लालू जैसे बदनाम शख्स के साथ गलबहियां डाले हैं । सांप छछून्दर की गति हैं । न निगलते बनता है न उगलते । बदनाम लालू का जंगल राज याद आता भी है और भूलने की कोशिश भी करते हैं ।
उधर बिहार बेचारा विकास की बाट जोहता बिलबिला रहा है ।

मीरा गोहल

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